समाज कल्याण विभाग की डीएम ने की समीक्षात्मक बैठक

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डीएम ने दिए कई दिशा-निर्देश
सहरसा : जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग से संबंधित बाल संरक्षण विषय पर गठित विभिन्न समितियों जिला बाल संरक्षण समिति, जिला निरीक्षण समिति, चाईल्ड लाईन सलाहकार समिति एवं मानव व्यापार विरोधी समिति की संयुक्त समीक्षात्मक बैठक की गई।
उक्त बैठक में बालक गृह विशिष्ट दत्तक संस्थान, सेफ्टी प्लेस एवं चाइल्ड लाईन के कार्यों की समीक्षा की गई। बालक गृह में अधीक्षक पद पर नियुक्ति करने,बालक गृह के सुरक्षा हेतु होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति का निर्देश दिया गया। प्लेस आफ सेफ्टी के संचालन की जानकारी जिलाधिकारी ने ली। बताया गया कि वर्तमान में दस विधि विवादित बच्चे अभी रह रहे हैं। प्लेस आफ सेफ्टी की सुरक्षा के लिए होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति एवं  रह रहे विधि विवादित बच्चों के लिए शिक्षक की प्रतिनियुक्त करने के निर्दश दिये गये। साथ हीं उक्त तीनों संचालित गृहों में बच्चों के स्वास्थ्य एवं कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को देखते हुए चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति का निर्देश दिया गया।       समाज कल्याण विभाग अंतर्गत एक हीं परिसर में बालक गृह, विषिष्टद दत्तक संस्थान सहित बाल संरक्षण इकाई कार्यालय, कर्मियों के लिए आवासीय परिसर के निर्माण हेतु 05 एकड़ भूमि उपलब्धता के संबंध में यथासंभव जिला मुख्यालय के निकट सरकारी भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव देने का निर्देष दिया गया। चाइल्ड लाईन, सहरसा, सोनवर्षा और महिषी के द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई को उक्त तीनों कार्यालयों एवं उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों का निरीक्षण हेतु निर्देश दिया गया। चाइल्ड लाईन के टाॅल फ्री नंबर-1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने एवं सभी निजी तथा सरकारी स्कूल बसों पर अंकित कराने का निर्देश दिया गया। रेष्क्यु किए गये बच्चों के ससमय स्वास्थ्य परीक्षण के संदर्भ में रोगी कल्याण समिति में चाइल्ड लाईन के प्रतिनिधि को नामित करने का निर्देष दिया गया। वहीं रेष्क्यू कार्य में पुलिस विभाग की सक्रिय सहभागिता हेतु कार्यषाला के आयोजन करने एवं पुलिस अधीक्षक के क्राइम मीटिंग में इस विषय को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।       जिलाधिकारी ने कहा कि बालश्रम के रोकथाम में श्रम अधीक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका है। अभी भी बालश्रम की सूचना प्राप्त होती रहती है। धावादल के द्वारा छापामारी कराएं। रेष्क्यू किए गए बच्चों के पुर्नवास के संदर्भ में विद्यालयों में नामांकन, अनाज की उपलब्धता, पेंशन, वित्तीय सहायता आदि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दी जा रही सुविधाएं उन्हंे गम्भीरता से लेते हुए उपलब्ध कराएं। बालश्रम के मामले में नियोजक के विरूद्ध की गई कार्रवाई के संबंध में सी.डब्लू.सी को भी प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। बंधुआ मजदूर के संबंध में जहां भी सूचना मिलती है त्वरित कार्रवाई करें। साथ हीं ईंट भटठों में कार्यरत श्रमिकों से उन्हें मिलने वाली सुविधा मजदूरी के संबंध में जानकारी लें।          जिलाधिकारी ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा बच्चों के हित में संरक्षण गृह/संस्थान के संचालन में दिषा-निर्देषों के आलोक में अच्छी तरह अनुपालन करें। दŸाक का काम संवेदनषीता के साथ अच्छी तरह से करें ताकि अनाथ बच्चों को अपना घर मिल सके और वे मुख्य समाजिक धारा से जुड़ जाएं। बालिका गृह नहीं रहने से समस्या है लेकिन विभाग द्वारा प्राप्त दिषा निर्देषों एवं प्रक्रियाओं के आलोक में जो भी समस्याएं आ रही है उसका ससमय निराकरण सुनिष्चित करें। साथ हीं चाइल्ड लाईन का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिष्चित करें। बैठक में अध्यक्ष जिला परिषद अरहुल देवी,सभापति नगर परिषद रेणु सिन्हा, पुलिस अपाधीक्षक मु॰ बृजनंदन महतो, श्रम अधीक्षक, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, सिविल सर्जन के प्रतिनिधि, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय परिषद एवं सभी गृहों के प्रतिनिधि सहित समितियों के सदस्यगण उपस्थित थे।