ज़िला प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में कोरोना को लेकर डीएम ने वर्चुअल बैठक की

वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से बैठक आयोजित हुई
सहरसा : सहरसा जिला के प्रभारी मंत्री सह- श्रम संसाधन, पर्यटन खान एवं भूतत्व विभाग मंत्री  जीवेश कुमार की अध्यक्षता में सहरसा जिलान्तर्गत कोविड से संबंधित अद्यतन स्थिति के संदर्भ में वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से बैठक आयोजित हुई।
 उक्त बैठक में जिलाधिकारी कौशल कुमार के अतिरिक्त कला संस्कृति एवं युवा विभाग मंत्री आलोक रंजन, सांसद दिनेश चन्द्र यादव एवं प्रोफेसर मनोज कुमार झा, विधान सभा सदस्य युसुफ सलाहउद्दीन, गूँजेश्वर साह, विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष दिवाकर सिंह,राजद जिलाध्यक्ष मो० ताहिर एवं अन्य उपस्थित थे।
सर्वप्रथम जिलाधिकारी कौशल कुमार ने जिले में कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति तथा इसके रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जिला प्रसासन वं स्वास्थ्य विभाग के स्तर से की जा रही कारवाई एवं तैयारियों के संबंध में अवगत कराते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर में विगत 09 मार्च 2021 से अब तक 98724 व्यक्तियों का सेम्पल जाँच की गई जिसके आधार पर कुल-7176 व्यक्ति पाॅजिटिव चिन्हित हुए हैं। वर्तमान में सक्रिय पाॅजिटिव मरीजों के संख्या 2599 है और अब तक 4520 पाॅजिटिव व्यक्ति रिकवर हो चुूके हैं। 27 पाॅजिटिव मरीजों को बेहतर ईलाज के लिए मधेपुरा मेडिकल काॅलेज भेजा गया है। कल तक कुल-30 संक्रमित मरीजों की मृत्यु हुई है। वर्तमान में सक्रिय अधिकतर मरीजों का ईलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। 16 मरीज डीसीएचसी में ईलाजरत है तथा 01 मरीज सदर अस्पताल के आई.सी.यू में और 112 मरीज निजी अस्पतालों में ईलाजरत हैं एवं 17 मरीज का डेडीकेटेड कोविड केयर सेटर पर ईलाज चल रहा है। जहां पहले प्रतिदिन 300 से अधिक पाॅजिटिव मरीज मिल रहे थे वहीं कल दिनांक 07 मई को 247 नये मरीज मिले हैं साथ हीं 428 पाॅजिटिव मरीज स्वस्थ्य होने के बाद डिस्चार्ज किये गये हैं। आर.टी.पी.सी.आर., एन्टीजन एवं ट्रुनेट के माध्यम से टेस्टिंग का कार्य जारी है। दो अतिरिक्त ट्रुनेट मषीन प्राप्त हुए हैं जिससे अधिक टेस्टिंग में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आर.टी.पी.सी.आर. सेम्पल की जाँच लाॅर्ड बुद्धा मेडिकल काॅलेज एवं मधेपुरा मेडिकल काॅलेज द्वारा की जा रही है रेलवे स्टेशन पर दो मोबाइल टीम सहित 17 जाँच केन्द्रों पर सेम्पल जाँच का कार्य किये जा रहे हैं। जाँच कार्य हेतु अतिरिक्त लैव टेक्निषियन की नियुक्ति की जा रही है। वर्तमान में सक्रिय पाॅजिटिव मरीजों में से सबसे अधिक नगर परिषद क्षेत्र, सहरसा अंतर्गत 969 मामले हैं। हालांकि पूरे जिले में संक्रमण का फैलाव हुआ है लेकिन शहरी क्षेत्र की तुलना में अब ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ रहा है। लिंगानुपात के अनुसार 4729 पुरूष एवं 2447 महिला संक्रमित हुए हैं। आयुवर्ग के अनुसार 40 वर्ष से नीचे के आयु में संक्रमण के मामले अधिक है एवं महिलाओं की तुलना में पुरूषों मे अधिक संक्रमण पाया जा रहा है। पाॅजिटिव मरीजों के आधार पर शहरी क्षेत्र में 287 एवं ग्रामीण क्षेत्र 336 कुल 623 कन्टेनमेन जोन प्रभावी है इनमें 3393 हाउस होल्ड एवं 16434 जनसंख्या सम्मिलित हैं। अब तक 122873 व्यक्तियों को प्रथम डोज एवं 28600 व्यक्तियों को द्वितीय डोज का टीकाकरण किया गया है। 51 टीकाकरण केन्द्रों के माध्यम से टीकाकरण की जा रही है। वैक्सिन ससमय प्राप्त हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र में अधिक संख्या में लोग टीकाकरण के लिए आ रहे हैं।

डीएम कौशल कुमार
जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड मरीजों के ईलाज के लिए 11 निजी अस्पतालों को अनुमति दी गई है। इन अस्पतालों में 100 बेड पर 62 आई.सी.यू. एवं 19 वेन्टिलेटर की सुविधा उपलब्ध है। वर्तमान में कोविड मरीजों के ईलाज को लेकर निजी अस्पतालों द्वारा करीब 170 सिलेन्डर तक आॅक्सीजन की मांग बढ़ी है। बेगूसराय एवं भागलपुर रिफीलिंग प्लांट से आॅक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। बेगूसराय जिला को प्रतिदिन एक टेंकर तरल आॅक्सीजन प्राप्त होने पर वर्तमान मांग की पूर्ति होने में कोई समस्या नहीं होगी।
 जिलाधिकारी ने कहा कि निजी अस्पतालों का भी अच्छा सहयोग प्राप्त हो रहा है। सभी निजी अस्पतालों पर दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। रेमडेषिविर एवं आॅक्सीजन की मांग को जिला प्रषासन के पर्यवेक्षण में ससमय पूरे किये जा रहे हैं। जिलास्तर एवं अनुमंडल स्तर पर डेडीकेटेड कोविड संेटर में कुल-284 बेड की व्यवस्था एवं 124 छोटे बड़े आॅक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था सुनिष्चित की गई है। सदर अस्पताल में 4 बेड का आई.सी.यू. एवं वेन्टिलेटर कार्यरत है। वर्तमान में वहां एक महिला मरीज ईलाजरत है। तीन आपूर्तिकर्ता एजेंसियों के माध्यम से जिले में निजी अस्पतालों को जिला प्रषासन के पर्यवेक्षण में ससमय आॅक्सीजन की व्यवस्था सुनिष्चित की जा रही है। वर्तमान में सहरसा जिले में आॅक्सीजन का अभी कोई समस्या नहीं है। राज्य स्तर से 200 रेमडेषिविर दवा प्राप्त हुई है जिसे 50-50 के अनुपात में निजी एवं सरकारी अस्पतालों के लिए कर्णांकित किया गया है। अब तक निजी अस्पतालों को निर्धारित दर पर 135 व्हायल रेमडेषिविर का वितरण चिकित्सक के परामर्ष एवं निर्धारित दर पर कराया गया है। वितरित रेमडेषिविर का पूरा विवरण संधारित किये जा रहे हैं ताकि इस दवा की कालाबाजारी ना हो। दवाओं की कालाबाजारी को रोकने के लिए दंडाधिकारी एवं ड्रग इन्सपेक्टर की प्रतिनियुक्ति की गई है। 200 व्हायल रेमडेषिविर उपलब्ध कराने के लिए मांगपत्र भेजा गया है। कोविड ईलाज से संबंधित सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में है।
 जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड के संदर्भ में मानव संसाधन एवं अन्य संसाधनों की आवष्यकता के संदर्भ में कहा कि टेस्टिंग हेतु एल.टी. की आवष्यकता है। 36 कार्यरत है एवं 5 अतिरिक्त की नियुक्ति की गई है। साथ हीं 12 एल.टी. की और नियुक्ति के लिए काफी आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसके आधार पर 12 मई 2021 तक एल.टी. का पैनल तैयार कर दिये जाएंगे। पीएम केयर से प्राप्त चार वेन्टिलेटर के संचालन के लिए 3 टेक्निषियन नियुक्त किये गये हैं। 8 वार्ड व्याय 01 एनएसथेटिक 20 डाॅक्टर की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाले गये हैं।
उन्होंने कहा कि फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के संक्रमित होने से समय-समय पर समस्या होती है। मृत्यु का कारणों का विष्लेषण करने पर पाया गया कि संक्रमण होने के काफी बाद जाँच कराया गया एवं कई मामलों में कोविड के आलावा अन्य बिमारियां भी पाई गई है। जिला प्रषासन द्वारा कोविड के रोकथाम नियंत्रण हेतु आगे की तैयारियों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि आॅक्सीजन की आपूर्ति के लिए दूसरे जिले पर निर्भरता है। केन्द्र सरकार से स्वीकृत आॅक्सीजन प्लांट जिला में स्थापित होने से अधिक से अधिक मरीजों का ईलाज संभव हो सकेगा और दूसरे जिलों पर निर्भरता कम होगी। लाॅक डाउन का अनुपालन सख्ती से कराया जा रहा है साथ हीं आमजन का अच्छा सहयोग प्राप्त हो रहा है। कोविड मरीजों के डिस्चार्ज पाॅलिसी के अंतर्गत उप विकस आयुक्त की अध्यक्षता में कोषांग द्वारा माॅनिटरिंग की जा रही है साथ हीं होम आइसोलेषन में ईलाजरत मरीजों का नियंत्रण कक्ष के माध्यम से फोलोअप लिया जा रहा है। प्रतिदिन प्रेस ब्रिफींग के माध्यम से अद्यतन स्थिति के संबंध में मीडिया को जानकारी दी जा रही है। सामुदायिक किचन का संचालन सहरसा एवं सिमरी बख्तियारपुर में किये जा रहे हैं। आवष्यकता पड़ने पर सामुदायिक किचन की संख्या बढ़ायी जाएगी। कोविड के संदर्भ में जिले के अद्यतन परिस्थिति से अवगत होने के बाद जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि अब तक जिला प्रषासन द्वारा कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं प्रबंधन के संदर्भ में किये गये कार्य संतोषप्रद है। इस महामारी का अंत टीकाकरण के माध्यम से हीं संभव है। अतएव टीकाकरण को लक्ष्य निर्धारित करते हुए अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण कराएं। टीकाकरण के साथ-साथ आर.