हाउसिंग कम्पनी के द्वारा फ्लैट बुकिंग के नाम पर लाखों की ठगी, केस के हो गए पाँच साल फिर भी नहीं मिला न्याय

कोशी एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क

पिछले पांच वर्षों से कोर्ट और पुलिस अधिकारी नहीं लेते संज्ञान

ना फ्लैट दिया ना पैसे वापस कर रहे, दिव्यांग पीड़ित पत्रकार ने लगायी गुहार

केस दर्ज कराने के बाद नेताओं व अफसरों का दिखाया जा रहा धौंस

बिहार की राजधानी पटना के ईस्ट बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक हाउसिंग कंपनी से जुड़ा है यह मामला

पटना : फ्लैट बुकिंग के नाम पर सूबे में एक बड़ा रैकेट चल रहा है जो पहले लोगों को लुभावने तरीके से झांसा देकर बुकिंग के नाम पर उनके पैसे ले लेता है। फिर प्रोजेक्ट पूर्ण नहीं हो सकने या अन्यान्य कारण बताते हुए पैसे वापस नहीं करता। भले इस चक्कर में बुकिंग करनेवालों को जो करना पड़े। मामला राजधानी पटना का है, जहाँ के एक फ्लैट माफिया द्वारा वैशाली जिले के बाजितपुर कस्तूरी निवासी पत्रकार विनय भूषण झा से पिछले पांच वर्षों से धोखाधड़ी की जा रही है।

                         पीड़ित पत्रकार से मिली जानकारी के मुताबिक उसने पटना के ईस्ट बोरिंग कैनाल रोड के सिंघ बजाज शो रूम के अपोजिट स्थित डीपीएम इन्फ्रास्ट्रक्चर हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड से एक फ्लैट की बुकिंग वर्ष 2014 में करायी थी। बुकिंग के दौरान कंपनी के सीएमडी ने टोकन मनी के रूप में 3 लाख 47 हजार रुपए की मांग की थी। घर के सपने को साकार करने के लिए साधारण आमदनी के विनय भूषण ने अपने दोस्तों व रिश्तेदारों से किसी तरह उधार लेकर टोकन मनी के रूप में 3 लाख 47 हजार रुपए कंपनी के सीएमडी पंकज सिंह को दिए। लेकिन पैसे मिलने के बाद पंकज सिंह ने फ्लैट बुकिंग कैंसील कर दिया गया जिसकी सूचना बाई स्पीड पोस्ट पीड़ित को दी गयी। बुकिंग कैंसिल होने के बाद घबराए विनय भूषण कंपनी पैसे वापस लेने कंपनी के ऑफिस पहुंचे लेकिन वहाँ से उन्हें कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। लगातार दो महीनों तक पीड़ित कंपनी के ऑफिस के चक्कर काटता रहा, लेकिन उसे ना ही पंकज सिंह से मुलाकात हो पायी और ना ही ऑफिस से किसी तरह की उम्मीद मिली। सीएमडी के बाबत पूछने पर कर्मियों द्वारा उनके आउट ऑफ़ इंडिया होने की बातें बताई जा रही थी। भोले भाले विनय भूषण को खान मालुम था कि वो इस दलदल में फंस चूका है जहां से पैसे वापस लेना उसके लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगी। लेकिन बहुत दिनों प्रयास जारी रखने के बाद कंपनी के ऑफिस से उसे 6 पोस्ट डेटेड चेक निर्गत किए गए। इनमें से मात्र एक चेक ही क्लियर हो सका जबकि शेष सभी हस्ताक्षर के मिलान नहीं होने या खाते में पैसों के आभाव में बाउंस कर गए। पीड़ित समय समय पर कंपनी को इस बात की जानकारी कराते रहे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

केस दर्ज कराने के हो गए 5 साल, अबतक नही मिला न्याय:-
आखिरकार थकहार पीड़ित भूषण ने क़ानूनी सहारा लेना ही उचित समझा और सिविल कोर्ट पटना में इस धोखाधड़ी की शिकायत करते हुए मामला दर्ज करा दिया जिसका केस नंबर 28987/2014 है। इस केस के पांच वर्ष बीतने के बाद भी पिछले पांच वर्षों में ना मामले का ही निष्पादन हो सका है ना ही आरोपी के उपर ना कोई कानूनी कार्यवाही हो सकी है। इस मामले में पीड़ित पत्रकार विनय भूषण ने अपने बड़े भाई के साथ पटना के तत्कालीन डीआईजी शालीन साहब से मिलकर जानकारी दी। जनता दरबार में भी आवेदन दिया जिसकी पावती रसीद भी मौजुद है। लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद इस मामले में पीड़ित को ना ही न्याय मिला है और ना ही डीआईजी के स्तर से ही कोई कार्रवाई हो सकी है। उल्टे बिल्डर द्वारा पीड़ित व उसके भाई को बेइज्जत किया गया है और उसे नेताओं व अफसरों का धौंस दिखाकर परेशान किया जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पंकज कुमार सिंह ऐसे कितने लोगों का पैसा गलत तरीके से झांसे में लेकर पचा रहा है और कितने ही लोग इसके ठगी का शिकार हो इस दुनिया से भी चल बसे।

   अब रुपये वापस मिलने की सारी उम्मीदें भी पीड़ित ने खो दिया है :
पीड़ित पत्रकार विनय भूषण ने बेबसी जाहिर करते हुए बताया कि मै खुद स्पायनल कट से परेशान हूं। पिता जी भी नहीं है, माँ भी हार्ट सर्जरी बीमारी से ग्रसित है। कई सालों से मै न्याय की आस में थक चुका हूँ। अब किसके पास जाऊं ? कहीं से कोई उम्मीद नहीं नजर आ रही ? बिल्डर के द्वारा किए जा रहे शोषण में कोई हमारा साथ देनेवाला नहीं है।