मधुबनी – 05 दिवसीय अंतराष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का डीएम ने बच्चों को ड्रॉप पिलाकर किया शुभारम्भ l

दिनेश सिंह
dineshsinghsahara6@gmail.com
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आज दिनांक 31.01.2021 को 05 दिवसीय अंतराष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का जिला पदाधिकारी श्री अमित कुमार (भाo प्राo सेo) ने बच्चों को ड्रॉप पिलाकर किया शुभारम्भ l
अभियान के शुभारम्भ के दौरान जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एस. के. विश्वकर्मा, प्रभारी अधीक्षक डॉ. डी. एस. मिश्रा, आईसीडीएस डी.पी.ओ. डॉ. रश्मि वर्मा, जिला सामुदायिक उतप्रेरक नवीन दास, अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद, डब्लूएचओ एसएमओ डॉ. आदर्श वर्गीज, यूनिसेफ़ एसएमसी प्रमोद कु. झा, चंचल कुमार आदि उपस्थित थे l
इस दौरान जिलाधिकारीने बताया कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो किसी व्यक्ति के शरीर को लकवाग्रस्त कर देता है l चूंकि छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है इसलिए उसे इस बीमारी से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा होता है l इसे होने से पहले ही खत्म कर देने के लिए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है l उन्होंने जिले के सभी परिजनों से अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्हें पोलियो की दवा पिलाकर अभियान को सफल बनाने में जिला स्वास्थ्य विभाग की पूरी तरह सहयोग करने की अपील की। एवं पल्स पोलियो की दवाई एएनएम, आशा व आंगनवाड़ी सेविकाओं के द्वारा कोविड-19 व सोशल डिस्टेंसिंन का पालन करते हुए पिलाएगी जाएगी l
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एस के विश्वकर्मा ने बताया पल्स पोलियो अभियान के तहत 31 जनवरी से 5 दिनों तक चलने वाले चक्र में जिले के 8,15,911 घरों को लक्षित किया गया है तथा 6,93,218 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना सबसे लक्ष्य है। तथा अभियान के लिए 14,552 नए बच्चों को भी चिन्हित किया गया है l
जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा अभियान की सफलता के लिए टीम का का भी गठन किया गया :
1. डोर टू डोर: 1954
2. ट्रांजिट टीम: 362
3. मोबाइल टीम: 116
4. सुपरवाइजर: 708
5. लक्षित घर: 815911
6. लक्षित बच्चे: 693218
प्रत्येक दल में एक आशा और एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलएंगी, दवा पिलाने के बाद बच्चों के और उनके माता -पिता का नाम, गृह संख्या आदि फार्म में भर कर अपने केंद्र में जमा करवाएँगी।
डीआईओ डॉ. विश्वकर्मा ने बताया कि पोलियो एक खतरनाक लकवाग्रस्त वायरस जनित रोग है l बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उसे पोलियो का खतरा ज्यादा है.यह बीमारी विशेष रूप से रीढ़ के हिस्सों व मस्तिष्क को ज्यादा नुकसान पहुँचता है l इससे बचाव के लिए लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलानी चाहिए. पोलियो ड्रॉप के साथ बच्चों को संपूर्ण टीकाकरण भी करवाना चाहिए जो 12 जानलेवा बीमारियों से बचाए रखता है l
कार्यक्रम की शत-प्रतिशत सफलता के लिए आंगनवाड़ी सेविका करेंगी सहयोग:
आईसीडीएस डीपीओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया पोलियो अभियान की सफलता के लिएआंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है जो डोर टू डोर भ्रमण कर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। इसके लिए सभी सीडीपीओ तथा एलएस को निर्देश दिया गया है। साथ ही आंगनवाड़ी सेविका, महिला पर्यवेक्षक को संध्याकालीन बैठक में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।आईसीडीएस के तरफ से किसी भी तरह समस्या होती है तो उसका तुरंत निष्पादन करना सूचित करेंगे ताकि पोलियो अभियान में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।