कमला तटबंध से सटे गांव के लोगों का रतजगा शुरू, कमला बलान पूर्वी तटबंध पर रेन कट से बने होल

 
मधुबनी अंधराठाढ़ी से मोहम्मद आलम अंसारी की रिपोर्ट

अंधराठाढ़ी मानसून ने कमला पूर्वी तटबंध से सटे गांव के लोगों की नींद चुरा ली है। इनलोगों ने डर से रतजगा शुरू कर दी है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त ब्यस्त हो गया है।  कमला नदी किनारे बसे दर्जनों गांव के लोग संभावित बाढ़ को देख हलकान है।भारी बारिश से तटबंध पर दर्जनों जगह रेनकट और होल बन गये हैं। कुछ दिन पूर्व  रेन कट और छिद्रों को भरवाया जा रहा था कि वर्षा शुरू हो गयी।  शेष रेनकट ज्यों के त्यों पड़े हैं.। बताते  चलें कि अंधराठाढ़ी प्रखंड परिक्षेत्र में  कमल बलान नदी की लंबाई 21 किमी है।इसकी उत्तरी सीमा प्रखण्ड की देवहार पंचायत के भिखना बिठोनी है तो दक्षिणी सीमा महरैल पंचायत है।देवहार शिवा, रखवारी ,हररी, कर्णपुर  हरना और महरैल कमला पूर्वी तटबंध से सटी पंचायतें है। लो लैंड रहने के कारण साधारण वर्षो में भी इन पंचायतों में मुश्किलें बढ़ जाती और खेत खलिहान डूब जाते हैं। कमला तटबंधों पर कई कमजोर आरडी बिंदु हैं।हर मानसून में इन बिंदुओं पर पानी का भारी दवाव रहता है। इन बिंदुओं पर कई वार तटबंध टूटा भी है। इन आरडी बिंदु के निकट  बाढ़  से विस्थापित हुई आवादी अबतक स्थापित नही हुई है। आज भी कई गांव के लोग  उन बिंदुओं के आस पास तटबंध के आजू बाजू  बस कर अपना दिन काट रहे है ।प्रखंड के महरैल, नवलखा, कर्णपुर, हरना, भदुआर, उसरार, रखबारी आदि दर्जन भर गांव के लोगों के अनुसार मानसून आते ही उनलोंगों का रतजगा शुरू हो जाता है।