गोल्डेन कार्ड बनाने में सहरसा को राज्य में मिला दूसरा स्थान

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डीएम ने की समीक्षा बैठक,दिए निर्देश
सहरसा : 17 फरवरी से 03 मार्च तक आयोजित आयुष्मान पखवारा की अवधि में गोल्डेन कार्ड बनाये जाने के मामले में सहरसा जिला को राज्य में दूसरा स्थान मिला। आयुष्मान पखवारा की अवधि में 101401 गोल्डेन कार्ड बनाए  गये। इस मामले में मधेपुरा जिला मात्र 3000 गोल्डेन कार्ड अधिक सृजित किये जाने के कारण प्रथम स्थान पर रहा जबकि तृतीय स्थान पर रहे मधुबनी जिला में मात्र 73644 गोल्डेन कार्ड सृजित किये गये। उल्लेखनीय है कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अवधि को विस्तारित कर 31 मार्च  तक कर दिया गया है।जिलाधिकारी कौशल कुमार ने आयुष्मान पखवारा के तहत गोल्डेन कार्ड सृजित किये जाने के संदर्भ में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ अपने कार्यालय वेश्म में समीक्षा बैठक की। आयुष्मान पखवारा अवधि में एक लाख से अधिक गोल्डेन कार्ड बनाये जाने पर संतोष जताते हुए उसी उत्साह एवं उर्जा के साथ गोल्डेन कार्ड सृजन हेतु विस्तारित अवधि में शेष बचे सभी लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड अभियान के तहत सृजित किये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि उन पंचायतों को लक्षित करें जहां अभी भी लाभार्थी बचे हुए हैं, जिनका गोल्डेन कार्ड नहीं बना है। जीविका के सभी 27 कलस्टर में आवष्यकता के अनुसार कार्यपालक सहायक की प्रतिनियुक्ति करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करें। जिलाधिकारी ने विस्तारित अवधि में प्रतिदिन पन्द्रह हजार गोल्डेन कार्ड सृजित किये जाने का लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया ।              उल्लेखनीय है कि आयुष्मान पखवारा अवधि में प्रतिदिन जिलाधिकारी के सतत् समीक्षा एवं अनुश्रवण के परिणाम स्वरूप गोल्डेन कार्ड के सृजन में उपरोक्त उपलब्धि हुई है। सभी पंचायत स्तर पर 161
विशेष शिविर  गोल्डेन कार्ड सृजित किये जाने हेतु आयोजित किये गये हैं जहां चिन्हित लाभार्थी के द्वारा राषन कार्ड अथवा  प्रधानमंत्री का हितग्राही परिवार के नाम पत्र एवं आधार कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र लेकर आने पर उनका कार्ड (गोल्डेन कार्ड) का सृजन किया जा रहा है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत निःषुल्क गोल्डेन कार्ड षिविरों के माध्यम से बनाये जा रहे हैं। इस योजना अंतर्गत राज्य अथवा राज्य के बाहर के सूचीबद्ध सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा चिकित्सीय महाविद्यालयों में ईलाज की सुविधा उपलब्ध है। जहां प्रति वर्ष प्रति परिवार पाँच लाख रूपये तक की निःषुल्क, कैषलेष एवं पेपरलेस चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, राजेश कुमार सिंह, आयुष्मान पखवारा हेतु नामित नोडल पदाधिकारी -सह- जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी रश्मि,आई .टी. मैनेजर लखिन्द्र महतों, डी.पी.एम. आयुष्मान भारत, डी.पी.एम. जीविका एवं अन्य बैठक में उपस्थित थे।