क्यों मंडल कारा के बंदी के परिजन 27 सिंतबर से देंगे धरना

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मारपीट, प्रताड़ना और जेल ट्रांसफर करने का आरोप लगाया

सहरसा: मंडल कारा सहरसा में बंद बंदियों ने कारा प्रशासन के खिलाफ सामूहिक रूप से बिना वजह मारपीट, प्रताड़ना और जेल ट्रांसफर करने का आरोप लगाया है ।जिसके खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायाधीश को आवेदन देकर सैकड़ों बंदियों ने कार्रवाई करने की मांग की है ।बंदियों ने बताया कि आठ सितंबर को शाम पांच बजे बंदियों और सिपाहियों के बीच विवाद हुआ। जिसके बाद अचानक स्पीकर से एनाउंसमेंट हुआ कि इधर-उधर घूम रहे बंदी अपने बैरेक में चले जाए। जब सभी बैरेक में चले गए तो प्रभारी उपाधीक्षक की मौजूदगी में कुछ देर बाद मुख्य कक्षपाल अशोक कुमार सिंह दर्जनों की संख्या में बीएमपी, गृह रक्षा वाहिनी, जेल सिपाहियों के साथ सभी वार्ड खुलवाकर करीब सौ बंदियों को बेरहमी से मारपीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। अमानुषिक व्यवहार किया। बंदियों ने बताया कि जेल में इन दिनों ड्रग्स माफियाओं का साम्राज्य है। कुछ अधिकारी और बड़ा जमादार सहित अन्य कर्मी मिलकर कई प्रकार के नशे का कारोबार कर रहे हैं। बंदियों की प्रताड़ना का मुख्य कारण इसका विरोध करना है। चार सितंबर से लेकर आठ सितंबर के दौरान अकारण बाहरी पुलिस द्वारा मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। कई दिन बीत जाने के बाद भी इलाज नहीं कराया गया और न ही बंदी उपसथापन करवाया गया। चिल्ड्रेन वार्ड में भी मारपीट किया गया। इससे बंदी सहित उनके परिजनों में गुस्सा है। परिजन 27 सिंतबर से धरना देंगे। बंदी देवानंद यादव, प्रभाकर उर्फ पिंटु सिंह, रुपेश कुमार सिंह, संजीव कुमार यादव सहित दर्जनों बंदियों ने कार्रवाई करने की मांग की है।