बिहार कराधान विवाद समाधान अधिनियम के तहत 25 मार्च तक कर सकते हैं आवेदन

◆ वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत पूर्व के बकायों से मुक्ति का सुनहरा अवसर

◆ सभी प्रकार के जुर्माना, शास्ति व ब्याज के बकाए में 65 से 90 प्रतिशत तक की मिल रही है छूट

कोशी एक्सप्रेस: बी.चन्द्र की रिपोर्ट

                           वाणिज्य कर विभाग द्वारा बिहार कराधान विवाद समाधान अधिनियम 2019 के तहत जीएसटी से पूर्व के बकाए समाप्त करने के लिए व्यवसायियों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान किया गया है। उक्त जानकारी देते हुए वाणिज्य कर विभाग मधुबनी अंचल के राज्य कर संयुक्त आयुक्त देवानंद शर्मा ने बताया कि इस स्कीम के तहत जीएसटी से पूर्व के सभी प्रकार के जुर्माना, शास्ति व ब्याज के बकाए में 90 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। वहीं अन्य निर्धारित करों में 65 प्रतिशत तक की जबकि बकाया प्रपत्र सीएफ दाखिल किए जाने पर इससे संबंधित करों में 100 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। यदि विवाद के लिए कोई अपील या रिविजन दाखिल नहीं भी किया गया है तो भी इस योजना का लाभ लिया जा सकता है।

                          इस योजना में 31 दिसंबर 2019 तक के वैट, सीएसटी, ईटी, बीएसटी व अन्य करों पर 65 से 90 प्रतिशत तक के छूट का प्रावधान है। इस वन टाइम सेटलमेंट स्कीम हेतु आगामी 29 फरवरी को अंचल कार्यालय द्वारा जिले के विभिन्न चैंबर ऑफ़ कॉमर्स कार्यालयों में विशेष कैंप का आयोजन किया जा रहा है। जहाँ अंचल के पदाधिकारियों द्वारा अधिक से अधिक आवेदनों को दाखिल कराने हेतु कैंप लगाकर आवेदन प्राप्ति के कार्य किए जाएंगे।

                    मंगलवार को राज्य कर संयुक्त आयुक्त देवानंद शर्मा द्वारा पत्रांक 433 जारी कर जिले के जयनगर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स, मिथिलांचल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स, सीएआईटी जयनगर को इस स्कीम के सफल क्रियान्वन हेतु अधिक से अधिक व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने का अनुरोध किया गया है। बता दें कि इस योजना का लाभ लेने हेतु आवेदन की अंतिम तिथि आगामी 25 मार्च तक निर्धारित की गयी है। संबंधित व्यवसायी इस तिथि से पूर्व आवेदन देकर इसका फायदा उठाकर विवादों से समाधान ले सकते हैं।