ज़िला स्तरीय सतर्कता एव अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित

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62 लाख 60 हजार रूपए मुआवजा राशि आवंटित
सहरसा : अनुसूचित जाति,जनजाति अत्याचार मामलों में अभियोजन काफी महत्वपूर्ण बिंदु होता है। हत्या, बलात्कार एवं अन्य जघन्य अत्याचार से संबंधित अपराधिक मामलों में निष्चित रूप से कन्वीक्षन (दोष प्रमाणित) करायें तथा पीड़ित व्यक्तियों,उनके आश्रितों को न्याय दिलाएं। अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार से संबंधित लंबित वादों में सभी पक्षों से समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र निष्पादन कराना सुनष्चित करें। साथ हीं इन मामलों में ससमय मुआवजा राशि का भुगतान भी कराएं।
आज जिलाधिकारी कौशल कुमार अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उक्त निर्देश दे रहे थे।बैठक में जानकारी दी गई कि सहरसा अनुसूचित जाति/जनजाति थाना कांड संख्या-225/2017 में कन्वीक्षन हुआ है जिसमें आरोपी को ढाई वर्ष की सजा न्यायालय द्वारा निर्धारित की गई। विदित हो कि उक्त कांड संख्या में एक जन वितरण प्रणाली विक्रेता द्वारा गाली गलौज एवं जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर पीड़ित को अपमानित एवं प्रताड़ित करने के मामले में सात लोंगो के गबाही के उपरांत विशेष न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने पर आरोपी को सजा निर्धारित की गई। 2018 के बाद अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत इस मामले में कन्वीक्षन हुई। जिलाधिकारी ने विशेष अपर लोक अभियोजक को हत्या के 5 लंबित मामलों में न्यायालय से समन्वय कर एवं प्रतिदिन फोलोअप करते हुए प्राथमिकता के आधार पर कन्वीक्षन कराने का निर्देश दिया।      विगत बैठक में जिलाधिकारी ने अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर लंबित वाद के अद्यतन स्थिति की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश के आलोक में विषेष अपर लोक अभियोजक द्वारा 1225 विभिन्न स्तरों पर लंबित वादों की सूची बैठक में प्रस्तुत की गई। जिसमें साक्ष्य के लिए 103, एपिएरेंस के लिए 485, आर्गुमेंट के लिए 03, कांगनीजेंस के लिए 186, हियरींग के लिए 200, फाइनल फार्म के लिए 204, चार्जशीट के लिए 41 एवं पुलिस संबंधी कागजातों के लिए 03 लंबित वादों की सूची की जानकारी दी गई। समीक्षा में जिलाधिकारी द्वारा काफी संख्या में वादों के लंबित रहने को चिन्ताजनक बताते हुए विषेष अपर लोक अभियोजक के कार्यषैली के प्रति नाराजगी व्यक्त की गई। विशेष न्यायालय से समन्वय कर वादों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। अंतिम सुनवाई के लिए जो वाद लंबित है उन्हें फाॅलोअप करते हुए कन्वीक्षन कराने का निर्देष दिया गया। काग्नीजेंस के लिए लंबित सभी मामलों को यथाषीघ्र निष्पादित कराने का निर्देष दिया गया। अगली बैठक तक अधिक से अधिक मामलों में कन्वीक्षन कराने का निर्देष विषेष अपर लोक अभियोजक को दी गई।                                                           वादों के सुनवाई के क्रम में गवाही देने आये व्यक्तियों को यात्रा भत्ता का भुगतान नहीं किये जाने पर जिलाधिकारी ने विषेष अपर लोक अभियोजक के प्रति क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति गवाही देने आते हैं वे अपना काम छोड़कर आते हैं। उन्हें निष्चित रूप से यात्रा का भुगतान किया जाना चाहिए। सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा का लाभ दें ताकि गवाही देने के प्रति लोगों में जागरूकता एवं उत्साह कायम हो। अपर लोक अभियोजक को जिन मामलों में कन्वीक्षन हो चुका है उनसे जुड़े गवाहों को यथाषीघ्र यात्रा भत्ता का भुगतान सुनिष्चित करने का निर्देश दिया गया।
62 लाख 60 हजार रूपए मुआवजा राषि पीड़ित व्यक्तियों/आश्रितों को प्रदान करने की स्वीकृति      
आज बैठक में अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम के अंतर्गत 45 मामलों में कुल-62 लाख 60 हजार रूपए मुआवजा राषि पीड़ित व्यक्तियों/आश्रितों को प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। जिलाधिकारी ने निर्देष दिया कि जिन मामलों में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। इसकी जानकारी प्राप्त कर संबंधित को द्वितीय किष्त की मुआवजा राषि का भुगतान शीघ्र करें।              सहरसा अनुसूचित जाति/जनजाति थाना कांड संख्या-330/2016 के अंतर्गत श्याम सुंदर तांती की हत्या के मामले में आश्रित को द्वितीय किष्त की मुआवजा राषि के भुगतान के संबंध में समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत विषेष अपर लोक अभियोजक को निर्देष दिया गया कि प्राथमिकता के आधार पर न्यायालय से समन्वय कर इस वाद में अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम की धारा का समावेष कराएं ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा राषि का भुगतान किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि इस मामले में पीड़ित परिवार को मुआवजा राषि का शीघ्र भुगतान कराया जाना उद्देष्य है। अतएव प्रक्रिया के क्रम हुई त्रुटि का यथाषीघ्र निवारण सुनिष्चित कराएं।                              जिलास्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति में प्रथम श्रेणी के अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के पदाधिकारी को नामित करने के संदर्भ में सर्वसम्मति से परुषोतम पासवान जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी को नामित किया गया। अनुमंडल स्तर पर गठित सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक नियमित रूप से कराने के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा उनके स्तर से सभी अनुमंडल पदाधिकारी को निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित बैठक आयोजित करने हेतु पत्र भेजने का निर्देष दिया गया। बैजनाथपुर ओ.पी. से संबंधित कांड संख्या-450/2020 में पोस्र्टमाटम रिपोर्ट एवं पुलिस विभाग के स्तर से मुआवजा प्रस्ताव 24 घंटे के अंदर प्राप्त कर मुआवजा के भुगतान का निर्देष दिया गया।                                                                               बैठक में सदस्य रूप में मंत्री कला संस्कृति एवं युवा आलोक रंजन,विधान सभा सदस्य सिमरी बख्तियारपुर के प्रतिनिधि, जिला कल्याण पदाधिकारी, लोक अभियोजक, विषेष अपर लोक अभियोजक, थाना प्रभारी, अनुसूचित जाति/जनजाति थाना सहरसा एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।