हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री से मिले ग्राम रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष रामप्रसाद राउत

कोशी एक्सप्रेस: ब्रजेश चन्द्र की रिपोर्ट

ग्राम रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष रामप्रसाद राउत ने हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री मूल चंद्र शर्मा से की मुलाकात। मंत्री श्री शर्मा ने विकास के बारे में दी मुख्य जानकारी।

                               05.11. 2021 को हरियाणा सरकार के परिवहन, खनन एवं कौशल विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री मूल चंद्र शर्मा जी के आवास पर जाकर दीपावली एवं गोवर्धन पूजा के शुभ अवसर पर एक दूसरे को गुलदस्ता भेंट कर शुभकामनाएं व्यक्त किए और माननीय मंत्री जी एवं उनके बड़े भाई पंडित टीपरचंद्र शर्मा जी से मिलकर काफी गौरवान्वित महसूस किए। मुझे लगा ही नहीं कि मैं एक हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री से मिल रहा हूं बल्कि मुझे लगा कि अपने परिवार के एक सदस्य से मिल रहा हूं। —-रामप्रसाद राउत.

                        हरियाणा सरकार के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, इसी प्रतिबद्धता के साथ वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में अनेक ऐतिहासिक निर्णय को लागू किया है, उन्होंने कहा कि किसी गरीब ने कल्पना भी नहीं किया था कि उनके समाज से कोई व्यक्ति बिना रिश्वत के सरकारी नौकरी मिल जाएगी लेकिन सरकार ने यह सपना साकार कर दिखाया है। गरीब परिवार के बच्चे भी पढ़ लिखकर नौकरी पा सकेंगे उनके विचारों को सुनकर प्रभावित हुआ।

                             साथ ही सरकार ने राज्य के किसानों को जोखिम फ्री किया है, देश के किसी भी अन्य राज्यों में ऐसी नहीं मिलती है साल 2014 से पहले किसानों को दो ₹2 के चेक मिलते थे जिसे इस सरकार ने न्यूनतम ₹500 निर्धारित किया है। फसल खराब होने पर पहले जो आपदा राशि ₹6000 पहले दी जाती थी उसे बढ़ाकर 12000 प्रति एकड़ किया।
फसलों के खराब होने का आकलन 50% होने पर किया जाता था मगर भाजपा सरकार ने इसे 33% प्रतिशत किया ताकि किसानों को नुकसान ना हो।

                          फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रदेश के किसानों को हजारों करोड़ों की राशि दी गई, फसल बीमा नहीं लेने वाले किसानों को भी नुकसान ना हो इसके लिए सरकार ने दूसरे मद से भी हजारों करोड़ों रुपए से अधिक की राशि से प्रदेश के लाखों किसानों को लाभ पहुंचाया है इतना ही नहीं पशुधन क्रेडिट कार्ड और पशुपालकों को ऋण दिया गया उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद करती है और उसका भुगतान 72 घंटों में किया जाता है। यदि किसी कारणवश भुगतान में देरी होती है तो किसानों के ब्याज के साथ उसका भुगतान करने की भी पहल हरियाणा सरकार ने की है।