कोरोना पीड़ितों की सेवा में जुटे अस्पताल प्रबंधक अमित चंचल तीसरी बार हुए संक्रमित

दो बार संक्रमण से ठीक हो चुके अस्पताल प्रबंधक कोरोना योद्धा के रूप में बनाई अपनी पहचान

होम आइसोलेशन एवं उचित कोविड व्यवहार से हो जाते हैं स्वस्थ्य

सहरसा: जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को लगातार कोरोना को लेकर सरकार के बनाए गए गाइडलाइन्स का पालन करने की सलाह दी जा रही है। कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ने वाले बहुत से ऐसे लोग हैं जो मरीजों की सेवा में तो दिन रात लगे हैं लेकिन अपनों से लंबे समय से उनकी मुलाकात नहीं हो पा रही है। इसे संक्रमण का डर कह ले या फिर खुद की सुरक्षा को लेकर सतर्कता। इसी क्रम में देखा गया कि कोरोना काल में लोगों की सेवा में लगे स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी के साथ अन्य सहयोगी संस्था के भी लोग कोरोना की चपेट में आ गए। विगत कुछ दिन पहले जिले मे सदर अस्पताल के अस्पताल प्रबंधक अमित कुमार चंचल तीसरी बार कोरोना संक्रमित हुए। लेकिन उन्होंने स्वयं को होम आइसोलेशन में रखकर एवं कोविड -19 के नियमों का पालन करते हुए कोरोना को दो बार मात देने में सफलता पायी है। कुछ दिन पहले से वह वापस काम पर लौटे और अपने दायित्वों का निर्वहन करना शुरू किया। ठीक हो चुके कोविड मरीज एवं उनके देखभाल करने वाले लोग सदर अस्पताल प्रबंधक अमित कुमार चंचल के द्वारा इस महामारी के दौरान की गई सेवाओं की प्रसंसा करते नहीं थकते।

अमित चंचल,अस्पताल प्रबंधक

अस्पताल प्रबंधक अमित कुमार चंचल ने बताया वह कोरोना जांच मे सहयोग करने तथा अन्य सेवाओं की देख-रेख के दौरान ही खुद कोविड-19 से पूर्व में दो बार संक्रमित हो गये थे। इसके बाद वह सुरक्षा व इलाज के मद्देनजर आइसोलेट हुए तथा स्वस्थ होने पर छुट्टी मिलने के बाद पुनः दुगुनी ताकत के साथ अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में जुट गये। उन्होंने बताया उनके दो बार संक्रमित होने से इस बात की भी पुष्टि होती है कि कोरोना से उबरने के बाद भी व्यक्ति के लिए सतर्कता कितनी जरूरी है। वे कहते हैं दो बार संक्रमण से उबरने के बाद उन्होंने अपनी सेवा जारी रखी थी। शायद यही कारण था कि वह संक्रमण की चपेट में फिर से आ गए। लेकिन उन्होंने आम आदमी से अपील करते हुए कहा कि आम आदमी इस बात का विशेष ख्याल रख सकते है। अस्पताल प्रबंधक ने बताया होम आइसोलेशन के दौरान उन्होंने काफी सतर्कता बरती तथा इस दौरान विभागीय निर्देशों व नियमों का पालन किया। साथ ही खानपान पर भी विशेष ध्यान दिया।

कोविड हॉस्पिटल सदर अस्पताल में अस्पताल प्रबंधक

इस क्रम में घरेलू उपचारों के माध्यम से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते रहे और जिससे वह बहुत ही कम समय कोरोना संक्रमण से ठीक हो गये। उन्होंने बताया इस दौरान उनके साथ कोई भेदभाव की बात नहीं हुई तथा उन्होंने लोगों से कोविड.19 के बनाए गए नियमों व प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की अपील की है ।

ICU में चिकित्सक के साथ अस्पताल प्रबंधक(काले शर्ट में)

उन्होंने बताया अब तक इस वायरस की दवा विकसित नहीं हो पायी है, इसलिए जब तक इसकी दवा उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए ।