नियमित टीके से बच्चों की 80 फीसदी तक बढ़ सकती हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता : डॉ० विवेकानंद

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कोविड- 19 के नियमों का पालन कर किया जा रहा नियमित टीकाकरण

सहरसा : स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो कोविड की तीसरी लहर अपना प्रभाव दिखा सकती है। इसकी चपेट में बच्चों की आने की आशंका सर्वाधिक है।ऐसे में नियमित टीकाकरण से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को 80 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए सभी अभिभावक अपने बच्चों को समय से नियमित टीका जरूर लगवाएं। इसमें बरती जाने वाली लापरवाही बाद में भारी पड़ सकती है।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. कुमार विवेकानंद ने बताया कि जब तक कोरोना से बचाने को बच्चों का टीका नहीं आ जाता तब तक बच्चों को नियमित टीके ही समय से लगवा कर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को 80 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. कुमार विवेकानंद ने बताया कि इसीलिए लॉक डाउन के दौरान भी बच्चों के टीकाकरण का कार्य लगातार हो रहा है। माता-पिता अपने बच्चों को टीका अवश्य लगवाएं। नियमित टीका लगवाकर बच्चों को पोलियो, हेपेटाइटिस, टीबी, डीपीटी और टिटेनस जैसी बीमारियों से महफूज रखने के साथ ही कोरोना संक्रमण के खतरे से भी बचाया जा सकता है।

बच्चों में लगने वाले नियमित टीके विभिन्न गंभीर बीमारियों से बच्चों को बचाते हैं

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. कुमार विवेकानंद ने बताया कि यदि समय से बच्चों में सभी टीके लगवा दिए जाएं तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता 80 फीसदी तक बढ़ जाती। कोरोना काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्टांग होनी जरूरी है। जिसकी इम्यूनिटी मजबूत है वह कोरोना से जंग जीतने में सक्षम है, इसलिए माता-पिता बच्चों को नियमित टीका लगवाने में कतई देरी न करें। समय से सभी टीके किसी भी सरकारी अस्पताल में पहुंचकर लगवाए जा सकते हैं।मुफ्त हैं गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीके

बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क टीके लगवाए जा रहे हैं। अभिभावक टीका कार्ड के हिसाब से सेंटरों पर पहुंचकर बच्चों को टीके लगवा सकते हैं।डिप्थीरिया, काली खांसी, हेपेटाइटिस-बी, मेनिंजाइटिस, टिटनेस, पोलियो, टीबी, खसरा व निमोनिया, जेई का टीका रोटा वायरस, आईपीवी, खसरा, रूबेला आदि टीके निशुल्क लगाए जाते हैं।