प्रदेश अध्यक्ष राम प्रसाद राऊत ने ग्राम रक्षा दल के जांबाज सिपाहियों से की ये अपील

कोशी एक्सप्रेस न्यूज: बी. चन्द्र की रिपोर्ट

बिहार ग्राम रक्षा दल बिहार प्रदेश अध्यक्ष राम प्रसाद राऊत ने संघ की ओर से ग्राम रक्षा दल के सभी जांबाज सिपाहियों को आह्वान किया है कि 05 जून 2021 को विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी मनाने का संकल्प लिया है।

                     जिस प्रकार हमलोग विश्व पर्यावरण दिवस पर सूबे बिहार में लाखों वृक्ष लगाकर बहुत ही बड़ा पुण्य एवं इतिहास को रचने का काम किए थे उसी प्रकार इस वर्ष भी विश्व पर्यावरण दिवस-05 जून से लेकर 15 जून तक सूबे बिहार में पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रत्येक ग्राम रक्षा दल के जवानों को 05 से 10 वृक्ष लगाने का आह्वान किया जा रहा है। मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि इस महत्वपूर्ण अभियान को जरूर सफल बनाने का कष्ट करेंगे।

क्योंकि वृक्ष जीवन प्रदान करने वाली ऑक्सीजन प्रदान करते हैं जिसके बिना मानव जाति का अस्तित्व असंभव है।
आज करोना जैसे महामारी में ऑक्सीजन के लिए हमारे देश में हाहाकार मची है और काफी जाने अभी तक जा चुकी है।
आप सभी जानते हैं कि वृक्षारोपण क्यों जरूरी है। ऑक्सीजन लेने और कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ने के अलावा पेड़ पर्यावरण से अन्य हानिकारक गैसों को अवशोषित करते हैं। जिससे वायु शुद्ध और ताजी बनती है। जितने हरे भरे पेड़ होंगे उतना अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन होगा और अधिक विषैली गैसों को यह अवशोषित करेंगे।

                  प्रदूषण का स्तर इन दिनों बहुत अधिक बढ़ रहा है जिसे रोकने के लिए उपायों में से वृक्षारोपण भी एक उपाय है क्योंकि
01 ऑक्सीजन का स्रोत है पेड़.
02 पर्यावरण को करते हैं शुद्ध.
03 स्वास्थ्य की करते हैं रक्षा.
04 आयुर्वेद के आधार है पेड़,पौधे.
05 जल का करते हैं संरक्षण.
06 भोजन के है मुख्य स्रोत.
07 अर्थव्यवस्था का साधन है पेड़.
08 प्रॉपर्टी की बढ़ाते हैं कीमत.
09 मृदा अपरदन (मिट्टी के कटाव) को रोकते हैं पेड़.
10 अच्छी बारिश के प्रमुख कारण है पेड़.
पेड़ है प्रकृति की शान वृक्षारोपण हेतु चलाओ -05 जून से 15 जून तक अभियान, पेड़ों की रक्षा होगी तभी हमारे जीवन की रक्षा होगी ।

                     बिहार ग्राम रक्षा दल के सभी जवानों ने यह ठाना है, सुबे बिहार में लाखों वृक्ष लगाना है,

पेड़ो के बिना हो जाएगा जीवन अपूर्ण, वृक्षारोपण करके करो प्रकृति को परिपूर्ण,

पेड़ है प्रकृति के प्राण, उन्हें काटकर ना करो इसे निष्प्राण.