कला और संस्कृति समाज की धरोहर : कुलपति

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‘ये है मेरा बिहार ‘ की प्रस्तुति में तनुजा ने उकेरा बिहार का गौरवशाली अतीत

मधेपुरा: दर्शन परिषद् बिहार के तीन दिवसीय अधिवेशन के सांस्कृतिक सत्र के बाद दूसरे सत्र में संस्कृतिक  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे जिले के विभिन्न नाट्य संगीत से जुड़े संगठनों सहित नवोदित व स्थापित कलाकारों की प्रस्तुतियाँ हुईं। इसमें लोकसंस्कृति, कोसी संस्कृति, बिहारी संस्कृति एवं राष्ट्रीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को सामने लाया गया। साथ ही विभिन्न समाजिक बिंदुओं पर भी प्रस्तुति दे दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया गया। सांस्कृतिक संध्या का दीप प्रज्वलन कर बीएनएमयू कुलपति प्रोफेसर डॉ. आर. के. पी. रमन, प्रतिकुलपति प्रोफेसर डॉ. आभा सिंह, कुलसचिव डाॅ. कपिलदेव प्रसाद यादव, दर्शन परिषद् के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. बी. एन. ओझा, पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. प्रभु नारायण मंडल, आयोजन सचिव डॉ. सुधांशु शेखर आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अपने उद्घाटन संबोधन में कुलपति प्रोफेसर डॉ. आर. के. पी. रमन ने कहा कि कला एवं संस्कृति समाज की पहचान और धरोहर होती है। इसे बचाना और समृद्ध करना कलाकारों के साथ-साथ पूरे समाज की भी जिम्मेदारी है।

मुख्य अतिथि प्रतिकुलपति प्रो डॉ. आभा सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम मूलतः समाज को अपनी कला एवं संस्कृति से रूबरू कराने का माध्यम है। वर्तमान दौर में ऐसे सुसभ्य आयोजनों की जरूरत है, जिसमें अपनी जमीनी संस्कृति को जानने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के द्वारा समाज की दशा और दिशा तय की जाती है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत युवा गायक रौशन कुमार की प्रस्तुति रंग दे चुनरिया से शुरू हुई। उसके बाद नवाचार रंगमंच के छोटे-छोटे बच्चों ने हम हैं इंडिया वाले और बम बम भोले की प्रस्तुति की। इस प्रस्तुति ने जम कर दर्शकों की तालियां बटोरी। वहीं राष्ट्रीय कला मंच के दिवेश व हिमेश की प्रस्तुति संदेशे आते हैं ,तेरी मिट्टी में मिल जावा ने राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।जिले की उभरती गायिका तनुजा ने कार्यक्रम में ये मेरा बिहार है की प्रस्तुति देकर बिहार के ऐतिहासिक गौरव को सामने लाया। प्रांगण रंगमंच की तनुजा की कुहके कोयलिया की शानदार प्रस्तुति ने लोक का रंग बिखेरा।

ए मेरे दोस्त तू लौट के आ जा पर कला मन्दिर फतेहपुर (पटना) के नीरज प्रकाश की प्रस्तुत काफी दमदार रही।

स्थापित कलाकार राखी यादव ने उजर बगुला सहित कई लोकगीत की प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक संध्या में शमा बांध दिया।

कार्यक्रम में इप्टा के सुभाष चन्द्र ने भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। युवा गजल गायक आलोक कुमार ने कई गजलों की प्रस्तुति कर तीन दिवसीय अधिवेशन के पहले दिन सांस्कृतिक संध्या का शानदार समापन किया। देर तक चले सांस्कृतिक संध्या में विकास पदाधिकारी डाॅ. ललन प्रसाद अद्री, आयोजन समिति के पदाधिकारियों सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए एव स्थानीय प्रतिभागी संग बड़ी संख्या में दर्शक जमे रहे। कार्यक्रम का संचालन शिव राजेश्वरी युवा सृजन क्लब के हर्षवर्धन सिंह राठौर ने किया।