शिक्षाविद ए रहमान के निधन पर शोक की लहर

Kunal Kishor
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काफी लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे

सहरसा : शहर के वरिष्ठ शिक्षाविदों में शुमार रहे सेवानिवृत्त प्राध्यापक ए रहमान का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। रहमान साहब काफी लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे ।

उनके निधन से शहर के शैक्षणिक संस्थानों सहित आमलोगों में भी शोक की लहर दौड़ पड़ी है। विदित हो कि सेवानिवृत्त ए रहमान मनोहर उच्च विद्यालय के अंग्रेजी के प्राध्यापक रह चुके है। अंग्रेजी के ग्रामर के अच्छे जानकार रहे रहमान साहब वर्ष 1999 में सेवानिवृत्त हुए थे ।रहमान साहब की लिखी पुस्तक “सियोर सक्सेस ट्रांस एंड ट्रांसलेशन” काफी प्रचलित रहा ।
उनके निधन पर शहर के शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के अलावे कई अन्य संगठनों के लोगों ने दुख जताते हुए उनके निधन को शहर व जिले के लिए अपूरणीय क्षति बतायाहै।
निधन पर शोक व्यक्त करने वालों ने कहा कि उनके निधन से एक युग का अंत  हो गया , काफी मिलनसार और सामजिक कार्यों में रुचि रखने वाले रहमान साहब का समाज मे एक अच्छी पकड़ थी , इनके निधन के खबर मिलते ही शुभचिंतकों  के बीच शोक की लहर दौड़ गयी और महावीर चौक स्थित घर पर अंतिम दर्शन करने वालों का तांता लग गया,ये अपने पीछे एक पत्नी, तीन पुत्र , और दो पुत्री छोड़ गए ।
इनके निधन पर पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना,  डॉक्टर अरुण सिंह , सुरेंद्र सिंह, महबूब आलम जिबु,  अधिवक्ता अब्बास, राम जी प्रसाद गुप्ता ,डॉ तारिक, लुक़मान अली, मास्टर के के वर्मा, शेर अफगान मिर्जा , डॉ मोइज ,अधिवक्ता जवाहर प्रसाद सिंह भोला पँजियार, आदि ने शोक व्यक्त किया ।