हाल बिहार के शिक्षा-व्यवस्था का:3 सरकारी स्कूल 7 कमरों में संचालित

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”एक कमरे में दो से तीन कक्षा की होती है पढ़ाई”

स्कूल का हाल देखिए

सहरसा : कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय सहरसा का एक ऐसा सरकारी विद्यालय जहां 7 कमरे में 3 सरकारी विद्यालय संचालित हो रही है ।जहां एक कमरे में दो से तीन कक्षा की पढ़ाई होती है। जर्जर भवन के बीच इस विद्यालय की तस्वीर देख आपके होश उड़ जाएंगे। इस विद्यालय को देख कर आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि किस तरह से छात्र एवं छात्राएं इस जर्जर विद्यालय में पढ़ाई कर अपने भविष्य को सवारने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

जिला मुख्यालय के कोशी कॉलोनी में वर्षो से जर्जर हालत में तब्दील सरकारी विद्यालय मैं पढ़ रहे बच्चे का भविष्य अंधकार में जा रहा है। इस विद्यालय के प्रिंसिपल की माने तो विद्यालय की भवन भी जर्जर हो चुकी है एक कमरे में दो से तीन कक्षा की पढ़ाई की जाती है। जिस कारण बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं ,और शिक्षिका भी किसी तरह बच्चे को पढ़ाती है। बारिश के मौसम में क्लास रूम में पानी टपकता है इसकी जानकारी विभाग को कई बार दी गई है, लेकिन विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

बता दें कि बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंदशेखर भी कोशी इलाके से आते हैं ,और उनके शिक्षा मंत्री बनने के बाद लोग उम्मीद जताए बैठे हैं कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगी लेकिन ना तो अब तक विभाग ने कोई कार्रवाई की और ना ही अब तक भवन की मरम्मत का कार्य हो सका।युवा समाजसेवी समीर पाठक ने बताया कि परिसर में 7 कमरे के इस विद्यालय में तकरीबन 1000 छात्र-छात्राओं का नामांकन है और कम कमरे में कैसे इतने सारे बच्चे पढ़ पाएंगे शिक्षिका को मजबूरन एक कमरे में दो से तीन क्लास कराना पड़ता है जिससे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पर रहा है।