रेलवे स्टेशन पर मिले कोरोना के संदिग्ध,जाँच हेतु भेजा अस्पताल

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जाँच हेतु भेजा अस्पताल

सहरसा : रेलवे स्टेशन पर कोरोना संक्रमण हेतु जाँच अभियान चलाया जा रहा है। जाँच के दौरान एक संदिग्ध पाया गया जिसका नाम विनोद कुमार है जो कि जिले के बलही गांव का रहने वाला बताया गया। जिसे रेलवे पुलिस ने एम्बुलेंस से विशेष जाँच हेतु सदर अस्पताल सहरसा भेजा। सदर अस्पताल में विनोद कुमार ने बताया कि मैं अपने सहयोगी मन्टू कुमार के साथ अमृतसर में पेंटर काम करता हूँ। मैं वहाँ से अपने सहयोगी के साथ असम से ट्रेन में सफर कर सहरसा आया हूं। विनोद ने कहा कि गैस की वजह से उसके पेट में बराबर दर्द रहता था जिस कारण छुट्टी लेकर अपने गृह जिला सहरसा आया।जाँच के दौरान मुझे कोरोना से पीड़ित बताकर जाँच हेतु सदर अस्पताल भेजा गया। इसी प्रकार महाराष्ट्र से सहरसा लौटकर अपने घर खौजरी मटिहानी जाने के क्रम में सहरसा प्लेटफार्म पर ही डॉक्टर की टीम ने सन्तोष एवं उसके एक साथी को कोरोना संक्रमण का जांच किया डॉक्टर की टीम को सन्देह होने पर दोनों युवक विशेष जाँच हेतु सदर अस्पताल भेजा गया। जहां मौजूद डॉ० मसरूर आलम ने सभी कोरोना संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया है। डॉ० मसरूर ने बताया कि आज सुबह से शाम 4 बजे तक आधा दर्जन मरीजों को जांचोपरांत आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। उन्होंने कहा कि जिले के महिषी प्रखंड में भी एक कोरोना संदिग्ध व्यक्ति की पहचान किया गया है। संदिग्ध व्यक्ति कुछ दिन पुर्व सऊदी अरब से अपने गाँव आया है। इस संदिग्ध को महिषी से लाने हेतु मेडिकल टीम को भेजा गया है। जिले में आधा दर्जन कोरोना संदिग्ध मरीज पाये जाने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा तफरी मच गया है। सभी संदिग्ध मरीज का उम्र 25 से 35 के बीच का बताया गया है। मालूम हो कि सदर अस्पताल में छः बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार सभी कोरोना संदिग्ध मरीजों को एक ही वार्ड में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधक द्वारा वार्ड में साबुन, हेंडवाश, स्प्रीट की कोई व्यवस्था नहीं है। बताते चलें कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सहरसा सदर अस्पताल में प्रयाप्त मात्रा में किट मुहैया नहीं कराया गया है जिस कारण अस्पताल कर्मियों में भय व्याप्त है।