जिलाधिकारी ने आई.एम.ए. एवं निजी अस्पतालों,क्लिनिक के संचालकों के साथ बैठक की

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जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर है : डीएम

सहरसा: कोरोना संक्रमण के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि के मद्देनजर सरकार के दिशा-निर्देश के सदर्भ में जिलाधिकारी कौशल कुमार ने आई.एम.ए. एवं निजी अस्पतालों/क्लिनिक के संचालकों के साथ विकास भवन के सभागार में बैठक की।

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण की विषम परिस्थिति है तथा सरकार के गाइडलाइन से अवगत कराने के उद्देश्य से आज बैठक बुलाई गयी है।वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने कहा जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर है तथा इस परिस्थिति को आप बेहतर समझते हैं। संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और अधिकतर मामले ए.सिमटोमेटिक है। विगत 09 मार्च से अबतक 57799 सेम्पल की जाँच की गई है। कल 227 पॉजिटिव की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इस प्रकार कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1719 है | जिसमें से 411 पॉजिटिव रिकवर कर गये हैं । 13 पॉजिटिव मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। वर्तमान समय में कुल 1293 सक्रिय पॉजिटिव मामले जिला में हैं। सक्रिय मरीजों को होम आइसोलेशन में मेडिकल किट देकर उनका इलाज चल रहा है। कोविड नियंत्रण कक्ष के माध्यम से नियमित रूप से कोरोना संक्रमण मरीजों का फीडबैक लिया जा रहा है तथा मरीजों की स्थिति एवं गम्भीरता के अनुसार बेहतर इलाज के लिए जो आवश्यक कारवाई जरूरी है की जा रही है। अब तक 2 (दो) कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मृत्यु प्रतिवेदित है। जिलाधिकारी ने कहा विलंब से जाँच होने पर गोल्डेन पीरीयड नहीं मिल पाता है जिसके कारण मरीज की स्थिति गम्भीर हो सकती है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को कोरोना से संबंधित लक्षण प्रतीत होते हैं तो वे तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र/अस्पताल में आकर कोरोना संक्रमण की जाँच जरूर करा लें। मीडिया के माध्यम से भी आमजनों से यह अपील की जा रही है कि समय पर जाँच नहीं कराने पर स्थिति नुकसानदायक घातक होने की संभावना रहती है। इसलिए ऐसे व्यक्ति समय से अपनी जाँच अवश्य करवा लें| साथ ही साथ अभी कोरोना का टीकाकरण का कार्य चल रहा है। अभी तक 92296 व्यक्तियों को प्रथम डोज एवं 11969 को सेकेन्ड डोज का टीकाकरण किया जा चुका है। वर्तमान समय में 45 से उपर आयुवर्ग वाले लोगों का हीं टीकाकरण किया जा रहा हैं। जैसा कि घोषणा की गई है 18 वर्ष से उपर आयुवर्ग वाले व्यक्तियों का भी आनेवाले दिनों में टीकाकरण किया जाएगा। जैसे-जैसे वैक्सीन प्राप्त हो रही है वैसे-वैसे टीकाकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि कोविड की जाँच तीन तरह से की जा रही है:
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया आर.टी.सी.पी.सी.आर., एन्टीजेन, एवं ट्रूनेट के द्वारा, जिसके लिए सभी सरकारी अस्पताल तथा जिले के दो निजी अस्पताल अधिकृत हैं। जिलाधिकारी ने कहा विगत दिनों यह प्रकाश में आया कि कुछ निजी अस्पताल/ क्लिनिक अनाधिकृत रूप में कोरोना संक्रमण की जाँच कर रहे हैं। उनके द्वारा अनाधिकृत रूप से कोरोना संक्रमण की जाँच पूर्णतः गलत है एवं महामारी अधिनियम के विरूद्ध है|,निजी अस्पताल / क्लिनिक इससे बचें |कोई भी मौत आवश्यक नहीं है कि वह कोरोना संक्रमण से ही हुआ हो हो, अन्य कारण से भी हो सकते हैं। निजी अस्पतालों/क्लिनीक द्वारा अपने स्तर से कोरोना संक्रमण से मृत्यु से संभावना व्यक्त करने पर आमजन में गलत संदेश जाएगा और इसका गलत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा यह आपदा का समय है। सभी निजी अस्पतालों/क्लिनीक संचालकों से व्यक्तिगत अनुरोध रहेगा कि यदि मरीज का कोविड जाँच आवश्यक प्रतीत होता है तो उसके सैम्पल की जाँच अधिकृत अस्पतालों में भेजकर करा लें ताकि पॉजिटिव की स्थिति में मरीज का समूचित इलाज समय पर किया जा सकेगा। यदि कोई मृत्यु होती है तो इसकी सूचना तत्काल सिविल सर्जन कार्यालय, सहरसा को दें। कोरोना से मृत्यु की पुष्टि के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग हीं अधिकृत है।

कोरोना जाँच एवं इलाज हेतु निजी अस्पताल/क्लिनिक अनुमति के लिए सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं :
जिलाधिकारी ने सरकार के नये निर्देशों से अवगत कराते हुए कहा कोरोना जाँच एवं इलाज हेतु निजी अस्पताल/क्लिनीक अनुमति के लिए सिविल सर्जन कार्यालय, सहरसा में आवेदन कर सकते हैं। यदि वे मानकों को पूरा करते हैं तो उन्हें अनुमति दी जाएगी। उन्हें लॉगिन आई डी एवं पासवर्ड उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों/क्लिनिक में जहाँ वेन्टिलेटर, आइ.सी.यू., ऑक्सीजन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं वे कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई में अपनी सहभागिता दें। जो इसमें अपनी भागीदारी निभाना चाहते हैं वे आगे आएं। सरकार द्वारा राज्य में तीन श्रेणियों में अस्पतालों को श्रेणीबद्ध किया गया है। इलाज के लिए दर का भी निर्धारण किया गया है। सहरसा जिला में भी अच्छे डॉक्टर एवं निजी अस्पताल/क्लिनीक है। ऐसे निजी अस्पताल/क्लिनीक आगे आकर आवेदन करें। जिससे आमजन को अधिक से अधिक चिकित्सीय सुविधा प्राप्त हो सकेगी। जिलाधिकारी ने कोरोना संक्रमण महामारी के नियंत्रण के लिए सबसे सुझाव भी मांगा। ऑक्सीजन की उपलब्धता के विषय में आश्वस्त किया गया कि जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में सभी प्रक्रिया को पूरी कर ऑक्सीजन की ससमय उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। निजी अस्पतालों/क्लिनीक में बेड की संख्या बढ़ाने के संदर्भ में सिविल सर्जन कार्यालय को आवेदन देने का निर्देश दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त, प्रभारी सिविल सर्जन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, डीपीएम,केयर इंडिया के डीटीएल ,सहित आई.एम.ए., निजी अस्पतालों एवं क्लिनीक के संचालकगण उपस्थित थे।