शुभ और सुंदर जीवन देती है ग्रीष्मकालीन नवरात्रि : सोहन झा

Kunal Kishor
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संक्रमित बीमारियों का अंत भी करती है

सहरसा : शक्ति की परम कृपा प्राप्त करने हेतु सम्पूर्ण भारत में नवरात्रि का पर्व वर्ष में चार बार नवरात्रा मनाया जाता है ।
15 वर्षों से साल के चारों नवरात्रा करते आ रहे डीबी रोड अनुराग गली निवासी जदयू नेता सोहन झा ने जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष में 4 नवरात्रा मनाया जाता है । श्री झा ने कहा कि आसीन में शरद नवरात्रा, माघ नवरात्रा(वसंत पंचमी में सरस्वती माता का जन्म),चैती नवरात्रा(श्री राम का जन्म),और अखाढी या ग्रीष्मकालीन नवरात्रा(विशेष कर दक्षिण भारत मे यह धूम धाम से मनाया जाता है ) के नाम से जाना जाता है।
नवरात्र की पूजा कर रहे सोहन झा ने बताया कि 22 जून को बड़ी दुर्गा मंदिर में कलश स्थापना पूरे विधि विधान के साथ कि गयी । आज महानवमी है और कल दशमी के साथ पूजा सम्प्पन होगा ।
15 वर्षो से वर्ष के सभी नवरात्र करते आ रहे सोहन झा कहते है कि ग्रीष्म में रवी की नई फसल तैयार हो जाती है। इन फसलों के रखरखाव व कीट पंतगों से रक्षा हेतु, घर, परिवार व जीवन को सुखी-समृद्ध बनाने तथा भयंकर कष्टों, दुख दरिद्रता से छुटकारा पाने हेतु 9 दिनों तक विशेष सफाई तथा पवित्रता को महत्व देते हुए नौ देवियों की आराधना करते हुए हवनादि यज्ञ क्रियाएं करते हैं।यज्ञ क्रियाओं द्वारा पुनः वर्षा होती है जो धन, धान्य से परिपूर्ण करती है तथा अनेक प्रकार की संक्रमित बीमारियों का अंत भी करती है ।