बिना ढोंग जीतनराम मांझी मांगे माफी,वरना ऐसे जीभ सौ बार कटेंगे : गजेंद्र झा

291
पार्टी से निष्‍कासित भाजपा नेता गजेंद्र झा ने फिर पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी को ललकारा
 
कहा – बिना शर्त माफी मांगे, वरना देश में मुंह छुपाने को नहीं मिलेगा जगह
 
पटना :  पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी की जीभ काटने वाले बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी से निष्‍कासित गजेंद्र झा ने आज पटना में संवाददाता सम्‍मेलन कर एक बार फिर से उन्‍हें ललकारा और कहा कि जब तक जीतन राम मांझी बिना शर्त माफी मांग नहीं लेते, तब तक मैं अपने बयान पर कायम हूं। क्‍योंकि मैं राजनेता से पहले राष्‍ट्रवादी हूं। ब्राह्मण हूं। उन्‍होंने मेरे कुल पर प्रतिघात किया, तो मैंने उसका प्रतिकार किया। उन्‍होंने पार्टी के निष्‍कासन पर कहा कि मैं पार्टी के कार्यकारिणी का सदस्‍यत था। मुझे जिला अध्‍यक्ष ने निष्‍कासित किया, जब मुझे पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष या राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व ने नहीं।झा ने कहा कि राजनीतिक दलों को सरकार बनानी है। चलानी है। राजनेता से पहले राष्‍ट्रवादी हूं। हिंदुस्‍तानी हूं। हिंदू हूं। ब्राह्मण का बेटा हूं। मुझे मेरे सनातन धर्म और कुल की जिम्‍मेदारी ने ललकारा है। पूर्व मुख्‍यमंत्री के अर्नगल प्रलाप ने मुझे आज देश में पहचान दी है। उनका बयान स्‍पाउंसर्ड है, जो देश की एकता और अखंडता को खंडित करने वाला है। यह देश को कोई नागरिक बर्दाश्‍त नहीं करेगा। उन्‍होंने कहा कि मांझी ने माफी का ढोंग किया है। माफी में समर्पण होता है, शर्त नहीं। उन्‍होंने माफी भी ऐसा ब्राह्मण, वैसा ब्राह्मण यानी शर्त अनुसार मांगी है। जबकि ब्राह्मण सिर्फ ब्राह्मण है, जिसने सनातन धर्म से समाज को रास्‍ता दिखाया है।गजेंद्र झा ने कहा कि मुझे मेरे बयान के बाद कुछ लोग कई माध्‍यमों से जान से मारने तक की धमकी दे रहे हैं। लेकिन मैं अब किसी से डरने वाला नहीं हूं। मेर सर अब झुकने वाला नहीं है। चाहे मुझे फांसी दो या काल कोठरी में डाल दो। अभी तो एक परशुराम खड़ा हुआ है और मेरे बाद हर घर से गजेंद्र झा निकलेगा। इसलिए वक्‍त रहते वे माफी मांग ले, वरना उन्‍हें इस देश में रहने तो क्‍या मुंह छुपाने की जगह नहीं मिलेगी। उनका भोजन ब्राह्मण क्‍या, कोई हिंदू भी नहीं करेगा, जो सनातन धर्म का हो और मंशा साफ हो।