अतिक्रमणकारी लील रहें हैं प्रखण्ड मुख्यालय बाजार की सड़के 

मधुबनी अंधराठाढ़ी से मोo आलम अंसारी की रिपोर्ट

अंधराठाढ़ी। सड़क अतिक्रमण प्रखण्ड मुख्यालय बाजार का सिरदर्द बन गया है। बाजार में हमेशा जाम लगा रहता है। संयोग से अबतक कोई भयंकर हादसा नही हुआ है किन्तु आशंका हमेशा रहती है। अधिकारीगण मौन हैं।बताते चलें कि प्रखण्ड मुख्यालय बाजार में सड़क  अतिक्रमणकारियों के गिरफ्त में है।अतिक्रमण का दायरा लगातार लगातार बढ़ रहा है।अतिक्रमित जमीन पर दुकानें बन जाने से पूरे बाजार की सड़कें संकीर्ण हो गयी है।अंधराठाढ़ी प्रखण्ड मुख्यालय बाजार सब दिन से भीड़ भाड़ बाला रहा है।कोरौना महामारी और।लॉक  डाउन के कारण अधिकांश प्रवासी आजकल अपने  गांव घर मे हैं।जाहिर है कि उन  प्रवासियों के कारण बाजार में लोगों की आमद आजकल अधिक रहती है।।फिर इलाके में टू और फ़ौर व्हीलर बाहनो  की कमी नही है। इसको खड़ा करने  की जगह भी इस बाजार में अब नही दिखती है  हर दिन कई बार घंटों तक जाम लगना इस बाजार का दस्तूर बन गया है। मालूम हो कि वर्ष 1999  में डॉ वी राजेंदर ने इस बाजार को अतिक्रमण से मुक्त करवाया ।डॉ राजेंदर तब झंझरपुर के एसडीओ थे। उस्के वाद इस बाजार में अतिक्रमण मुक्ति अभियान नही चला है।संजीव कुमार चौधरी और संजय कुमार चौधरी उर्फ बाबा के लिखा पढ़ी करने पर  पिछले वर्ष सीओ विष्णुदेव सिंह हरकत में आये थे। उन्होंने मापी करवा कर अतिक्रमित जमीन को चिह्नित करवाया था। निर्धारित तिथि तक सड़क मुक्त करने वावत अंचल 0प्रशासन की ओर से माइकिंग भी करवायी गयी थी।चिह्नित अतिक्रमणकारी दुकानदारों को लिखित नोटिस भी दी गयी थी। आमलोग खुश थे।अचानक अंचल महकमा की गतिविधियां ठप्प हो गयी थी। पोलीथिन शीट छप्पर वाली दूकाने अब पक्की हो गयी हैं। इस वार भी संजय चौधरी उर्फ बाबा और संजीव कुमार चौधरी ने फिर से अतिक्रमण का मुद्दा गरमाया है। अंचल फिर हरकत में है ।खबर है कि सीओ फिर से अतिक्रमित सरकारी जमीन  चिन्हित  रही है।  प्रखण्ड किसान  सलाहकार समिति के पूर्व अध्यक्ष  संजीव कुमार चौधरी ने बताया कि न्यायालय के एक आदेश  के अनुसार अतिक्रमण मुक्ति का दायित्व सीओ और थानाध्यक्षों को है।वाबजूद इसके वे लोग चुप्प हैं।