रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ श्रमिकों के हक व अधिकार की लड़ाई लड़ते आरही है : अभिषेक वर्मा

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रेलमंत्रालय, श्रम मंत्रालय एवं संघ के बीच एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक आहूत

डेस्क : भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ सन 1998 ई0 से निरंतर रेलवे मालगोदाम के श्रमिकों के हक व अधिकार की लड़ाई लड़ते आरही है। भारत के लाइफ लाइन कहे जाने वाले रेलवे के आय का 70% आमदनी माल ढुलाई से होता है। जबकि रेलवे का सवारी गाड़ी हमेशा घाटे में जाती है, जिसकी भरपाई माल ढुलाई के मुनाफे से की जाती है। पूरे देश में प्रितिदिन लगभग 40 लाख टन सामानों को लोड-अनलोड कर रेलवे मालगोदाम के श्रमिक देश के कोने-कोने में पहुँचाने का कार्य करता है। इससे यह स्प्ष्ट है कि देश एवं रेलवे के विकाश में इन श्रमिकों का कितना महत्वपूर्ण योगदान है। दिनांक 28 अक्टूबर 2003 को भारत के तत्कालिन यशस्वी प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी के कार्यकाल में संघ के प्रयास से तत्कालीन श्रममंत्री स्व. साहिब सिंह वर्मा जी की अध्यक्षता में रेलमंत्रालय, श्रम मंत्रालय एवं संघ के बीच एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक आहूत की गई थी। बैठक में संघ ने भारत सरकार के समक्ष रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों के हक व अधिकार को प्रस्तुत किया एवं सरकार के तर्कपूर्ण तथ्यों के उपरांत यह प्रस्ताव भी रखा कि जबतक सरकार 44 श्रम कानून की जटिलताओं को दूर नही करेगा, तबतक इन गरीब मजदूरों का भला नही हो सकता है। भारतरत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी के सपनों को साकार करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने 44 श्रम कानून की जटिलताओं को दूर करने के लिए इसे 4 कोड श्रम कानून में परिवर्तित कर पूरे देश के श्रमिकों के भविष्य निर्धारण करने का काम किया है। इसके लिए संघ परिवार माननीय प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता है।दिनांक 23 मार्च 2021 को तत्कालीन श्रममंत्री  संतोष कुमार गंगवार  की अध्यक्षता में रेलमंत्रालय, श्रममंत्रालय एवं संघ के बीच आहूत त्रिपक्षीय बैठक में जब संघ ने रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों के भविष्य के लिए उचित मांगों को प्रस्तुत किया तब  श्रममंत्री  इन मांगों को जायज ठहराते हुए स्वीकृति प्रदान की, साथ ही बैठक में श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह भी निर्णय लिया कि ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से रेलवे वेयर हाउस वर्कर के रूप में इन श्रमिकों का सरकारी पंजीकरण कर, इनको सभी स्वीकृत सरकारी सुविधा प्रदान किया जाएगा। संघ, इस निर्णय के लिए माननीय श्रम मंत्री जी का भी आभार प्रकट करता है।कोरोना काल जैसे विकट परिस्थिति में, जब सम्पूर्ण भारत वर्ष संकट के दौर से गुजर रहा था, एवं देश के गरीब जनता भुखमरी के कगार पे था, तब माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के महत्वपूर्ण निर्णय, कि सम्पूर्ण भारत वर्ष के गरीब जनता को 5 महीने मुफ्त राशन-पानी दिया जाएगा, प्रधानमंत्री  के इस निर्णय को सम्मान देते हुए भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के तमाम श्रमिकों ने अपनी जान की बाजी लगाकर रेलवे माल गोदामों में राशन सामग्रियों को लोड-अनलोड कर भारत वर्ष के कोने-कोने में राहत सामग्रियों को पहुंचाने का काम किया है। सरकार ने भी जब संघ के माध्यम से इन तथ्यों से अवगत हुआ, तब संघ एवं रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों की सराहना करते हुए यथोचित सम्मान देने का कार्य किया, जिसके लिए संघ परिवार भी भारत सरकार की प्रशंसा करती है।भारत सरकार के महत्वपूर्ण परियोजना, ई-श्रम पोर्टल में सम्पूर्ण भारत वर्ष के लगभग 38 करोड़ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का सरकारी पंजीकरण होरहा है, जिसमें रेलवे माल गोदाम के लगभग 8 से 10 लाख श्रमिक साथी हैं। रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों का पंजीकरण रेलवे माल गोदाम पर केम्प लगाकर होना है, जिसकी विभागीय निर्देश श्रम मंत्रालय द्वारा रेलमंत्रालय को प्रेषित हो चुकी है। इस संदर्भ में दिनांक 22/12/2021 को माननीय लोकसभा सांसद-  जगदम्बिका पॉल जी की अगुवाई में संघ के माननीय राष्ट्रीय प्रभारी-  मनोरंजन कुमार जी के साथ माननीय रेल बोर्ड अध्यक्ष- सुनीत शर्मा जी के बीच रेलमंत्रालय में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुआ, जिसमें रेलवे माल गोदाम पर केम्प के माध्यम से श्रमिकों के सरकारी पंजीकरण एवं इस पंजीकरण में रेलवे प्रशासन की अहम भूमिका पर गहन विचार-विमर्श हुआ। माननीय रेलबोर्ड अध्यक्ष ने भारत वर्ष के सभी रेल महाप्रबंधक को इस कार्य के लिए निर्देश जारी किए, एवं संघ से डिवीजन अथवा जोन स्तर पर संघ के पदाधिकारियों की सूची भी मांगी। आगामी, माननीय रेल मंत्री जी, माननीय श्रम मंत्री जी एवं संघ के प्रतिनिधि मंडल के बीच श्रमिकों के हितार्थ आहूत होने वाली त्रि-पक्षीय बैठक की चर्चा की गई। माननीय रेल बोर्ड अध्यक्ष- सुनीत शर्मा जी के इस निर्णय पर कोशी क्षेत्र के संघ के बिशिष्ट सदस्य-  अभिषेक वर्मा , ए के गुड्डू ,  शिवालक पासवान जी, सामन्त कुमार रिंकू जी, इन्द्रकांत , रवि वर्मा ,रूपकान्त सरदार , लाल पण्डित , मंजय सरदार , बिजय सरदार , अमरेंद्र सरदार , शैलेन्द्र सरदार , पंकज कुमार , प्रभात कुमार सिन्हा , शशि भूषण सूतिहार , जीवन वर्मा , पंकज मिश्रा ,  संजीव कुमार सिंह , इमरान आलम एवं अन्य सभी श्रमिकों की तरफ से उनका हृदय से आभार प्रकट करती है, साथ ही श्रमिकों के कल्याणकारी निर्णय के लिएमा ननीय रेलमंत्री  एवं माननीय यशस्वी प्रधानमंत्री- नरेंद्र मोदी जी का भी आभार प्रकट करती है।