5 अप्रैल तक चिकित्सकों व कर्मियों का छुट्टी रद्द

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अध्ययन व मातृत्व अवकाश को छोड़कर सभी तरह के छुट्टी रदद्

पूर्व से अवकाश पर गए चिकित्सकों व कर्मियों को अविलंब योगदान देने का निर्देश

सरकार के संयुक्त सचिव ने जारी किया निर्देश

सहरसा : जिले में कोरोनावायरस से उत्पन्न दूसरे चरण के संक्रमण के रोकथाम एवं इसके निरोधात्मक उपाय के लिए विशेष चौकसी एवं अनुश्रवण की आवश्यकता को देखते हुए राज्य के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों (संविदा व नियोजित सहित) चिकित्सा पदाधिकारियों से लेकर निदेशक प्रमुख तक प्राचार्य/ अधीक्षक चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल से लेकर जूनियर रेजिडेंट तक एवं निदेशक विशेष चिकित्सा संस्थान तथा राज्य के सभी चिकित्सकों व कर्मियों का छुट्टी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। सभी स्वास्थ्य कर्मियों( संविदा नियोजित सहित) स्वास्थ्य प्रशिक्षक, पारा मेडिकल, जीएनए, एएनएम, शल्य कक्ष सहायक, लैब टेक्नीशियन, सभी चतुर्थवर्गीय कर्मी इत्यादि का सभी प्रकार के अवकाश को (अध्ययन अवकाश एवं मातृत्व अवकाश को छोड़कर) 5 अप्रैल तक रद्द किया गया है। इस संबंध में सरकार के संयुक्त सचिव अनिल कुमार ने पत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।जांच का दायरा बढ़ाया गया:

सिविल सर्जन डॉ अवधेश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से कोरोना जांच अधिक से अधिक करने के निर्देश दिए हैं। खासकर कोरोना प्रभावित बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की जांच हो रही है। इसके लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। कोरोना जांच सेंटर पर अधिक से अधिक जांच किये जा रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. अवधेश कुमार ने अपील करते हुए कहा कि जो भी कोरोना प्रभावित राज्यों से आए हैं वे लोग कोरोना की जांच जरूर करावे ताकि उनका परिवार और समाज सुरक्षित रहें।

​भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें:

सिविल सर्जन डॉ.अवधेश कुमार कोरोना वायरस से बचे रहने के लिए ऐसे स्थान पर न जाएं जहां भीड़ अधिक हो। ऐसी जगह पर संक्रमण का खतरा ज्यादा रहेगा। इसलिए कोशिश करें कि ऐसे किसी भी जगह पर जाने से पहले मास्क जरूर लगाएं। इस बात का जरूर ध्यान दें कि आपका मास्क उतरने न पाए। ​खांसने और छींकने वाले लोगों से दूर रहें।कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन:

– एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।