धनबल,बाहुबल और अनैतिकता के खिलाफ वोट करेगी सहरसा की जनता : किशोर कुमार

Kunal Kishor
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इस बार लड़ाई जनता के सेवक और महागठबंधन के बीच है

सहरसा : सहरसा विधान सभा से निर्दलीय प्रत्याशी सह पूर्व विधायक किशोर कुमार ने आज दावा किया कि सहरसा में इस बार लड़ाई जनता के सेवक और महागठबंधन के बीच है। ऐसे में जनता धनबल, बाहुबल और अनैतिकता के खिलाफ सहरसा की जनता वोट करेगी। किशोर कुमार ने उक्त बातें आज सहरसा नगर के वार्ड संख्याा 33 और 39 में अपने जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान कही।पूर्व विधायक ने कहा कि सहरसा में लड़ाई जनता बनाम ऐसे उम्मीरदवारों की है, जिसे यहां के लोगों, उनकी संवेदना और उनके विकास से कोई मतलब नहीं है। लेकिन जनता उसे ही वोट करेगी, जो उनके दुख सुख में साथ रहता है और जिसे जनता ने खुद उम्मीदवार बनाया है।

किशोर कुमार ने कहा कि मैं तो अपने मन से उम्मीदवार बना भी नहीं। हमें जनता ने कहा कि क्या हुआ कि आपको पार्टी ने टिकट नहीं दिया। पार्टी तो टिकट चुनाव मैदान में उतरने के लिए देती है, मगर चुनना तो जनता को ही है। हमने जनता के आदेश को मानकर चुनाव में आने का फैसला किया और अब जनता का अनुशासित सिपाही बन उम्मीमदवार हूं। उन्हों ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर भाजपा में गया था। मैं आज भी उनसे प्रभावित हूं। मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  से भी प्रभावित हूं। मगर कुछ लोग कीड़ा बनकर बिहार में भाजपा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी ही बदौलत आज पार्टी ने उस आदमी को उम्मीजदवार बनाया, जिसे बीते साल जनता ने 40 हजार से अधिक मतों से नकार दिया था।

श्री कुमार ने कहा कि आम जनमानस में ये धारना है कि उन्होंने उससे पहले संजीव झा का टिकट षड्यंत्र के तौर पर कटवा दिया। इस बार भी नारी सशक्ति को अपमानित कर उन्हें टिकट दिया गया, जब  लाजवंती झा का टिकट काट दिया गया। तो क्या ऐसा आदमी जनता का हो सकता है। किशोर कुमार ने कहा कि हम सहरसा और सहरसा के विकास के लिए तीन दशकों से ज्यादा समय से सघंर्ष कर रहे हैं। शायद यही वजह है कि जनता ने हमें उम्मीेदवार बनाया है। अब लड़ाई जनता के हवाले है। लड़ाई सत्य और अस्तजय के बीच है। अब ये तय करना जनता को है कि वे किसे चुनकर सहरसा को विकास करने के लिए मौका देती है।