टी.पी.सी.आर. के माध्यम से टेस्टिंग भी बढ़ाये जाने की जरूरत है। आॅक्सीजन की समस्या को देखते हुए जिले से संबंधित माननीय विधायक गण से मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के माध्यम से आॅक्सीजन कन्सनटेटर एवं एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का अनुरोध है।उन्होनें कहा कि निजी एवं सरकारी अस्पतालों में समन्वय हेतु नोडल पदाधिकारी नामित करते हुए उनका मोबाइल नंबर सार्वजनिक किये जाएं। साथ हीं जनप्रतिनिधियों से भी आमजन की अपेक्षाओं को देखते हुए समन्वय हेतु एक नोडल पदाधिकारी नामित करने के निर्देश दिए । जिला को रेमडेषिविर सहित अन्य दवाएं एवं वेक्सिन की कमी नहीं होगी। कोरोना संक्रमित मरीजों के अलावा अन्य बीमारियों के लिए भी समुचित ईलाज की व्यवस्था किये जाने का निर्देश दिया गया । उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर जागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार करायी जाय। प्रोटोकाॅल के अनुसार शव निष्पादन की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित करायी जाय। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के ईलाज में प्रभावी प्लाजमा की मांग को लेकर सदर अस्पताल में एस.डी.सी. मषीन की उपलब्धता विभागीय स्तर से अथवा कोविड कल्याण समिति के माध्यम से करायी जाय एवं जो संक्रमण मुक्त हुए हैं उनका डाटाबेस तैयार करते हुए उनसे प्लाजमा देेने का अनुरोध करें ताकि अन्य मरीजों की रक्षा की जा सके। होम आइसोलेषन में नये ईलाजरत मरीजों के लिए टेलिमेडिषिन की व्यवस्था के अंतर्गत चिकित्सकों के मोबाईल नंबर सार्वजनिक करने के निर्देष दिये गये। मई माह में दो माह के ससमय मुफ्त अनाज वितरण हेतु निर्देष दिये गये।    कला संस्कृति एवं युवा विभाग मंत्री आलोक रंजन ने कहा कि कोविड मरीजों के लिए एंबुलेंस एवं शव वाहन की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। एंबुलेंस के लिए निर्धारित दर से अधिक राशि की वसूली ना हो, इसे सुनिश्चित कराने की आवश्यकता है। दंडाधिकारी की प्रतिनियिुक्ति कर सभी सरकारी एवं निजी वाहनों की समय-समय पर जांच करायी जाय। दवाओं की छद्म क्राइसिस उत्पन्न कर अधिक राशि पर दवाओं की बिक्री ना हो इसके लिए दवा एजेंसियों से मोनिटेरिंग किये जाएं। सदर अस्पताल में माइनर फोल्ट के लिए खराब आइ.सी.यू. को दुरूस्त करायी जाय। सभी सरकारी अस्पताल से संबंधित पदाधिकारियों का मोबाइल नंबर सार्वजनिक किये जाये साथ हीं प्रत्येक प्रखंड मुख्यालय पर सामुदायिक किचन की व्यवस्था कराये जाने की जरूरत है। उन्होंने जिला प्रभारी मंत्री से अनुरोध किया कि अन्य जिलों को आवंटित संख्या के अनुरूप सहरसा जिला को भी रेमडेशिविर दवा उपलब्ध हो। उन्होंने जिलाधिकारी के प्रबंधन की सराहना की।
  सांसद दिनेश चन्द्र यादव ने कहा कि जिला प्रषासन द्वारा किये जा रहे कार्य सराहनीय है। निजी अस्पतालों के साथ समन्वय बेहतर है। सहरसा में अधिक क्षमता का अच्छा आॅक्सीजन प्लांट अधिष्ठापन के संदर्भ में सभी सांसद एवं विधायकगण सहयोग करेंगे।
 सांसद प्रो॰ मनोज कुमार झा ने कहा कि आॅक्सीजन एवं रेमडेशिविर की उपलब्धता की प्रक्रिया के संदर्भ में आमजन के बीच जानकारी उपलब्ध कराएं। आर.टी.पी.सी.आर. के माध्यम से टेस्टिंग को अधिक से अधिक बढ़ायें। उनके निधि से निर्मित लाइब्रेरी का कोविड केयर के कार्य हेतु इस्तेमाल की जाय। विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह ने कहा कि आॅक्सीजन सिलंेडर की उपलब्धता को सुचारू रखा जाय तथा कोविड मरीजों के परिजनों के रहने के लिए अलग भवन चिन्हित करते हुए उक्त स्थल को भी नियमित रूप से सेनेटाइज की व्यवस्था करायी जाय। भाजपा एवं राजद जिलाध्यक्ष ने भी अपने-अपने सुझाव दिये।