सहरसा के मोहम्मद मुमताज आलम तथा साक्षी कुमारी को अहमदाबाद में मिला नया जीवनदान

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सफल हृदय रोग चिकित्सा के बाद खुश है बच्चे के माता पिता

आरबीएसके की टीम का मिला भरपूर साथ

बच्चे के माता-पिता ने स्वास्थ्य विभाग का किया धन्यवाद

सहरसा : बिहार सरकार ने दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए बाल हृदय योजना की शुरुआत की है. बिहार सरकार के इस खास योजना के तहत अहमदाबाद से अपना इलाज कराकर 2 बच्चे वापस सहरसा पहुंच चुके हैं. वापस लौटे बच्चों का स्वागत खुद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने पटना मे किया.

साक्षी कुमारी तथा मोहम्मद मुमताज आलम के पिता ने बताया कि जब हमे पता चला कि हमारे बच्चे के दिल में छिद्र होने की बात सुना तो मै परेशान हो गया लेकिन राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉक्टर संजय कुमार शर्मा तथा डॉक्टर कमर सालेह ने मुझे भरोसा दिलाया कि अब उनके बच्चों की जिम्मेदारी सरकार की है तथा आप के बच्चों का बेहतर ईलाज कर जरुर ठीक करेगें। इस बात ने मेरी चिंताओं की लकीर को कम कर दिया था। एक वह दिन है और एक आज का दिन है जब मेरी चिंता पूरी तरह खत्म हो गई है। अब हमारे बच्चे का और बेहतर भविष्य हो गया।

स्क्रीनिंग में मिले लक्षण :

गंगजला निवासी रामू कुमार ने बताया कि मेरी दो साल की बेटी साक्षी कुमारी एक बार आंगनबाड़ी केन्द्र पर गयी तो वहा आरबीएसके की टीम हेल्थ चेकअप कर रही थी। उसी समय हमने भी अपनी बेटी का चेकअप कराया तथा इसके लक्षण पहचान में आए। इससे पहले थोड़ा सा खेलने पर भी उसकी सांस फूलने लगती थी। हांथ कांपने लगता था । इसी तरह सौर बाजार निवासी मोहम्मद रिजवान ने बताया मेरे 11 साल के बेटे के स्कूल मै एक बार आरबीएसके की टीम विद्यार्थियों का हेल्थ चेकअप कर रही थी तो उसी समय हमने भी अपने बेटे का चेकअप कराया। तभी इसके लक्षण पहचान में आए। चेकअप में बीमारी की पकड़ के बाद सदर अस्पताल से आईजीआईएमएस रेफर किया गया। वहां पर सारी जांच प्रक्रिया और कागजी काम के बाद एक दिन बुलाया गया।

पटना से अहमदाबाद का सुखद सफर :

बच्चों के पिता रामू कुमार एवं मोहम्मद रिजवान ने बताया क आरबीएसके के दो डॉक्टर राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉक्टर संजय कुमार शर्मा, डॉक्टर कमर सालेह के साथ पटना आये तथा वहां मुख्यमंत्री से मिला और हमारा काफी सत्कार हुआ। मुख्यमंत्री ने दिलासा और होने वाले ऑपरेशन के लिए शुभकामनाएं भी दी। वहां से बस से एयरपोर्ट गया। टिकट कटाया गया। कुल 32 आदमी पटना से अहमदाबाद गए थे। अहमदाबाद में भी खाने से लेकर रहने तक का बेहतर इंतजाम था। बच्चों का ऑपरेशन किया गया। जो सफल रहा। गुरुवार को ही पटना से सहरसा एबुंलेंस से लौटा हूं। ऑपरेशन कराने के बाद पटना एयरपोर्ट पर प्रधान सचिव भी स्वागत के लिए खड़े थे। एक पैसा कहीं खर्च नहीं हुआ। अब हमारे बच्चे काफी स्वस्थ्य है ।साथ ही बच्चे के माता-पिता ने स्वास्थ्य विभाग का धन्यवाद किया।

सात निश्चय योजना के तहत बाल हृदय योजना से हुआ उपचार :

सहरसा के जिला राष्ट्रीय बाल सुरक्षा के समन्वयक डॉ संजय कुमार शर्मा ने बताया साक्षी कुमारी उम्र -2 साल तथा मोहम्मद मुमताज आलम उम्र -11 साल का इलाज मुख्यमंत्री की आकांक्षी योजना सात निश्चय 2 के महत्वाकांक्षी योजना बाल हृदय योजना के तहत हुआ तथा उनको भरोसा दिलाया गया कि उनके बच्चों का ऑपरेशन इसी स्कीम के तहत होगा और उनका एक भी पैसा खर्च नहीं होगा। इलाज के बाद भी हमारी टीम बराबर मोहम्मद मुमताज आलम तथा साक्षी कुमारी पर नजर बनाये हुए है। वहीं उनके पिता से भी बराबर संपर्क में हैं। साक्षी कुमारी तथा मोहम्मद मुमताज आलम की चिकित्सा में सहरसा सदर अस्पताल के डॉ कमर सालेह का रोल भी काफी अहम रहा।

आरबीएसके की अहम भूमिका:

सिविल सर्जन डॉ अवधेश कुमार ने कहा मोहम्मद मुमताज आलम तथा साक्षी कुमारी को आज जो जिंदगी मिली है वह आरबीएसके के नियत तौर पर कार्य करने का परिणाम है। आरबीएसके के तहत 34 तरह की बीमारियों का इलाज होता है। जो बिल्कुल ही नि:शुल्क है तथा जिले से कुल 12 बच्चे का नाम दिया है जिसमे 4 बच्चे का इलाज हुआ और 2 बच्चे का सफल आरेशन किया गया। 6 बच्चे को जल्द ही आदेश आने पर आपरेशन के लिए भेजा जाऐगा ।