वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम ने की समीक्षा,सहरसा डीएम ने रखें कई सुझाव

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डीआईजी,डीएम,एसपी,डीडीसी कॉन्फ्रेसिंग में रहे मौजूद
सहरसा : राज्य में कोरोना संक्रमण में अप्रत्याशित वृद्धि के मद्देनजर आज मुख्यमंत्री। नीतीश कुमार ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव,सचिव,सभी प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस उप महानिरीक्षक,जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक,पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ राज्य एवं जिलास्तर पर कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति, टीकाकरण की प्रगति एवं वर्तमान कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव से सबंधित सुझाव के संदर्भ में बैठक की।

जिलावार सभी जिलाधिकारियों द्वारा उनके जिले में कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति एवं इस संदर्भ में की जा रही कारवाई ,टीकाकरण की स्थिति के संदर्भ में फीडबैक एवं संक्रमण के रोकथाम के संबंध में अपने-अपने सुझाव से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीएम नीतीश कुमार

इस मौके पर सहरसा जिलाधिकारी कौशल कुमार ने मुख्यमंत्री को सहरसा जिला के संदर्भ में अद्यतन स्थिति के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान कोरोना संक्रमण के दूसरे वेब में 09 मार्च से अबतक 54,893 सेम्पल की जाँच की गई। जिसमें से आर.टी.पी.सी.आर. के माध्यम से 27,998, एन्टीजन कीट के द्वारा 24,845 एवं ट्रूनेट के माध्यम से 816 सेम्पल की जाँच की गई। सेम्पल जाँच के आधार पर 1,327 पाॅजिटिव चिन्हित हुए हैं जिसमें 959 पुरूष एवं 368 महिलाएं है। उक्त में से 260 पाॅजिटिव मरीज रिकवर कर गये हैं एवं बेहतर ईलाज के लिए 13 पाॅजिटिव मरीजों को रेफर किया गया है और कोरोना संक्रमण से 01(एक) पाॅजिटिव मरीज की मृत्यु प्रतिवेदित है। वर्तमान में सहरसा जिलान्तर्गत कुल-1,053 पाॅजिटिव मरीज सक्रिय हैं।सक्रिय पाॅजिटिव मामलों में से 547 नगर परिषद क्षेत्र से  है। कोरोना संक्रमण के 73 प्रतिशत मामले शहरी एवं 27 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित है। ज़िले में कुल 175 कन्टेनमेंट जोन बनाये गए हैं। जिसमें 107 शहरी क्षेत्र में एवं 68 ग्रामीण क्षेत्र में अवस्थित है।

बैठक में मौजूद डीआईजी,डीएम,एसपी व डीडीसी

डीएम ने कहा कि डी.सी.एच. एवं सी.सी.एच. में आक्सीजन सहित बेड की तैयारी की गई है। वर्तमान में आर.टी.पी.सी.आर. सेम्पल जाँच में 24 से 48 घंटे के अंदर सम्बद्ध मधेपुरा मेडिकल काॅलेज एवं लाॅड बुद्धा मेडिकल काॅलेज से जाँच रिपोर्ट प्राप्त हो रहे हैं।    जिलाधिकारी ने कहा कि रेमडेशीविर दवा की आवष्यकता है, राज्य स्तर से इस संबंध में सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृष्य में जितनी अधिक संख्या में पाॅजिटिव मरीजों को आइसोलेट कर सकेंगे उतना हीं संक्रमण को नियंत्रित कर पाएंगे। अधिक से अधिक सेम्पल जाँच की संख्या बढ़ाये जाने की जरूरत है ताकि पाॅजिटिव पाए जाने पर संक्रमित मरीज को आइसोलेट कर संक्रमण को कम किया जा सकता है। एन्टीजन टेस्टिंग को अधिक से अधिक बढ़ाकर पाॅजिटिव मरीजों कोे चिन्हित किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने अपने सुझाव देते हुए कहा कि विगत अनलाॅक-2 एवं 3 के अनुरूप प्रावधानों पर विचार किया जा सकता है एवं शहरी क्षेत्र के लिए अधिक सख्त निर्णय लिये जा सकते है। उन्होंने कहा कि प्राप्त हो रहे पाॅजिटिव मामलों में 70 प्रतिशत मामले 45 वर्ष आयु के नीचे के व्यक्ति हैं वहीं 30 प्रतिशत पाॅजिटिव मामले 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के हैं।अतएव टीकाकरण को सार्वभौमिक( यूनिवर्सल) कर 45 वर्ष से नीचे आयुवर्ग के व्यक्तियों का भी टीकाकरण किया जा सकता है।    समाहरणालय स्थित एन.आई.सी. के वीडियो कान्फ्रेंसिंग कक्ष में इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक कोशी प्रक्षेत्र प्रणय कुमार प्रवीण, पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह,डीडीसी राजेश कुमार भी उपस्थित थे।