प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निष्पादन करें बैंक : जिलाधिकारी

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बैंकवार अनुश्रवण करते हुए शत-प्रतिशत आवेदनों में ऋण उपलब्ध कराएं
सहरसा : वार्षिक साख योजना के अंतर्गत प्रगति संतोषजनक नहीं है। लेकिन कोविड-19 के दृष्टिकोण से सामान्य कहा जा सकता है। इस वित्तीय वर्ष के शेष बचे समय में शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति करें। जमा साख अनुपात (सी.डी.रेशियो) को मेनटेन रखें। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निष्पादन करें, इस योजना के अन्तर्गत कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहे। आज जिलाधिकारी कौशल कुमार जिला स्तरीय परामर्षदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में कार्यरत सभी बैकरों को निर्देश दे रहे थे।    जिलाधिकारी ने तृतीय तिमाही दिसंबर 2020 तक के प्राप्त उपलब्धि के आधार पर वार्षिक साख योजना (ए.सी.पी.) सी.डी. रेशियो,एम.एम.एम.ई., कृषि, मत्स्य,पशुपालन प्रक्षेत्र की योजनाओं, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना एवं जीविका समूहों के वित्त पोषण के संदर्भ में लक्ष्य के विरूद्ध बैंकवार उपलब्धि के आधार पर समीक्षा की गई। कुछ बैंको जैसे युको बैंक, बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, एक्सिस बैंक के उपलब्धि पर असंतोष जताया और वर्तमान तिमाही के अंत तक लक्ष्य के अनुरूप प्राप्ति का निर्देश दिया गया। जिन बैंको की उपलब्धि अच्छी रही हैै उन्हें शत-प्रतिशत लक्ष्य के अतिरिक्त उपलब्धि प्राप्त करने का निर्देश दिया ताकि यदि कुछ बैंकों की उपलब्धि कम रहने पर ओभर ऑल जिले की उपलब्धि अच्छी होगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिला स्तरीय परामर्ष दात्री,समीक्षा समिति की मासिक बैठक आयोजित करें जिसमें बैंकवार मासिक प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बैंक आफ इंडिया के अबतक की उपलब्धि पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्टेट बैंक आफ इंडिया के बाद सबसे अधिक शाखा इसी बैंक की है और संभावना के मद्देनजर शत-प्रतिषत उपलब्धि प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता सार्वजनिक बैंक पर हीं निर्भर करता है। अतः योजनाओं के वित्त पोषण में उदारता रखें ,विशेषकर कृषि प्रक्षेत्र से जुड़ी योजनाओं में ससमय वितपोषण करें क्योंकि यह जिला कृषि अर्थव्यवस्था पर आधारित है।उन्होंने कहा कि लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द निष्पादन करें ताकि सी.डी. रेषियो मेनटेन रहे। सी.डी. रेषियों के मामले में सहरसा जिला को राज्य के टाॅप टेन जिला में सम्मिलित करने हेतु सभी बैंक इसके लिए प्रयास करें। मत्स्य विभाग के अंतर्गत   के.सी.सी. हेतु षिविरों के माध्यम से 534 प्राप्त आवेदन बैंकों को भेजे जाने की जानकारी दी गई जिसमें सबसे अधिक भारतीय स्टेट बैंक को भेजे गये हैं। जिलाधिकारी ने सभी बैंको को निर्देश कि यह कृषि पक्षेत्र की योजना है अतएव शत-प्रतिषत आवेदनों का
