COVID-19 को लेकर एक्शन मोड में डीएम,चिकित्सकों के साथ की बैठक

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चिकित्सकों एवं निजी चिकित्सकों के साथ बैठक की
सहरसा : नोवेल कोरोना वायरस के संदर्भ में आज जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सहरसा जिला के निजी नर्सिंग होम,अस्पतालों के चिकित्सकों एवं निजी चिकित्सकों के साथ बैठक की।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर आम नागरिकों को कोरोना वायरस से संक्रमण से बचाव के लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूकता के लिए कार्य किये जा रहे हैं। सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों, माॅल, पार्क, सिनेमाघरों आदि को बंद कर दिये गये हैं। विभिन्न समारोहों, आयोजनों को भी स्थगित किये जाने के निदेश दिये गये हैं।
 उन्होंने कहा कि निजी नर्सिंग होम,अस्पतालों एवं चिकित्सकों के पास भी ऐसे संदिग्ध मामले आते हैं तो उनसे समन्वय कर आवश्यक कारवाई हेतु विभागीय निदेश प्राप्त हुए हैं। अभी तक कोरोना वायरस से संबंधित किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। यदि लक्षणों के आधार पर संदिग्ध मामले आते हैं तो इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अविलंब सूचित करें। आप सभी से सुझाव भी अपेक्षित है कि अब तक जो संक्रमण से बचाव के लिए जो उपाय किये जा रहे हैं उसमें और क्या किया जाना चाहिए।      सिविल सर्जन ललन कुमार सिंह ने बैठक में कहा कि कोरोना वायरस के प्रति लोगों में भय व्याप्त ना हो, नही तो पैनिक स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सर्दी, खांसी के साधारण मामले में भी लोग सशंकित हो रहे हैं इस संबंध में आपके स्तर से भी ऐसे मरीजों को उचित परामर्ष दिया जाना चाहिए। जो लोग बाहर से आ रहे हैं उनके प्रति गलत धारणा नहीं बने। ऐसी स्थिति में आपलोगों का सहयोग काफी महत्वपूर्ण है।       कई चिकित्सकों ने कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम हेतु अपने-अपने सुझाव दिये। बताया कि इस बीमारी को गंभीरता से लेने की आवष्यकता है। यह बीमारी देश धर्म ओहदा नहीं देखता है। आत्म सुरक्षा सबसे बेहतर उपाय है। चिकित्सक जो मरीजों का इलाज कर रहें है उनकी भी सुरक्षा आवष्यक है, कर्मियों को समूचित प्रषिक्षण दिया जाना भी अपेक्षित है। उन्हें गाउन मास्क ग्लब्स आदि उपलब्ध रहना चाहिए। टेस्टिंग किट जिला, अनुमंडल एवं प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र स्तर तक उपलब्ध रहे ताकि तुरंत जांच कर सम्पुष्टि की जा सके। सुरक्षात्मक एवं सावधानियां बरती जानी चाहिए। किसी प्रकार की अफवाह नहीं फैले नही तो पैनिक स्थिति हो सकती है। सभी अस्पतालों, नर्सिंग होमों की विषेष सफाई होनी चाहिए। भीड़ में जाने से बचने की सलाह लोगों को देनी चाहिए। सोसलाइजेशन कम से कम हो। अगले दस दिन काफी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में भारत कोरोना स्टेज 2 में है यह आगे ना बढ़े इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास किया जाना चाहिए। अस्पतालोें में आने वाले मरीजों के साथ अनावष्यक रूप में अटेंडेन्ट भीड़ ना बढ़ायें। ओपीडी में कम गम्भीरता वाले मरीजों की संख्या कम रहे। अन्य ऐहतियाती उपाय जैसे-हाथ धोना, मास्क आदि सावधानियां बरतते हुए सतर्कता जरूरी है। कई चिकित्सकों ने कहा कि मास्क आदि की कालाबाजारी ना हो इसपर प्रषासन को ध्यान दिया जाना चाहिए।
 नगर परिषद के स्तर से साफ-सफाई सेनिटाइजेशन आदि कार्य नहीं कराये जा रहे हैं उन्हें सक्रियता से कार्य किया जाना चाहिए। विचार विमर्श के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि भीड़,जनसमूह को कम करना है। मरीज के साथ अनावश्यक अटेंडेंट ना आयें। जो पेसेन्ट ऐसे लक्षणों के आधार पर आते हैं उनकी पहचान करना है एवं काउन्सलिंग भी आवष्यक है। वे विगत तीस दिनों में कहां-कहां गये, किससे मिले। संभव हो तो फोन पर फीडबैक लेकर बिना बुलाये सलाह दें। अभी हमारा देश स्टेज 2 में है। यह मल्टीप्लाइ ना हो इसपर विषेश निगरानी एवं सतर्कता बरता जाना जरूरी है। समय-समय पर सरकार द्वारा इस संबंध में एडवाइजरी जारी की जारी की जा रही है जिसका अनुपालन करना आवष्यक है।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री का भी अपील है कि सोशल डिस्टेंस मेनटेन रहना चाहिए। आगामी 22 मार्च को सभी अपने-अपने घरों में रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि हर स्तर पर कोरोना वायरस के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सभी संबंधित संस्थाएं एवं संबंधित व्यक्ति टीम भावना के साथ मिलकर काम करें। यदि आपके सम्पर्क में संदिग्ध मरीज आते हैं तो तुरंत सदर अस्पताल को रेफर करें ताकि उनकी जांच के लिए भागलपुर एवं अन्य जांच केन्द्रों पर भेजा जा सके। संदिग्ध मरीजों का नाम, पता अवष्य नोट कर लें।
सिविल सर्जन 9470003675, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक 9470003664 एवं डीपीएम, जिला स्वास्थ्य समिति को इस संबंध में तुरंत सूचित करें।
 बैैठक में उप विकास आयुक्त राजेश कुमार सिंह,सिविल सर्जन सहित सहरसा के विभिन्न निजी अस्पतालों, नर्सिंग होमों के चिकित्सक गण एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे।