डीएम द्वारा वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गयी नल-जल योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा

कोशी एक्सप्रेस: बी.चन्द्र की रिपोर्ट

                              मधुबनी: जिलाधिकारी, डाॅ0 निलेश रामचंद्र देवरे, भा0प्र0से0 के द्वारा शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कक्ष में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नल-जल योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गयी।
बैठक में निदेशक, डी0आर0डी0ए0, मधुबनी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, मधुबनी, सहायक अभियंता, पी0एच0ई0डी0, मधुबनी, प्रोग्रामर, ग्रामीण विकास मिशन समेत अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

जिलाधिकारी के द्वारा वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पी0एच0ई0डी0 विभाग द्वारा नल-जल योजना शुरू किये जाने हेतु जमीन की उपलब्धता के संबंध में समीक्षा की गयी। उन्होंने भूमि की अनुपलब्ध्ता के संदर्भ में निदेश दिया कि सरकारी भूमि शीघ्र उपलब्ध करायें, सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, तो निजी व्यक्ति से सहमति प्राप्त कर भूमि उपलब्ध करायें।
उन्होंने निदेश दिया कि जो वार्ड सदस्य नल-जल योजना का कार्य प्रारंभ करने में रूचि नहीं ले रहे है, उनके विरूद्ध कार्रवाई का प्रतिवेदन भेजें और उप-मुखिया के माध्यम से कार्य कराना सुनिश्चित करें। प्रखंड विकास पदाधिकारी, राजनगर, खजौली से नल-जल योजना की प्रगति धीमी होने के कारण स्पष्टीकरण पूछने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी द्वारा जिले के विभिन्न प्रखंडों में निर्माण किये जा रहे सामुदायिक शौचालयों के प्रगति की भी समीक्षा की गयी। जिसमें निदेश दिया कि सामुदायिक शौचालय का निर्माण महादलित टोलों के समीप सामूहिक स्थलों के आस-पास शौचालय का निर्माण कराना सुनिश्चित करें। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी को अपने-अपने आवंटित प्रखंडों में चल रहे विभिन्न योजनाओं का अनुश्रवण कर प्रतिवेदन भेजने का भी निदेश दिया गया।

                             जिलाधिकारी द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को प्रत्येक दिन एक पंचायत का भ्रमण करने एवं प्रत्येक माह अग्रिम भ्रमण कार्यक्रम तैयार कर भेजने का निदेश दिया एवं जिला पंचायती राज पदाधिकारी, मधुबनी को इसकी समीक्षा करने को कहा गया।
उन्होंने प्रोग्रामर, ग्रामीण विकास मिशन के द्वारा संतोषप्रद कार्य नहीं करने को लेकर एक दिन का वेतन स्थगित करने एवं स्पष्टीकरण पूछने का निदेश दिया। कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, मधुबनी के बिना सूचना के अनुपस्थित पाये जाने को लेकर एक दिन का वेतन स्थगित करने एवं स्पष्टीकरण पूछने का निदेश दिया।