बिहार का ऐसा गांव जंहा थाना,कोर्ट का चक्कर नहीं लगाते ग्रामीण

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डीजे,डीएम,एसपी ने ग्रामीणों को किया सम्मानित

बिहार का यह गांव लिटिगेशन फ्री है। हम बात कर रहे है मधेपुरा ज़िले के घैलाढ़ प्रखंड के ध्रुवपट्टी एवं चौसा प्रखंड के मधुरा पुर गांव का । यह दोनों गांव पूरी तरह वाद मुक्त है।यहां के लोग अपनी सूझ बूझ से  गांव में होनी बाली सभी तरह के मामले को स्थानीय स्तर पर ही मिल बैठकर सुलझा लेते हैं ।यही कारण है कि दोनों गांव के एक भी मामले न्यायालय या थाने तक नहीं जाता है।
मधेपुरा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चन्द्र मालवीय,ज़िला पदाधिकारी श्याम बिहारी मीणा, पुलिस कप्तान योगेंद्र कुमार द्वारा घैलाढ़ प्रखंड के श्रीनगर पंचायत पहुंच कर गांव के पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया ।
घैलाढ़ प्रखंड के श्रीनगर पंचायत में आयोजित विधिक जागरूकता सह प्रशस्ति पत्र वितरण समारोह में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र मालवीय  की अध्यक्षता में वाद मुक्त  गांव के पंचायत प्रतिनिधियों को बारी-बारी से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के बाद सभी अधिकारी ध्रुवपट्टी गांव जाकर लोगों से मिले और बधाई देते हुए वाद मुक्त की परंपरा को बनाए रखने की अपील की।

डीजे रमेश चंद्र मालवीय

घैलाढ़ प्रखंड के श्रीनगर पंचायत सरकार भवन में  आयोजित  विधिक जागरूकता शिविर -सह- प्रशस्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद मालवीय ने  कहा कि किसी भी गांव में मुकदमा या वाद रहता है तो आपस में लोग लड़ते झगड़ते हैं और हर दृष्टिकोण ऐसे समाज के लोग पिछड़ते चले जाते हैं।उन्होंने कहा केस मुकदमे से लाभ नहीं घटा ही घटा होता है, इसलिए हर किसी को वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए।अगर कोई विवाद हो भी जाता है उसे आपस में मिल बैठकर सुलझा लेना ही समाज की खूबसूरती है।उन्होंने कहा कि ध्रुवपट्टी एवं मधुरापुर गांव के वाद रहित गांव होने पर बहुत ही प्रसन्नता हो रही है की  इस गांव के लोग आपस में बैठकर या पंचायत भवन में सरपंच के न्यायालय में अपने झगड़े को सुलझा रहे हैं।

ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मालवीय ने कहा कि ध्रुवपट्टी एवं मधुरापुर गांव कि तरह हर गांव और पंचायत को वाद मुक्त रखने की दिशा में आगे आना चाहिए।इससे गांव समाज में सामाजिक सदभाव,शेक्षणिक और आर्थिक समृद्धि आएगी।उन्होंने कहा कि आज वाद रहित गांव ध्रुवपट्टी में आकर बहुत ही अच्छा लग रहा है एवं उपस्थित लोगों से अपील किया गया कि छोटे-मोटे मामलों को गांव स्तर पर सरपंच के न्यायालय में निष्पादन किया जाय, ताकि केस एवं मुकदमा से परिवार एवं गाँव का विकास बाधित नही हो।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जिलाधिकारी  श्याम बिहारी मीणा ने कहा कि वाद रहित गांव  ध्रुवपट्टी एवं मधुरापुर बिहार राज्य का पहला गांव है जो वाद रहित गांव है, यह काफी प्रसन्नता की बात है।उन्होंने कहा कि  आज की तारीख में श्रीनगर पंचायत के आदर्श ग्राम ध्रुवपट्टी एवं अरजपुर पश्चिमी पंचायत के मधुरापुर गांव में एक भी मुकदमा एवं केस नहीं है, यहां के लोग अपनी सूझबूझ के साथ छोटी-मोटी समस्याओं का निराकरण स्वयं या बड़े बुजुर्गों के साथ में मिलजुल कर करते हैं।

डीएम श्याम बिहारी मीणा

डीएम ने कहा कि इस गांव के सभी लोगों से अपील  है  कि इस परंपरा को बनाये रखेंगे।उन्होंने  जिला के अन्य गांव वाद रहित हो इसके लिए अथक प्रयास एवं पहल करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीण
इस मौके पर एसपी योगेंद्र कुमार ने कहा कि वाद रहित गांव में आकर काफी खुशी हुई की अब हमारे समाज में ऐसी जागृति आ रही है।उन्होंने कहा कि अगर हर गांव के लोग इस तरह की परंपरा को अपना लेंगे तो उस गांव समाज को विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता।

कार्यक्रम मौजूद अधिकारीगण
कार्यक्रम के अंत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेशचंद्र मालवीय, जिला पदाधिकारी श्याम बिहारी मीणा  एवं पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार द्वारा बारी बारी से वाद रहित गांव ध्रुवपट्टी एवं अरजपुर पश्चिमी पंचायत के सरपंच, मुखिया, उप सरपंच सहित सभी पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया,इसके बाद उपरोक्त पदाधिकारीगण द्वारा ध्रुवपट्टी गांव के कार्तिक मंदिर परिसर में उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित किया  एवं अपील किया गया कि आपसी मतभेद को भुलाकर अमन चैन के साथ रहे एवं परिवार एवं गांव के सर्वांगीण विकास में सहभागी बने ।