जिले के कोल्ड चैन हैंडलर एवं डाटा हैंडलर का हुआ प्रशिक्षण

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कोल्ड चेन में वैक्सीन होगा सुरक्षित, मोबाइल ऐप से टीके की गुणवत्ता पर रखी जा रही नजर
वैक्सीन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग दिया गया प्रशिक्षण
इलेक्ट्रॉनिक्स वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क का किया जा रहा इस्तेमाल
कोल्ड चेन में तापमान घटने या बढ्ने पर अलार्म से सूचना

मधुबनी: जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन का निर्माण किया गया है। कोल्ड चेन में वैक्सीन के लिए जरूरी तापमान बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की भी जरूरत होती है। अब इस समस्या का समाधान हो गया है। कोल्ड चेन में रखी जाने वाली वैक्सीन की गुणवत्ता पर अब मोबाइल एप्प से नजर रखी जा रही है। वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (ईविन) से सदर अस्पताल सहित पीएचसी के कोल्ड चेन प्वाइंट को जोड़ा गया है। इस इविन सिस्टम में एप्प के माध्यम से वैक्सीन के तापमान एवं गुणवत्ता आदि पर नजर रखी जा रही है। इसी के बेहतर निगरानी के लिए जिले के 46 कोल्ड चैन हैंडलर एवं 27 डाटा हैंडलर एक दिवसीय प्रशिक्षण सदर अस्पताल के सभागार में हुआ प्रशिक्षण यूएनडीपी के कोल्ड चैन मैनेजर अनिल कुमार ने दिया प्रशिक्षण में मैनेजर ने बताया कोल्ड चैन उपकरण का रखरखाव वैक्सिंग एवं अन्य जरूरी चीजों का प्रबंधन तथा टीकाकरण के अपशिष्ट का निष्पादन कैसे करना है प्रतिदिन रिकॉर्ड पुस्तिका में तापमान को लिखना भंडार में वैक्सिंग के रखरखाव के लिए आपात स्थिति की पहचान करना तथा उसकी योजना बनाना कोल्ड चैन उपकरण के नियमित रखरखाव में कोल्ड चेन टेक्नीशियन की सहायता करना इत्यादि के बारे में जानकारी दी गई।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग हुआ संभव: इविन मोबाइल एप्लिकेशन से सभी कोल्ड चेन में उपलब्ध वैक्सीन की ऑनलाइन मोनिट्रिंग की जानकारी दी गई। साथ ही इससे टीके की गुणवत्ता पर भी नजर राखी जा रही है। टीके के सुरक्षित भंडारण के लिए नियत तापमान की जरूरत होती है। नियत तापमान में कमी या वृद्धि के कारण टीके के ख़राब होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन इस एप की मदद से यह कार्य आसान हो गया है। अब कोल्ड चेन में नियत तापमान में कमी या वृद्धि होने पर अलार्म बजने लगता है। साथ ही इसकी सूचना एप के जरिये कोल्ड चेन प्रबंधक से लेकर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं यूनिसेफ के जिला अधिकारी को भी प्राप्त हो जाती है।
ऐसे काम करता है इविन : कोल्ड चेन में टीके रखने के डीप फ्रीजर में थर्मामीटर लगाए हुए हैं। ऐसे में फ्रीजर के बंद या खराब होने पर इसकी जानकारी संबंधित स्टाफ के पास चली जाती है। फ्रीज का तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा जाने पर मोबाइल से मैसेज व अलार्म बजने लगता है। ऐसे में तुरंत स्टाफ जाकर टीके को देख लेता है और उसे खराब होने से बचा लिया जाता है।
स्टॉक कीजानकारी  हो रही अपडेट : कोल्ड चेन स्टाफ को टीके की मॉनिटरिंग सिस्टम के लिए स्मार्ट फोन और एक जीबी का डाटा प्लान दिया गया है। वह इविन नेटवर्क की एप के जरिए टीके के स्टॉक को अपडेट करते हैं। इससे आरसीएचओ और जिला कोल्ड चेन मैनेजर को इविन वेबसाइट पर वैक्सीन की करेंट स्टॉक की जानकारी मिल जाती है। साथ ही विकसित किए गए एडवांस एप से कहां कितनी वेक्सिन है, वेक्सिन का रख-रखाव कैसा हुआ है यह भी जीपीएस से स्वचालित तौर पर अपडेट होता है। इसकी रिपोर्ट भी जिला स्तरीय पदाधिकारी को नियमित तौर पर प्राप्त होती है। इससे कोल्ड चेन में रखी दवा की एक्सपायरी भी जानने में आसानी हो रही है।
सिविल सर्जन किशोर चन्द्र चौधरी ने बताया ने बताया एविन एप से वेक्सिन के रख-रखाव में काफी आसानी हुई है। जीपीएस से वेक्सिन के कोल्ड चेन मेंटेनेंस सहित अन्य जानकारियां भी आसानी से मिल रही है। इस एप्लिकेशन के उपयोग को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षित भी किया गया है। यह एक नवीन पहल है जिससे टीके की गुणवत्ता तो सुनिश्चित ही की जा रही है, साथ में इसकी उपलब्धता एवं रख-रखाव का भी पूरा ब्योरा प्राप्त हो पा रहा है। इस इस अवसर पर एसीएमओ, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एस के विश्वकर्मा, एसीएमओ डॉ.सुनील कुमार यूएनडीपी के कोल्ड चेन मैनेजर अनिल कुमार डब्ल्यूएचओ आदर्श वर्गीज, हामिद अंसारी आदि उपस्थित थे