सार्वजनिक क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपा जाना घोर चिंता का विषय : लवली आनंद

1097

कार्यपालक सहायकों के हड़ताल का किया समर्थन

सहरसा : पूर्व सांसद लवली आनंद ने राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के खिलाफ बैंक अधिकारियों और कर्मियों द्वारा सोमवार से शुरू हड़ताल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि एन.डी.ए. सरकारों द्वारा धड़ल्ले से जिस तरह एक-एक कर सार्वजनिक क्षेत्रों को निजी हाथों सौंपा जा रहा है, वह घोर चिंता का विषय है । वैश्विक महामारी कोरोना काल में जहाँ एक तरफ करोड़ों लोगों की रोजी छिन गई, वहीं सरकार के चहेते मुठ्ठी भर उद्योगपतियों का रातोंरात खरबपति बन जाना भी केंद्र की पूंजीपरस्त नीति का पोल खोलती है ।पूर्व सांसद ने कार्यपालक सहायकों के हड़ताल का पुरजोर समर्थन करते हुए उसे बेलट्रोन जैसी निजी कंपनियों को सौंपने की साजिश की भी भर्त्सना की है ।

उन्होंने राज्य सरकार से माँग की कि इससे पहले कि वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरें और जनहित के कार्य बड़े पैमाने पर बाधित हों , इन संविदाकर्मी कार्यपालक सहायकों का स्थायीकरण मुनासिब है ।
पूर्व सांसद ने एम.डी.एम. रसोइयों की मांगों को भी जायज ठहराते हुए उनकी सेवा का स्थायीकरण और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की माँग की ।