बिहार का तीसरा प्लेस ऑफ सेफ्टी सहरसा में खुला

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डीजे,डीएम,एसपी ने फीता काटकर किया उदघाटन
सहरसा:  जेल काॅलोनी स्थित नव निर्मित प्लेस
ऑफ सेफ्टी भवन का उद्घाटन  जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिनोद कुमार शुक्ला,जिलाधिकारी
कौशल कुमार एवं पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
 आज से उत्तर बिहार के 14 जिलों के 16 से 18 आयु के विधि विवादित बच्चों के यहां रहने की व्यवस्था आरंभ हुई। यह उत्तर बिहार का एकमात्र एवं बिहार का तीसरा प्लेस ऑफ सेफ्टी सहरसा में स्थापित हुआ। पूर्व में विधि विवादित बच्चों को रखने के लिए राज्य का मात्र एक प्लेस ऑफ सेफ्टी शेखपुरा में कार्यरत था। विगत 17 मार्च 2021 को औरंगाबाद में राज्य का दूसरा एवं आज सहरसा में राज्य का तीसरा प्लेस ऑफ सेफ्टी कार्यरत हुआ। यह सहरसा हीं नहीं पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
 जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार शुक्ला ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि आज से 16 से 18 वर्ष के आयु के विधि विवादित बच्चों को यहां रखने हेतु संसाधन आरंभ हो गया है। इन बच्चों के सुरक्षा की पूरी जवाबदेही संबंधित विभाग की रहेगी और यहां के संचालन का नियमित रूप से पर्यवेक्षण किया जाएगा। ससमय सहरसा में प्लेस ऑफ सेफ्टी के नव निर्मित भवन कार्यरत होने में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक बधाई के पात्र हैं। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने इस अवसर पर कहा कि 14 जिलों के विधि विवादित बच्चों को पूरी सुरक्षा के साथ यहां रहने की व्यवस्था है। प्लेस ऑफ सेफ्टी के शुभारंभ होने से आज का दिन सहरसा के लिए गौरव का दिन है।     उद्घाटन के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने पुरे भवन सहित परिसर का अवलोकन किया।बच्चों के रहने की जगह, कमरों, मेश, चिकित्सालय, लाइब्रेरी, न्यायालय कक्ष, काॅमन रूम, कार्यालय, पदाधिकारियों एवं कर्मियों के कक्ष सहित सभी कमरों का अवलोकन किया। बच्चों का पूरा ध्यान रखने, निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने, किचन एवं टाॅयलेट की स्वच्छता, रहने वाले बच्चों को पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करने, खेल-कूद एवं सृजनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया। बच्चों के लिए अच्छी पुस्तकें पुस्तकालय में उपलब्धता एवं चित्रांकण एवं वाद्ययंत्रो के प्रति रूचि के अनुसार उन्हें प्रेरित करने का निर्देष दिया।
प्लेस ऑफ सेफ्टी के अधीक्षक ने बताया कि तीन स्वीकृत पद में से हाउस फादर, प्रोबेशन पदाधिकारी, कान्सिलर एवं अन्य सभी संबंधित कर्मियों ने अपना योगदान कर लिया है। शीघ्र हीं बच्चों के लिए
शिक्षक एवं चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।    यहां पर सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। वीडीओ कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय के लिए उपस्थापन हेतु व्यवस्था है। पूरे भवन में अग्निरोधी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।  मौके पर एडीजे प्रथम मोतीस कुमार सिंह, लोक अदालत के सचिव रवि रंजन, सीजेएम अभय श्रीवास्तव, जज इंचार्ज प्रकाश कुमार सिन्हा, प्रधान दंडाधिकारी मनीष कुमार, सहायक निदेशक बाल संरक्षण सत्यकाम, किशोर न्याय परिषद सहरसा के सदस्य अरविंद कुमार झा के अलावे प्लेस ऑफ सेफ्टी के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।