Positive News: दो सगे भाइयों ने दी कोरोना को मात

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कोरोना संक्रमित  होने पर कई मरीज नाउम्मीद होकर हथियार डाल दे रहे हैं, वहीं सहरसा के दो भाइयों ने कोरोना को चारो खाने चित कर महत्यपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने सिद्ध कर दिया कि इच्छाशक्ति व सकारात्मक सोच के साथ इस गंभीर बीमारी को आसानी से मात दिया जा सकता है। सहरसा के कहरा ब्लॉक रोड में प्रगति क्लासेज चलाने वाले 2 भाइयों ने कोरोना को मात दिया है।

नंदन कुमार कहते है कि 2 अप्रैल से बुखार आ रहा था 7 अप्रैल को टेस्ट कराने के बाद पता चला पोजेटिव हो गए । उसके बाद 9 तारीख को अस्पताल में भर्ती हुए और 15 को डिस्चार्ज हुए इस दौरान बहुत अनहोनी का आशंका बना हुआ रहता था लेकिन इस दौरान अपने आप को हमेशा मजबूत बनाए रखने का प्रयास करते रहते थे सिर्फ हम अपने सोचने से मजबूत नहीं हुए इसके लिए हमारे परिजनों एवं सहयोगी का सकारात्मक सहयोग हमेशा मिलता रहा ये सभी ने यह ऐहसास नहीं होने दिया कि हम अकेला है जिससे मेरा मनोबल बहुत मजबूत बना रहा ।जहां लोगों को Corona होने के बाद परिजन साथ छोर देते वहां हमारे परिजन के साथ बहुत सारे सहयोगी आगे पीछे रह हिम्मत प्रदान करते रहे। जिसके बदोलत हम Corona को हरा पाए इस दौरान हम यह महसूस किये की सिर्फ अच्छे अस्पताल या महंगी दबाई से ही इसपर विजय नहीं पाया जा सकता इसके विजय पाने के लिए हिम्मत बहुत जरूरी है जो हमे सब तरफ से मिल रहा था अस्पताल से निकलने के 2 दिन बाद ही मेरे परिवार के 4 और लोग Positive  हो गए लेकिन गनीमत कहिये ये लोग को कम लक्ष्ण आए और 4 से 5 दिन बुखार लगने के बाद ठीक हो गए लेकिन मेरा भाई चंदन कुमार धीरे धीरे Serious होते गया फिर 25 April को अचानक Oxygen Level गिरने लगा फिर पटना के एक निजी अस्पताल में इनको भर्ती करवाया उस समय Corona का Pic Point था काफी जद्दोजहद के बीच आईसीयू बेड मिल पाया वहां जब Ct Scan हुआ तो हमलोग का होश उड़ गया क्युकी Lungs 80% Infected हो गया था और 28 दिन संघर्ष करते हुए 23 मई को Discharge हुए  इन 28 दिनों में हमेशा अनहोनी से गुजरा लेकिन सभी परिवार जनों एवं चंदन को इसका ऐहसास नहीं होने दिए ब्लकि सकारात्मक न्यूज हमेशा बताते रहे ।वहां 90% वाला ठीक हो गया तो वहां 20 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद ठीक हो गया जबकि इस दौरान इससे कम Infected जान पहचान के लोगों का मौत का खबर सुन अंदर से हिल जाते थे उन मरने बलों में अधिकतर लोगों को देखे उनमे हिम्मत की कमी  थी और परिजनों का अपेक्षाकृत कम सहयोग मिलने के कारण अकेला पन महसूस होना था इस लिए हम सभी से आग्रह करना चाहते है की जिनके भी घर मे ऐसा हो उसे अकेलापन महसूस नहीं होने दे।
वही चंदन कुमार का कहना है कि इस बीमारी को हराने के लिए हिम्मत का होना बहुत जरूरी है जिस समय हम अस्पताल में भर्ती हुए थे उस समय Corona का Pic पॉइंट था और एक से एक लोगों के मरने का खबर सुनकर अंदर से हिल जाते थे और डरने के बाद यह देखे कि Oxygen Level भी गिरने लगता था फिर अपने आपको सकारात्मक बाते जो परिजनों के द्वारा बताया जाता था उसको अपने माइंड में रख अपने आपको मजबूती प्रदान करते थे इस दौरान हम महसूस किये की कुछ मौतें अस्पताल के कर्मी के लापरवाही एवं उनके मानवीय भूल के कारण भी हुए होंगे क्यूँकी मेरे साथ भी कुछ ऐसा हुआ जबकि हम निजी अस्पताल में थे तो सरकारी अस्पताल में क्या होता होगा समझ सकते है हम अपने साथ लापरवाही को इसलिए पकर पाए कि जिस दिन मेरे साथ लापरवाही हुआ उससे दो दिन पहले यूट्यूब पर एक वीडियो देखे जो कि एक आर्टिस्ट राहुल बोहरा का था उन्होंने अस्पताल में भर्ती के दौरान दिखाया था कि Oxygen Mask तो लगा हुआ है लेकिन उससे Oxygen नहीं मिल पा रहा था और अस्पताल वाले बोल रहे थे सब ठीक है लेकिन अगले दिन उनका मौत हो गया मेरा भी अस्पताल में जब स्थिति कुछ ठीक हुआ तो Oxygen 10 Ltr से धीरे धीरे 2 Ltr कर दिया गया था उसके एक दिन बाद ही हमे अचानक Problem होने लगा तो हम भी वहां जो Nursing स्टाफ था उसको बोले हमे साँस लेने में दिक्कत हो रहा है वो धीरे धीरे Oxygen को 12 Ltr तक बढ़ा दिया लेकिन Problem Ho Hi रहा था और Oxygen Level गिर रहा था।  तो हमे उस वीडियो में जिस तरह खोल खोल के बोल रहे थे इसमें तो हवा आ ही नहीं रहा है उसी तरह हम भी चेक कर देखे तो बहुत कम हवा मिल रहा है तो हम  काफी फोर्स देके बोले आपलोग एक बार Oxygen पाइप को चेक कीजिए तब जाकर पाइप चेक किया तो पाइप लीकेज था इस तरह अपने सूझ बुझ और राहुल बोहरा के वीडियो देखने के कारण मेरा जान बच पायी।नंदन और चंदन ने कहा कि अपने सभी चाहने वालों की दुआ एवं ऊपर वाले के आशीर्वाद से हमे दूसरी जिंदगी मिली है इसलिए हम लोग परिवार के साथ साथ सामाजिक हित एवं उनके शैक्षणिक विकास के लिए पहले से भी अधिक ऊर्जा से हमेशा तत्पर रहेंगे। साथ ही उनलोगों ने  सभी अस्पताल वालों से आग्रह किया कि  लापरवाही नहीं बरते क्योंकि Oxygen के कारण ही बहुत लोगों का मौत हुआ है उसमें लापरवाही का भी बहुत बड़ा हाथ होगा ।