वित्त पोषण सुनिष्चित करें। इस संबंध में जिला मत्स्य पदाधिकारी को सभी बैंकों से समन्वय कर आवेदनों के निष्पादन का निर्देष दिया गया। डेयरी योजना के अंतर्गत बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंतर्गत 121 प्राप्त आवेदनों में से 86 आवेदन में स्वीकृति दी गई है। बहुत कम आवेदन निष्पादन हेतु शेष रहने की बात कहते हुए रूचि लेकर निष्पादन का निर्देष दिया गया।                                                                      प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत वर्तमान
वित्तीय वर्ष में 67 लक्ष्य के विरूद्ध 41 में स्वीकृति दी गई है जबकि 19 में ऋण उपलब्ध कराया गया है। बताया गया कि आवेदकों के प्रषिक्षण नहीं होने के कारण स्वीकृत आवेदनों में ऋण राषि नही दी गई है।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रषिक्षण की बाध्यता नहीं है अतएव स्वीकृत आवेदनों में अविलंब ऋण उपलब्ध कराएं। युवाओं के लिए स्वरोजगार हेतु यह सबसे अच्छी योजना है बैंक स्तर से इस योजना में षिथिलता नहीं बरती जाय। उप विकास आयुक्त को निर्देश दिये गये कि बैंकवार अनुश्रवण करते हुए शत-प्रतिषत आवेदनों में ऋण उपलब्ध कराएं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 1255 आवेदन पोर्टल पर अपलोड होने की जानकारी दी गई जिसमें से 530 आवेदनों को बैंकों द्वारा स्वीकृत किये गये हैं 131 में ऋण उपलब्ध कराये गये हैं। जिलाधिकारी ने अगले शनिवार कार्यपालक पदाधिकारी को नगर परिषद, सहरसा के परिसर में षिविर का आयोजन करने का निर्देष दिया जिसमें सभी बैंक एवं आवेदनकर्ता सभी वेंडर षिविर में आएंगे और षिविर के माध्यम से शत-प्रतिषत आवेदनों को स्वीकृत करते हुए ऋण राषि उपलब्ध की दिषा में कारवाई करेंगे। जीविका के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय क्रेडिट लिंकेज के 1685 आवेदन बैंक स्तर पर लंबित रहने की जानकारी दी गई जिसमें भारतीय स्टेट बैंक के सबसे अधिक 950 आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित बैंको को निर्देष दिया कि जीविका समूूहो के क्रेडिट लिंकेज एवं समूहों के खाता खोले जाने में विलंब ना हो।जिलाधिकारी ने कहा कि बैंकों की सुरक्षा को लेकर विगत दिनों प्रषासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों के माध्यम से सर्वे करायी गयी है जिसमें कई तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों की सुरक्षा की जितनी जवाबदेही हमारी है उतनी हीं जवाबदेही बैंको की भी है। अतएव बैंक सुरक्षा निर्देषों का अक्षरषः पालन करे। बड़ी राषि की निकासी एवं ट्रांजक्षन में स्थानीय थानों को अनिवार्य रूप से सूचना दें। बैंकों में लगे सभी सी.सी.टी.वी. कैमरे कार्यरत रखें एवं उच्च गुणवत्ता के सी.सी.टी.वी. कैमरों का अधिष्ठापन करें। बैंक परिसर के बाहर भी चारों और अच्छी गुणवत्ता के सी.सी.टी.वी. कैमरे लगे रहने चाहिए। सभी बैंक इस संबंध में समीक्षा कर लें एवं अच्छी गुणवता के पर्याप्त सी.सी.टी.वी. कैमरों का संस्थापन करें। ए.टी.एम. में भी सी.सी.टी.वी. कैमरा कार्यरत रहना चाहिए ए.टी.एम. के बाहर भी सी.सी.टी.वी. कैमरे लगे रहने चाहिए।
चौकीदार एवं सुरक्षा कर्मियों को सुरक्षा के संदर्भ में अच्छी तरह से प्रषिक्षण रहना चाहिए साथ उनके कार्य कलाप की भी समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए। इन सुरक्षा निर्देषों का एक सप्ताह के अंतर्गत अनुपालन सुनिष्चित करने का निर्देष दिया गया।                           बैठक में उप विकास आयुक्त राजेश कुमार सिंह, भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारी, सभी बैंकों के प्रतिनिधि एवं अन्य उपस्थित थे।