लॉक डाउन में भूख से परेशान गरीबो के लिए मसीहा बने डीआईजी के रीडर

2024

खाद्य सामग्री देकर मानवता की एक नई मिसाल पेश की

सहरसा: कोरोना महामारी को हराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिन के लॉक डाउन किया है और 21 दिनों तक लोगों से अपने अपने घरों से न निकलने की अपील की है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों की बढ़ गई है और जो रोज कमाते खाते है।

प्रदेश भर में कोरोनावायरस के संभावित खतरे को लेकर सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए 21 दिनों के हुए लॉक डाउन के बाद गरीब तबके, दिहाड़ी व अन्य प्रदेशों से आए घुमन्तु लोगों व मजदूरों को अब कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गरीब तबके,घुमंतू व दिहाड़ी के मजदूरों को कोई समस्या न हो इसके लिए बिहार सरकार के साथ सामाजिक संगठनों के अलावा कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी कार्यालय में तैनात संतोष कुमार दीक्षित ने भी हाथ बढ़ाया है।

श्री दीक्षित की एक टीम पटेल मैदान,ज़िला स्कूल कैम्पस सहित अन्य जगहों पर सैकड़ों गरीबों,दिहाड़ी के मजदूरों एवं अन्य प्रदेशों के लोगो को अपने निजी व्यय से आज 5वे दिन  खाद्य सामग्री देकर मानवता की एक नई मिसाल पेश की है।

सहरसा पुलिस का यह मानवीय चेहरा आपको उनकी तारीफ करने को मजबूर कर देगा। कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी गोपनीय कार्यालय में पदस्थापित रीडर संतोष दीक्षित ने लॉक डाउन के मद्देनजर ऐसे गरीब व दैनिक मजदूरों को चिन्हित कराया जो वास्तव में काम न मिलने से भुखमरी के कगार पर पहुंच गए थे।

श्री दीक्षित द्वारा करीब 28 परिवारों के बीच 10 किलो आटा, 5 किलो चावल, 2 किलो दाल, 5 किलो आलू ,नास्ता,चुरा,बिस्किट,साबुन सहित अन्य खाद्य सामग्री का एक पैकेट तैयार कर बांटा। बताते चले  कि 5 दिनों से लगातार गरीबों को खाद्य सामग्री बांट रहै है।

खाद्य सामग्री बांट रहे संतोष दीक्षित  ने बताया कि हम लोगों ने वार्ड 32 मानस नगर के मुकेश झा,आशीष कुमार,संजीव मिश्रा के साथ मिलकर लॉक डाउन के दौरान गरीब व मजदूरों को खाने पीने की कोई समस्या न हो इसके लिए  राहत सामग्री का वितरण कर रहे है।