नेता विहीन हो गया है सहरसा : चेतन आनंद

Kunal Kishor
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लूट और पिछड़ापन आज सहरसा की नियति बन चुकी है
सहरसा : कोसी परिक्षेत्र आजादी पूर्व और आजादी के बाद राजनीतिक तौर पर काफी उर्वरा रहा । यही कारण है कि आजादी के संघर्ष में यहां रामबहादुर बाबू, शिवनंदन मंडल, पंडित राजेंद्र मिश्र जैसे एक से एक स्वतंत्रता सेनानी पैदा हुए , वहीं आजादी बाद सत्तापक्ष से ललित नारायण मिश्र , लहटन चौधरी , पंडित रमेश झा और चौधरी मोहम्मद सलाउद्दीन जैसे बड़े नेता हुए औऱ प्रतिपक्ष में भूपेंद्र नारायण मंडल, परमेश्वर कुमर, विनायक प्रसाद यादव एवं शंकर प्रसाद टेकरीवाल जैसे दिग्गज नेताओं की तूती रही । लेकिन दुर्भाग्य से आज कोसी खासकर सहरसा नेता विहीन हो गया है । यहाँ आज एमएलए, एमपी , मंत्री तो है , लेकिन नेता नही ।
यही कारण है कि सहरसा हर औपचारिकता पूरी करने के बाद भी नगर निगम का दर्जा नहीं पा सका ।मंडन भारती विश्वविद्यालय की सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी खुलना संभव नहीं हुआ । कमिश्नरी मुख्यालय रहते सहरसा लोकसभा क्षेत्र भी नहीं रहा । सहरसा वासियों की चिर -प्रतिक्षित मांग ‘एम्स’और दीवारी स्थित टेलीविजन केंद्र भी उठकर दरभंगा चला गया तो अनाथाश्रय सुपौल । अंतर्देशीय उड़ान के लिए सक्षम हवाई अड्डा को भी अबतक उसका हक नहीं मिल सका । यहाँ तक कि सहरसा अदद एक सरकारी मेडिकल कॉलेज औऱ इंजीनियरिंग कॉलेज से महरूम है । कई उद्घाटनो के बाद भाई दशकों से ओवरब्रिज की मांग अधूरी है ।
जाम , जलजमाव और गंदगी से शहर की स्थिति अत्यंत नारकीय है । बाहर से आए लोगों के लिए सहरसा एक ‘मरता हुआ शहर’ है और इन सब के लिए जिम्मेदार यहां के अक्षम जनप्रतिनिधि हैं ।
उक्त बातें शिवहर के युवा विधायक चेतन आनंद ने आज पार्टी नेताओं के साथ अपने आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कही ।

प्रांतीय महासचिव डॉ उपेंद्र यादव ने कहा कि लूट और पिछड़ापन आज सहरसा की नियति बन चुकी है ।
राजद जिला अध्यक्ष मोहम्मद ताहिर ने कहा कि पार्टी उपरोक्त समस्याओं को लेकर शीघ्र निर्णायक आंदोलन का ऐलान करेगी । संवाददाता सम्मेलन में राजद राज्य समिति के सदस्य सुरेश प्रसाद यादव , जावेद अनवर चांद  , फ्रेंड्स ऑफ आनंद के चंदन सिंह , रोहिन दास , मुकुल भारती ,अजय यादव आदि मुख्य थे ।