सदर अस्पताल में 4504 महिलाओं की गई है काउंसलिंग

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फैमिली प्लानिंग कार्नर
– परिवार नियोजन के लिए सार्थक पहल
लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी तरीकों की दी जा रही जानकारी
सभी प्रखंडों के एएनएम को दिया गया है प्रशिक्षण

मधुबनी : बढ़ती जनसंख्या के स्थिरीकरण के लिये स्वास्थ्य एवम्‌ परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदेश में परिवर नियोजन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. सरकार द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का मुख़्य उद्देश्य सिर्फ जनसंख्या स्थिरीकरण ही नहीं बल्कि इसके माध्यम से प्रजनन स्वास्थ्य कों सुदृढ़ करते हुये स्वस्थ्य परिवार निर्मित करना भी है.

इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा जिले के सभी प्रखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य केन्द्रों में फैमिली प्लानिंग कार्नर खोला गया, जहां एएनएम द्वारा लोगों को परिवार नियोजन के साधनों की जानकारी दी जाती है व उन्हें जरूरी साधन उपलब्ध भी कराए जाते हैं.
सभी प्रखंडों के 2-2 एएनएम को दिया गया है प्रशिक्षण :
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों व उपकेंद्रों पर फैमिली प्लानिंग कार्नर उपलब्ध है. इसके लिए जपैगो के जिला समन्वयक राजीव कुमार, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक नवीन दास और परिवार नियोजन काउंसेलर द्वारा जिले की सभी एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया है. इन एएनएम द्वारा स्वास्थ्य केंद्र में जितनी भी महिलाएं प्रसव या टीकाकरण के लिए आती है, उन सभी को फैमिली प्लानिंग कार्नर में परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों की जानकारी दी जाती है. कार्नर में परिवार नियोजन के सभी साधन भी उपलब्ध होते हैं. जो इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं उन्हें वहां मुफ्त में दवाइयां, इन्जेक्शन आदि भी उपलब्ध कराए जाते हैं.

स्थायी व अस्थायी दवाइयां है उपलब्ध :
फैमिली प्लानिंग कार्नर की एएनएम आशा दास ने कहा परिवार नियोजन कार्नर पर जरूरत के सभी स्थायी व अस्थायी दोनों ही साधन उपलब्ध होते हैं. जो परिवार स्थायी साधन का इस्तेमाल करना चाहते हैं जैसे कि पुरूष नसबंदी, महिला बंध्याकरण इत्यादि उन्हें अस्पताल में भेज दिया जाता है, जबकि अस्थायी साधन के रूप में अंतरा इंजेक्शन, कॉपर-टी, छाया, माला-एन, इजी पिल्स, कंडोम आदि फैमिली प्लानिंग कार्नर में दिया जाता है. उसके इस्तेमाल और सावधानियों की जानकारी भी परिवार नियोजन कार्नर में दी जाती है.

4504 महिलाओं को परिवार नियोजन की दी गई है जानकारी

परिवार नियोजन परामर्श केंद्र पर अप्रैल 2019 से दिसंबर 2019 तक 4504 महिलाओं की परिवार नियोजन की जानकारी दी गई है

अप्रैल 520
माई 400
जून 200
जुलाई 600
अगस्त 640
सितंबर 590
अक्टूबर- 580
नवंबर 520
दिसंबर 454

उक्त जानकारी परिवार नियोजन परामर्श केंद्र रजिस्टर से ली गई है ।

परिवार नियोजन परामर्श केंद्र का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को परिवार नियोजन के बारे में अधिक से अधिक जागरूक किया जा सके ताकि छोटा परिवार सुखी परिवार की परिकल्पना को साकार किया जा सके इस केंद्र पर सभी दिन में परिवार नियोजन के सभी साधनों की उपलब्धता के साथ-साथ एक परामर्श भी मौजूद रहती हैं ब्रह्मर्षि आने वाले सभी इच्छुक लोगों को उनके लिए जरूरी परिवार नियोजन के साधन चुनने में सहायता करती है

केस स्टडी 1
परिवार नियोजन के साधन की मिली जानकारी मधुबनी जिले के नवहत्त निवासी सुभाष चंद्र यादव की पत्नी रूपा देवी ने बताया कि आशा द्वारा बंध्याकरण के बारे में बताया गया फिर सदर अस्पताल के काउंसलिंग रूम में मुझे परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों के बारे में जानकारी दी गई साथ मुझे किसी न किसी साधन को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया जिसके बाद मैंने परिवार नियोजन के स्थाई साधन बंध्याकरण को अपनाया मुझे दो बच्चे हैं
केस स्टडी 2
प्रेरित होकर कराया बंध्याकरण अंजौल ग्राम,ब्लॉक बेनीपट्टी के घनश्याम शाह की पत्नी पुतुल देवी ने बताया कि परिवार नियोजन परामर्श केंद्र में मेरा काउंसलिंग किया गया और साधनों के बारे में बताया गया जिसके बाद मैंने अपना नसबंदी करा लिया मुझे तीन बच्चे हैं

आ रहा रहा है बड़ा बदलाव :
जिला सिविल सर्जन डॉ किशोर चन्द्र चौधरी ने कहा फैमिली प्लानिंग कार्नर की वजह से जिले में परिवार नियोजन के प्रति लोगों में बहुत जागरूकता आ रही है. यहाँ लोगों को आसानी से परिवार नियोजन के साधनों की जानकारी मिल जाती है व जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध हो जाती है. देखा गया है कि यहाँ से लाभ लेने वाले आम लोग भी अपने क्षेत्र में इसकी जानकारी देते हैं जिससे आसपास के लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं.