कोरोना काल में भी परिवार नियोजन की पूरी तैयारी: डीसीएम

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11 जुलार्इ को विश्व जनसंख्या दिवस
जिले में 27 जून से 10 जुलार्इ तक दंपति संपर्क पखवाड़ा
11 जुलाई से 31 जुलार्इ तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का आयोजन

सहरसा: पूर्व के भांति इस वर्ष भी 11 जुलार्इ को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाना है। इस अवसर पर जिले में 27 जून से 10 जुलार्इ तक दंपति संपर्क पखवाड़ा एवं 11 जुलाई से 31 जुलार्इ तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का आयोजन किया जाना है। उक्त जानकारी डीसीएम सहरसा राहुल किशोर द्वारा दी गई। उन्होंने बताया वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर में कम होते संक्रमितों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्व की भांति बहाल करने एवं निर्बाध रुप से जारी रखने की कवायद की जा रही है।

कोरोना काल में अनुपलब्ध थी सेवाऐं-
डीसीएम राहुल किशोर ने बताया कोरोना काल में परिवार नियोजन संबंधी सेवाऐं बाधित थी। इस संकट के दौर में सेवाओं की अनुपलब्धता के कारण अनचाहे गर्भधारण में कोर्इ भी वृद्धि, मातृ मृत्यु दर को प्रभावित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य देखभाल की लागत तथा नवजात स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक प्रजनन स्वास्थ्य सेवाऐं मुख्य रुप से आधुनिक लघु एवं लंबे समय तक काम करने वाली गर्भनिरोधक की सूचना से आमजन को प्रदर्शित करने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। इसी क्रम में अपर सचिव एवं मिशन निदेशक के माध्यम से 27 जून से 10 जुलार्इ तक दंपति संपर्क पखवाड़ा एवं 11 जुलार्इ से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का आयोजन करने का निर्देश प्राप्त हुआ है।

आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी-सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी-
राहुल किशोर ने कहा इस वर्ष जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का थीम आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी-सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी दिया गया है। इसके तहत जिले में बीते 27 जून से 10 जुलार्इ तक दंपति संपर्क पखवाड़ा जारी है वहीं 11 जुलार्इ से 31 जुलार्इ तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का भी आयोजन किया जाएगा। उक्त दोनों कार्य इस कोरोना काल में कोविड नियमों का पालन करते हुए किया जाना है। जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य की प्राप्ति के विडियो कॉन्फ्रेसिंग द्वारा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी व सलाहकार तथा आशा का आॅनलार्इन उन्मुखीकरण किया जाना है, ताकि वे जनसंख्या स्थिरीकरण की आवश्यकता जैसे- सही उम्र में शादी तथा बच्चों में सही अंतर के बारे में आमजन के मध्य चर्चा कर माता और शिशु के स्वास्थ्य को बेहतर किया जा सके तथा गर्भनिरोधक साधनों इत्यादि के प्रयोग के लिए आॅनलाइन परामर्श दिया जाना है।