कृषि योजनाओं में जारी अनियमितता को लेकर जिप श्रवण यादव ने कृषि मंत्री को लिखा पत्र

◆ किसानहित में राजकीय नलकूपों के लगाये जाने व बंद पड़े नलकूपों को चालू किए जाने का अनुरोध

◆ पत्र के माध्यम से फसल क्षति, पीएम किसान योजना व कृषि यंत्र अनुदान योजनाओं की जांच की मांग

कोशी एक्सप्रेस: मधुबनी (बिहार) से बी.चन्द्र की रिपोर्ट

                 मधुबनी जिला अंतर्गत मधवापुर के क्षेत्र संख्या चार के जिला पार्षद श्रवण कुमार यादव ने सूबे के कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार को पत्र लिखकर प्रखंड क्षेत्र व जिले में कृषि योजनाओं में जमकर जारी अनियमितता पर रोक लगाने व किसानों की समस्याओं का समाधान करने का अनुरोध किया है। इस बाबत कृषि मंत्री डॉ कुमार को लिखे पत्र में जिप यादव ने कहा है कि प्रखंड के किसानों के बीच अबतक फसल क्षति का भुगतान नहीं हो पाया है। वहीं पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने से हरलाखी विधानसभा क्षेत्र के मधवापुर, हरलाखी व बेनीपट्टी प्रखंड के हजारों किसान अब भी वंचित हैं। इससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा है कि सही अभिलेख होने के बावजूद अधिकारीयों द्वारा पीएम किसान के तहत आवेदन निरस्त कर दिया जाता है जिससे किसान इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

                        जिप यादव ने आरोप लगाया है कि सरकार की इस योजना को कारगर व प्रभावी तरीके से लागू करने में खुद सरकारी अधिकारी ही बाधक बने हुए हैं। उन्होंने जिले में कृषि बीज वितरण में भी अनियमितता बरते जाने की शिकायत करते हुए बीज वितरण का भौतिक सत्यापन कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग कृषि मंत्री से की है।
वहीं डीजल अनुदान राशि से बहुतायत किसानों के वंचित रहने के कारण उन्हें जल्द अनुदान राशि वितरित किए जाने, किसानों की सिंचाई सुविधा को बेहतर बनाने के लिए नए नलकूप लगाए जाने व विधानसभा क्षेत्र में बंद पड़े राजकीय नलकूपों के चालु किए जाने की मांग की है। पत्र में आगे उन्होंने लिखा है कि मधुबनी जिले में कृषि यंत्रों हेतु अनुदान वितरण में भी भारी पैमाने पर अनियमितता बरती गयी है जहाँ किसानों को बिना यंत्र उपलब्ध करवाए ही अनुदान राशि का गोलमाल कर लिया गया है।

                       स्मारित करते हुए उन्होंने कहा है कि जिला कृषि विभाग में किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामले 2018 में ही उजागर हो गए थे जब आरटीआई के तहत मांगी गयी सूचना पर हुई पड़ताल में चौंकानेवाले वाकये सामने आये थे। जिन किसानों के यहाँ रोटावेटर होने की सूचना थी उनको इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी और वे बिलकुल अनभिग्य थे। वर्ष 2012-13 में कुल 241 किसानों को रोटावेटर के लिए कुल 96 लाख 30 हजार रुपए अनुदान के रूप में जारी किए गए थे जिसमें यंत्र उपलब्ध करानेवाली तीन चार एजेंसियों ने जमकर गड़बड़ी की थी। तब तत्कालीन जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार के द्वारा मामले की जाँच कर दोषी एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कहि गयी लेकिन आज तक उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गयी जिससे सरकार की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। जिप यादव ने कृषि मंत्री से उक्त मामले की जाँच अपने स्तर से कराए जाने का अनुरोध किया है। साथ ही जिले के सभी 21 प्रखंडों में कृषि यंत्रों के घोटाले की राज्यस्तरीय टीम द्वारा जांच कराए जाने की मांग की है। ताकि जिले में कृषि विभाग की योजनाओं में जारी लूट खसोट पर रोक लगाया जा सके व किसानों को योजनागत सुविधा का लाभ दिलाया जा सके।