Corona पीड़ितों की सेवा में जुटा है Helping Hands

कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर में जहाँ एक तरफ लोग आपदा को अवसर में बदलने का प्रयास कर रहे हैं तो वहीं सहरसा के युवाओं ने विपदा की इस घड़ी में तकनीक के माध्यम से लोगों को मदद पहुंचाने का अनूठा प्रयास किया है। ये युवा सहरसा ही नहीं बल्कि देश के अलग- अलग हिस्सों के लोगों को मदद पहुँचा रहे हैं। ऑक्सीजन, बेड्स, वेंटीलेटर, दवाई, भोजन, रेमिडीसिवर और प्लाज़मा आदि की उपलब्धता की सटीक जानकारी और यथासम्भव सहयोग प्रदान कर रहे हैं।शंकर चौक के युवा व्यवसायी रवि शर्मा के काफी करीबी मित्र कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। उन्हें अपना इलाज के दौरान कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इलाज के दरम्यान अपने मित्र को हुई कई तरह की असुविधाओं को महसूस करके इनके मन में ख्याल आया कि खुद को अपने घरों में सुरक्षित रहते हुए क्यों ना लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक किया जाए। यह विचार उसने अपने मित्र अजय कुमार से साझा की और अजय ने देर नहीं करते हुए रोटी बैंक, सहरसा के संस्थापक रौशन भगत से संपर्क किया। रौशन भगत ने इस नेक विचार की प्रशंसा की और इस प्रयास के संबंध में अपने अनुभव साझा करके अपना पूर्ण सहयोग करने का वादा किया। अपने करीबियों से मिले सकारात्मक समर्थन से अजय ने फेसबुक पर पोस्ट किया कि ‘ इस विपदा की घड़ी में खुद को घरों में सुरक्षित रखते हुए कुछ अच्छा करना चाहता हूँ, जो भी साथ देना चाहते हैं अपने संपर्क नं. इनबॉक्स करें। फिर क्या था सभी लोगों के साथ से कुछ घंटों में ही देश के विभिन्न हिस्सों के सैकड़ों सक्रिय युवा समाजसेवियों का ‘हेल्पिंग हैंड्स’ नाम से व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाया गया। इस ग्रुप में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले जय चौहान, बिभू चित्रांश, मोनू झा, रौशन झा, सोमू आनंद, प्रितेश झा, शालिनी सिंह तोमर, अनिकेत गुप्ता, दीपक कुमार सिंह, विकास मिश्रा, मृत्युंजय तिवारी, सुचैन जी, अनुज झा, हर्ष सिंह, सुकान्त चौबे, अमित कन्हैया, अश्विनी चौबे, चितेश मिश्रा, राजा रवि, गरिमा उर्विशा, दीपिका झा, शिवम वर्मा, मयंक गोयल, राम कुमार भारती, आर्यन गुप्ता, आदर्श केशरी, पुनीत आनंद, योगेश, मणि राज, प्रीतम, कुणाल कश्यप, चंदन भगत, नवीन आदि मरीज को जरूरत संबंधी जानकारी ग्रुप में पोस्ट करते हैं और आपसी सहयोग एवं सोशल मीडिया और सरकारी वेबसाइटों से डाटा एनालिसिस करते हैं तथा परिजनों तक सटीक समाधान उपलब्ध करवाते हैं। इन युवाओं के प्रयास से प्रत्येक दिन दर्जनों मरीजों को मदद मिल रही है।
इन बड़े शहरों में पहुँचा चुके हैं मदद– पटना, दरभंगा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ, राँची, इंदौर, जयपुर