मधुबनी नरसंहार से आक्रोशित श्री राजपूत करणी सेना ने निकाला आक्रोश यात्रा

685
मधुबनी की घटना से पूरे राष्ट्र के क्षत्रिय दुखी हैं
 
पटना:  मधुबनी नरसंहार मामले में आक्रोशित श्री राजपूत करणी सेना ने आज पटना में जदयू विधान पार्षद सह श्री राजपूत करणी सेना के संरक्षक रणविजय कुमार सिंह के सरकारी आवास से मधुबनी के लिए आक्रोश यात्रा निकाला, जिसका नेतृत्व श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना और बिहार प्रदेश अध्यक्ष बी के सिंह ने किया।
इस दौरान उनके साथ बिहार समेत अन्य कई प्रदेशों के श्री राजपूत करणी सेना के सैकड़ो पदाधिकारी मौजूद रहे। सबों ने एक स्वर में मधुबनी की घटना की निंदा की और कहा कि क्षत्रियों के साथ ऐसे जघन्यता बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।आक्रोश यात्रा से पूर्व प्रेस वार्ता में श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना और बिहार प्रदेश अध्यक्ष बी के सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि मधुबनी की घटना से पूरे राष्ट्र के क्षत्रिय दुखी हैं। इसलिए आज यह आक्रोश यात्रा पटना से मधुबनी तक निकाला जा रहा है। इस यात्रा में देश भर से आये श्री राजपूत करणी सेना के पदाधिकारी समेत क्षत्रिय समाज के हजारों लोग शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम मधुबनी जाकर सर्वप्रथम नरसंहार पीड़ितों से मुलाकात करेंगे और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे। साथ इस तरह की घटनाओं को कैसे रोका जाए, उस पर विचार विमर्श करेंगे। खासकर क्षत्रिय समाज पर हो रहे इस तरह के हमले बर्दाश्त करने लायक नहीं हैं। हम ऐसे कैसे रोके इस पर चर्चा करेंगे। उन्होंने इस नरसंहार मामले में सरकार और प्रशासन के रवैये पर सवाल खड़े किए और कहा कि पहले तो शासन और प्रशासन के द्वारा कुछ किया नहीं गया, उल्टे जिनके घरों में इतना बड़ा नरसंहार हुआ, उसकी लाइसेंसी हथियार भी पुलिस ने जब्त कर रखी है।
उन्होंने कहा कि श्री राजपूत करणी सेना मधुबनी घटना की कड़ी निंदा करती है और इस हृदयविदारक घटना में अनाथ हुए बच्चे बच्चियों की शिक्षा -दीक्षा, उनके विवाह समेत अन्य आवश्यक चीजों के लिए इन परिवार के साथ श्री राजपूत करणी सेना पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। साथ ही हम सरकार से मांग करते हैं कि वे इस घटना के पीड़ितों के परिवार से एक – एक आदमी को नौकरी दे या फिर कम से कम 1 करोड़ का मुआवजा दे। ताकि इनका जीवन यापन हो सके। इसके अलावा पकड़े गए हत्यारों का स्पीडी ट्रायल कर उन्हें फांसी पर लटकाया जाए।