लॉकडाउन में मां की मदद से गरीब लोगों को 26 मार्च से रोज भोजन करा रहे हैं भाजपा नेता

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कोरोना से लड़ाई में देश में संपूर्ण लॉकडाउन

सहरसा : वैश्विक महामारी बन चुकी कोरोना से लड़ाई में देश में संपूर्ण लॉकडाउन है, जिससे यहां दिहाड़ी मजदूर और गरीब लोगों के लिए खाने का संकट पैदा गया था। इस स्थिति में भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जे पी नड्डा के आह्वान के बाद सहरसा के ग्राम रौता में भाजपा नेता सह पूर्व विधायक किशोर कुमार 26 मार्च 2020 से ऐसे लोगों को हर दिन भोजन करा रहे हैं, जो भूखें हैं और उनके पास खाने को कुछ भी नहीं। किशोर कुमार के इस पुण्‍यकार्य में उनकी माता जी भी अडिगता से खड़ी हैं और हर रोज जरूरतमंद लोगों के लिए मातृत्‍व भाव से खाना बनाती हैं, ताकि कोई भूखा न रहे। इसके अलावा वे सैकड़ों लोगों को अब तक साबुन, मास्‍क और सेनेटाइजर भी बांट चुके हैं।वहीं, इस बारे में किशोर कुमार ने कहा कि कोई हाथ न छुटे, कोई भूखा न रहे, किसी को कोई परेशानी न हो, इसके लिए हम निरंतर कार्यरत हैं। हम जिस महामारी से जूझ रहे हैं, उसमें आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉकडाउन का कदम सही है, जिससे किसी को एतराज नहीं है। मगर इससे दिहाड़ी मजूदर और गरीबों के लिए खाने की समस्‍या उत्‍पन्‍न हो गइ थी। मगर हमने अपने सामाजिक कर्तव्‍यों का निर्वहन करते हुए कोशिश की कि कोई भी भूखा न रहे। इसलिए हमने पहले दिन 26 मार्च को 7 लोगों को, 27 मार्च को 20 लोगों को, 28 मार्च को 10 लोगों को, 29 मार्च को 20 लोगों को, 30 मार्च को 50 लोगों को, 31 मार्च को 100 लोगों को, 1 अप्रैल को 60 लोगों को, 2 अप्रैल को 25 कमजोर परिवार को, 3 अप्रैल को 200 लोगों को, 04 अप्रैल को 100 लोगों को खाना खिलाया। साथ ही लोगों को आर्थिक मदद की और उन्‍हें मास्‍क व साबुन भी दिये। इस दौरान हमने सोशल डिस्‍टेंसिंग का खास ख्‍याल रखा।उन्‍होंने कहा कि यह राष्‍ट्रीय आपदा है। इस संकट में देश एकता के सूत्र में बंधा है, जिससे देश अनुशासित है। आज जब अनुशासन रहने से संपूर्ण विपदा से लोग लड़ते भी हैं और निकलते भी हैं। देश संकट में है। पीएम द्वारा लागू लॉकडाउन बहुत ही महत्‍वपूर्ण है। आज लगता है कि हमारा देश अभी तक उस सकंट में नहीं फंसा है, जिसमें दूसरे देश फंसे हैं। राजनीति से परे हम घर में सुरक्षित हैं। साथ ही जहां हैं, वहीं रहकर दीन दुखी को मदद करें। मदद से बड़ी मानवता कोई नहीं है, यह मौका कभी – कभी मिलता है। इसमें सबको शामिल होना चाहिए। साथ ही हम उनका भी अभिनंदन करते हैं, जो इस आपदा में आगे बढ़कर लड़ रहे हैं। चाहे वो डॉक्‍टर हो, पत्रकार हों या पुलिस हों। हम मुसीबत में एक हैं और कोरोना जैसे महामारी को हम‍ मिलकर हरायेंगे।