समीक्षात्मक बैठक: आपदा प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी एवं कर्मी एलर्ट मोड में रहें- प्रभारी मंत्री

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आपदा से जान-माल की क्षति न हो यह सरकार की मंशा है इसे सुनिष्चित करें : जीवेश कुमार
सहरसा : बाढ़ पूर्व तैयारी के संदर्भ में आपदा प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी एवं कर्मी एलर्ट मोड में रहें। तटबंध में कटाव के दृष्टिकोण से जहां-जहां संवेदनशील एवं अति संवेदनशील स्थल हैं वहां पदाधिकारी एवं कर्मीगण युद्ध की स्थिति में तत्पर रहें। संभावित बाढ़ आपदा से जान-माल की क्षति न हो यह सरकार की मंशा है इसे सुनिष्चित करें। आज विकास भवन के सभागार में जिला प्रभारी मंत्री -सह- श्रम संसाधन एवं सूचना प्रोवैधिकी विभाग मंत्री  जीवेश कुमार समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि कोविड की तीसरी संभावित लहर को रोकने में टीकाकरण सबसे महत्वपूर्ण एवं कारगर है। सभी दल के प्रतिनिधिगण अपने स्तर से टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करते हुए अपनी जिम्मेबारी निभाएं। विगत कोविड महामारी के समय जिला प्रसाशन के प्रयासों से समस्या काफी कम हुई है और स्थिति नियंत्रण में है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत इस वर्ष 2 प्रतिषत हरित आवरण में वृद्धि के लिए सभी संबंधित विभाग तत्परता के साथ कार्य करें। सहरसा में आने वाले दिनों में 23 ट्रेड में सेन्टर आफ एक्सेलेंस खुलेगा। श्रमिक एवं स्टूडेन्ट के लिए परामर्ष केन्द्र भी खोले जाएंगे। साथ हीं मेगा स्कील सेन्टर बनाये जाने के प्रस्ताव है। मधेपुरा और सुपौल जिला के भांति हीं खाद्यान्न के भंडारण के लिए नये अधिक क्षमता के एस.एफ.सी. के अन्तर्गत 5000 एम.टी. क्षमता का गोदाम का निर्माण किया जाएगा। 
प्रभारी मंत्री ने कहा कि सहरसा जिलान्तर्गत पथ निर्माण विभाग की सभी सड़कें ओ.पी.एम.आर.एल.के तहत है। इसके अन्तर्गत सड़कों का बेहतर रख-रखाव करते हुए गढ़्ढ़ा मुक्त सड़क के रूप में इसे मेन्टेन करें। संबंधित विभाग के अभियंता इस दिशा में संज्ञान लेते हुए संवेदक पर नजर रखते हुए  कार्य में कोताही नही हो इसका पूरा ध्यान रखें। आँगनबाड़ी केन्द्र संचालन में षिकायतों को दूर करते हुए बच्चों का कुपोषण दूर करना जिला का लक्ष्य निर्धारित हो। 
समीक्षात्मक बैठक में जिलाधिकारी  कौशल कुमार ने प्रभारी मंत्री को जिला प्रषासन द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारियों के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी। बताया कि विगत तीन माह में जिले में समान्य से अधिक वर्षापात हुई है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र एवं संकटग्रस्त व्यक्ति समूहों की पहचान कर ली गई है। संसाधन मानचित्रण के अंतर्गत नाव, मोटर वोट, गोताखोर, लाइफ जैकेट, महाजाल, शरण स्थल आदि की तैयारियां कर ली गई है। सहरसा जिलान्तर्गत चार प्रमंडल के अधीन 65 कि॰मी॰ तटबंध का भाग है जिसमें 27 संवेदनषील एवं 01 अति संवेदनषील स्थल चिन्हित किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि उक्त स्थलों पर नजर रखते हुए नियमित रूप से अनुश्रवण किये जा रहे हैं। मानव दवा एवं चिकित्सा दल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रभारी मंत्री ने सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर सांप काटने की दवा की उपलब्धता सुनिष्चित करने का निर्देष दिया। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि पूर्व वर्ष के नाव का किराया एवं नाविकों केे मानदेय का बकाया भुगतान आवंटन प्राप्त कर किया गया है। बाढ़ पूर्व से संबंधित शेष सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।