समारोह आयोजित कर कोरोना को आमंत्रण न दे : सिविल सर्जन

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कोरोना की दूसरी लहर की गंभीरता को समझें

सहरसा: जिले में कोरोना के नये मामले कम ही सही लेकिन इनका मिलना जारी है। इस बीच जिले में प्रतिदिन कहीं न कहीं शादी, श्राद्ध सहित कई प्रकार के आयोजनों का मनाया जाना जारी है। इस प्रकार के समारोह का आयोजन भले ही प्रशासनिक अनुमति से किया जा रहा हो, लेकिन ऐसा करना खतरे से खाली नहीं है। इन समारोहों में भाग ले रहे लोगों के संक्रमित होने की सम्भावना अत्यधिक है। इसलिए इस प्रकार के समारोहों का आयोजन कर कोरोना को न्यौता न दें।

सिविल सर्जन डा. अवधेश कुमार ने कहा जिलें में कोरोना के नये मामले प्रतिदिन मिल रहे हैं। यानि लोग कोरोना के बुनियादी नियमों का कठोरता से पालन न करते हुए इससे संक्रमित हो रहे हैं। इस प्रकार के मामलों का सबसे नुकसानदायक पहलू यह है कि इस प्रकार के समारोह में संक्रमित हो रहे लोगों मे जब तक कोरोना के लक्षण उजागर होते हैं तब तक और वे कई अन्य को संक्रमित कर देते हैं। इस प्रकार संक्रमितों की संख्या तो बढ़ती ही है साथ ही संक्रमण का दायरा एक साथ कई स्थानों तक फैल जाता है।दूसरी लहर की गंभीरता को समझें
कोरोना की दूसरी लहर की गंभीरता के बारे में सिविल सर्जन डा. अवधेश कुमार ने कहा दूसरी लहर में कोरोना वायरस के संक्रमण से शिकार हो रहे लोगों का ठीक हो जाने के बाद भी कई अन्य तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे फेफड़ों का कोरोना संक्रमण के बाद आंशिक रूप से काम करना, अधिक दिनों तक शारीरिक कमजोरी बना रहना आदि। वैसे जिले में अभी तक कोरोना से ठीक हुए लोगों में अन्य कोई गंभीर लक्षण नहीं मिले हैं।उन्होंने बताया कोरोना के प्रथम चरण में कोविड वायरस की तीव्रता इतनी नहीं थी, साथ ही यह अधिक आयुवर्ग के साथ वैसे लोगों को हो रहा था जो पूर्व से किसी रोग के शिकार थे। इसका प्रसार भी अधिक तेजी से नहीं हो रहा था। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में वायरस अधिक तेजी से फैला। साथ ही कम आयुवर्ग के लोगों को भी संक्रमित कर रही है। इस दूसरी लहर में इसके चपेट में आये लोगों के ठीक होने बाद भी कुछ में अन्य प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए किसी प्रकार के समरोह का आयोजन करने से पहले एक बार अवश्य सोचें।