ज़िलाधिकारी ने निर्माणाधीन ऑब्जरवेशन होम का किया निरीक्षण

1059
पर्यवेक्षण गृह को लेकर दिए दिशा-निर्देश
सहरसा : जिलाधिकारी कौशल कुमार ने जेल काॅलोनी  में निर्माणाधीन आब्र्जवेशन होम के कार्य का आज स्थल निरीक्षण किया। विदित हो कि विगत फरवरी माह में जिलाधिकारी द्वारा निर्माणाधीन आब्र्जवेशन होम का निरीक्षण के क्रम में आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे । उक्त आलोक में कार्य प्रगति के संदर्भ में पुनः निरीक्षण किया गया। सबसे पहले जिलाधिकारी ने भवन परिसर का निरीक्षण किया। परिसर के अंदर भवन तक पहुँच पथ के ढ़लाई की उँचाई को देखते हुए परिसर के अन्य भाग को इसके अनुपात में सुव्यवस्थित एवं समतल कराने का निर्देश दिया गया। पूरे परिसर में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था सुनिष्चित करने के निर्देश दिये गये। भवन के सभी कमरों का जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। लगाये गये खिड़की एवं दरवाजों की गुणवत्ता को भी देखा। भवन स्थित हाॅल में बने शौचालय में लगे टाइल्स की गुणवत्ता पर असंतोष व्यक्त करते हुए उसे बदलने का निर्देश दिया गया।आब्र्जवेशन होम के लिए उपस्कर,सामग्री की अधिप्राप्ति की स्थिति की जानकारी ली।
बताया गया कि निविदा के माध्यम से सभी उपस्कर एवं सामग्री की अधिप्राप्ति कर ली गई है। विभिन्न पदों पर यथा-हाउस कीपर, रसोईया एवं हेल्पर की नियुक्ति किये जाने की जानकारी दी गयी और बताया गया कि सभी पदों पर नियुक्ति,पदस्थापन हो चूका है। भवन में बनाये जाने वाले लाइब्रेरी के संबंध में जानकारी ली गई।
जिलाधिकारी ने भवन निर्माण से संबंधित अभियंताओं एवं संवेदक को 05 मार्च तक अंतिम रूप से फीनिशिंग संबंधी सभी कार्य पूरा कर लेने का निर्देष दिया गया । साथ हीं सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा एवं अधीक्षक आब्र्जवे शन होम को विभागीय दिशा निर्देष के आलोक में यथाषीघ्र पूर्णरूपेण कार्यरत करते हुए संचालित कराने का निर्देष दिये गये।    उल्लेखनीय है कि सहरसा में 50 विधि विवादित बच्चों की क्षमता का उक्त आब्र्जवेषन होम की स्थापना की जा रही है। 18 वर्ष आयु से नीचे के विधि विवादित बच्चे जिनके द्वारा अपराध किया गया है और ट्रायल एवं अन्य कारणों से उनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो गयी है, ऐसे विधि विवादित बच्चों को यहां रखा जाएगा। अब तक बिहार में एक शेखपुरा जिला में ऐसे विधि विवादित बच्चों के लिए प्लेस आॅफ सेफ्टी आब्र्जवेषन होम संचालित किये जा रहे हैं। सहरसा में उक्त आब्र्जवेषन होम के संचालन से 18 वर्ष से अधिक आयु के विधि विवादित बच्चों के लिए उत्तर बिहार के दृष्टिगत एक और आब्र्जवेषन होम की स्थापना हो जाएगी। इस आब्र्जवेषन होम में विधि विवादित बच्चों में साकारात्मक परिवर्तन के लिए लाइब्रेरी, परिसर में खेलकूद के लिए बैडमिंटन एवं वाॅलीवाल, कोट भी बनाये जाएंगे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को दिये गये निर्देष का अनुपालन करने एवं पुनः उनके द्वारा 06 मार्च को निरीक्षण किये जाने का निर्देश दिया।