जिलाधिकारी ने कोविड 19 के द्वितीय लहर के संदर्भ में जानकारी देते हुए कहा कि 09 मार्च 2021 के बाद कुल-231682 कोविड जाँच किये गये जिसमें 10307 व्यक्ति संक्रमित पाए गए। कुल-10109 व्यक्ति रिकवर कर गये हैं और वर्तमान में मात्र 49 पाॅजिटिव मामले जिले में है। कोविड से 143 व्यक्तियों की मृत्यु हुई जिसमें से 17 मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान की राषि उपलब्ध करा दी गई है। शेष मृतकों के आश्रितों को आवंटन प्राप्त होने पर शीघ्र अनुदान की राषि उपलब्ध करा दी जाएगी। इस संदर्भ मंे अन्य तैयारियां कर ली गई है। टीकाकरण के लिए विशेष अभियान चालये जा रहे हैं। शहरी क्षेत्र को आगामी 15 जुलाई 2021 तक शत-प्रतिषत अच्छादन का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, हर घर नल का जल योजना,शिक्षक नियोजन 2019-20 के अंतर्गत अभ्यर्थियों की काउन्सिलिंग, गेहुँ एवं धान अधिप्राप्ति, ग्रामीण विकास से संबंधित, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, मनरेगा, के अद्यतन प्रगति के संदर्भ में माननीय प्रभारी मंत्री को अवगत कराया गया।      बैठक में उपस्थित सांसद, विधायक, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जन समस्याओं एवं अपने-अपने सुझाव से अवगत कराया। महिषी विधानसभा क्षेत्र के विधायक गूँजेश्वर साह ने अपने विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत कई पंचायतों में जल-जमाव के समस्या के संदर्भ में ध्यान आकृष्ट कराया। साथ हीं नगर परिषद क्षेत्र में नाला निर्माण के संदर्भ में आउटलेट की व्यवस्था सुनिष्चित कराने का अनुरोध किया।
मधेपुरा सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि जन समस्याओं के प्रति जिला प्रषासन द्वारा किये गये कार्य सराहनीय है। हर घर नल का जल निष्चय योजना एवं नगर परिषद क्षेत्र में बुडको द्वारा क्रियान्वित किये जा रहे नाला निर्माण कार्य समय-समय पर गुणवŸाा की जांच करायी जाय।
राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि कम्युनिटी रेडियो पर जिला प्रषासन को काम करना चाहिए। यह आपदा के समय लोगों तक पहुँचने एवं आपदा नियंत्रण में काफी कारगर हो सकता है। मनरेगा का दायरा बढ़ाने से मानव दिवस भी बढ़ेगा इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जाना अपेक्षित है। उनकी निधि से होम्योपेथ के काॅलेज के कैम्पस में बने लाइब्रेरी का स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु केन्द्र के रूप में उपयोग करने का अनुरोध किया गया।
कला संस्कृति एवं युवा विभाग मंत्री आलोक रंजन ने जिलाधिकारी के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा कोविड क्राइसिस के समय किये गये कार्य काफी सराहनीय रहा है। ग्रामीण कार्य विभाग की सड़कें भी मेन्टेनेंस के दायरे में है लेकिन विभागीय अभियंताओं के कारण खासकर ग्रामीण सड़कों में सुधार की जरूरत है। इसके लिए जिला पदाधिकारी स्तर से सख्त माॅनिटेरिंग आवष्यक है। गाँधीपथ में जल-जमाव की समस्या की समीक्षा कर आउटलेट की व्यवस्था का सुझाव दिया गया। बैठक में कला संस्कृति एवं युवा विभाग मंत्री  आलोक रंजन, राज्य सभा सांसद  मनोज कुमार झा, मधेपुरा सांसद  दिनेश चन्द्र यादव, महिषी विधान सभा क्षेत्र के विधायक गूँजेश्वर साह एवं जिलाधिकारी कौशल कुमार, पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह, अपर समाहर्ता विनय कुमार मंडल, उप विकास आयुक्त राजेश कुमार सिंह, विभिन्न तकनीकी एवं गैर तकनीकी विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारी के अतिरिक्त विभिन्न राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।