उद्धघाटन के 8 साल बाद भी नहीं खुला 5 बेड का ICU : किशोर कुमार मुन्ना

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कोरोना से बेहाल सहरसा, सरकार वैक्सिनेशन करे तेज : पूर्व विधायक

सहरसा : नव निर्माण मंच (सहरसा) के संस्‍थापक सह पूर्व विधायक किशोर कुमार ने आज सहरसा सदर अस्‍पताल का भ्रमण कर वहां स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्‍होंने जिले में बढ़ते कोरोना के कहर पर दुख व्‍य‍क्‍त किया और कहा कि कोरोना का दूसरा फेज बेहद घातक है और इसकी चपेट में पूरा जिला आ चुका है, जो चिंताजनक है। ऐसे में सरकार को यहां वैक्सिनेशन की प्रक्रिया तेज करनी चाहिए और जिला की जनता को सावधानी बरतने की जरूरत है। इससे पहले उन्‍होंने सदर अस्‍पताल में प्रभारी सिविल सर्जन, अस्पताल उपाधीक्षक, ज़िला प्रशिक्षण पदाधिकारी, हेल्थकेयर वर्कर से मुलाकात की। वहां उपस्थित लोग जो जाँच कराने एवं vacinasan के लिए आये थे उनका हाल चाल जाना । Covid जाँच केन्द्र Vacinasan Center, बंद ICU जाकर देखा ।

उन्‍होंने कहा कि कोरोना काल का द्वितीय चक्र में 1 मार्च 2021 से आज तक कुल जांच 57,799 व्यक्ति का हुआ, जिसमें पोजेटिव 1719 मिला। वर्तमान में एक्टिव केश 1393 है। 411 स्वस्थ हुआ। 13 व्यक्ति पटना, दरभंगा एवं अन्य जगह रेफर हुआ। 2 व्यक्ति की मौत हुई है। वर्तमान में प्रत्येक दिन जांच की संख्या लगभग 2200 से 2300 के करीब होता है। सरकार को इसकी जांच की केंद्र संख्या दोगुना करना चाहिए तथा व्यक्तियों की जांच संख्या भी बढ़ाना चाहिए। उन्‍होंने बताया कि वहां 28 फरवरी 2020 से आज तक 17 केन्द्रों पर कुल 4 लाख 28 हजार RT-PCR, REPID ANTIGEN, TRUE NET से जांच हुआ।

किशोर कुमार ने कहा कि 16 जनवरी 2020 से आज तक Vacinasan की कुल संख्या ज़िला में 1,04,817 है, जिसमें प्रथम डोज लेने वाले व्यक्ति की संख्या 93,045 है तथा द्वतीय डोज लेने वाले की संख्या 11,772 है । ज़िला के 56 केन्द्रों पर Vacinasan का काम किया जा रहा है । इसमें तेजी की आवश्यकता है । लोगो मे जागरूकता बढ़ा है और डिमांड भी बढ़ा है । मांग के अनुरूप आपूर्ति चैन दुरुस्त करना होगा । कम से कम यहाँ 1200 भाईल चाहिए यानी 12,000 टिका प्रत्येक दिन चाहिए । लेकिन मिलता है मात्र 500भाईल यानी 5000। कई-कई दिन वह भी नही मिलता है, जिसके आभाव में लोगो केंद्र से वापस हो जाते । दूसरे डोज का कार्य भी तेजी से करना होगा ।

उन्‍होंने कहा कि 2013 में 5 बेड के ICU का उद्धघाटन हुआ और उसी दिन से बंद है । 1 वेंटीलेटर उसी समय मिला था और 2020 में 5 नया वेन्टीलेटर मिला लेकिन उसका पैकेजिंग खुला नहीं । जब मैं उपस्थित पदाधिकारी से पूछा की ये बंद क्यों है तो उन्होंने कहा टेकनीशियन से आभाव में बंद है। लाखों रुपया खर्च कर इसके लिए आधारभूत संरचना तैयार की गई लेकिन वह एक दिन भी नहीं चला, यह कितनी शर्म की बात है । अमीर आदमी निजी नर्सिंग होम के ICU में अपना इलाज करा लेंगे लेकिन गरीब और मध्यम वर्ग के लोग कहा जाएंगे। ये कितना घिनौना है, यहाँ के प्रतिनिधियों के मुँह पर तमाचा है । जो सरकार 5 बेड का ICU नहीं चला सकता उससे आप क्या उम्मीद रखेंगे ।

किशोर कुमार ने कहा कि अभी तो Covid का जो विकराल रूप है उसमें कम से 100 बेड का ICU सरकार बनाना चाहिए । सरकार कोरोना का मार्केटिंग बंद करें । देश की रक्षा करना सरकार का कर्त्तव्य है । मांग के अनुरूप Vacin के आपूर्ति का घोर अभाव है । तब फिर पाकिस्तान सहित 44 देश निर्यात करने का क्या औचित है । सरकार 25 लाख ज़िला वाशी के के लिए Vacin का व्यवस्था करें । उपकरण ख़रीद लिया लेकिन चलाने के आभाव में वह बेकार है। यह सरकार एवं उनके प्रतिनिधि के लिए लानत है। रेमडि सिविरइंजेक्शन के लिए जिलाधिकारी त्राहिमाम संदेश राज्य सरकार को भेजे है। चूँकी सहरसा मे यह उपलब्ध नही है।