जिले में 1.29 लाख से अधिक परिवारों के बने गोल्डन कार्ड

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योजना के तहत जिले के 8.5 लाख परिवारों को किया गया है चिन्हित
प्रति वर्ष 5 लाख तक के निःशुल्क ईलाज का है प्रावधान
शिविर लगाकर बनाए जा रहे गोल्डन कार्ड

मुंगेर: आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की मुहिम जिले में तेज कर दी गयी है. इस योजना के तहत जिले के 8.5 लाख परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा दी जानी है। जिसमें 19 फरवरी तक जारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में लगभग 15.28 प्रतिशत लाभुकों यानी 1 लाख 29 हजार 919 परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके हैं.जिले के सभी प्रखंडों में शिविर लगाकर बनाये जाएंगे गोल्डन कार्ड:
अब तक जिले में 1 लाख 29 हजार 919 परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाये गये हैं. जबकि 1.16 लाख परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं. इसके लिए जिले से लेकर पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों के गोल्डन कार्ड बनाये जा रहे हैं. लोगों को योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए कुल 24 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है. जिसमें 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल एवं सदर अस्पताल को सूचीबद्ध किया गया है.12 फरवरी तक गोल्डन कार्ड लाभुकों का आंकड़ा :
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत मुंगेर जिला के विभिन्न प्रखंडों में गोल्डन कार्ड लाभुकों की 12 फरवरी तक जारी सूची के मुताबिक सबसे अधिक बरियारपुर प्रखंड में 16846, मुंगेर सदर में 15734, तारापुर प्रखंड में 14232, हवेली खड़गपुर प्रखंड में 13949, धरहरा प्रखंड में 11667, संग्रामपुर प्रखंड में 10202, टेटिया बंबर प्रखंड में 7348, जमालपुर प्रखंड में 7154, असरगंज प्रखंड में 5677 लाभुकों के गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं।इन रोगों का होता है इलाज
आयुष्मान भारत योजना के तहत हड्डी, ऑर्थो, बर्न, नसबंदी, प्रसव, नवजात शिशु, इमरजेंसी रूम पैकेज, जानवर के काटने पर इलाज, शरीर के अंग के टूटने पर प्लास्टर, फूड प्वायजनिंग, हाई फीवर का किशोरावस्था, नवजात शिशु, जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसीन आदि के मुफ्त इलाज का प्रावधान है।

उम्र की कोई बंदिश नहीं:
योजना का लाभ उठाने के लिए उम्र की बाध्यता एवं परिवार के आकार को लेकर कोई बंदिश नहीं है। योजना को संचालित करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी ने एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसके जरिये लाभार्थी यह जान सकते हैं कि उनका नाम लिस्ट में शामिल है या नहीं। लिस्ट में नाम जांचने के लिए mera.pmjay.gov.in वेबसाइट देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती है।

कार्ड नहीं बना है तो राशन व आधार कार्ड से मुफ्त इलाज:
सिविल सर्जन डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने बताया अगर आयुष्मान योजना में नाम होगा और गोल्डन कार्ड नहीं बना होगा तो भी नि:शुल्क जांच-इलाज किया जायेगा। लेकिन मरीज को राशन कार्ड व आधार कार्ड इलाज के दौरान उपलब्ध कराना होगा। इससे संबंधित निजी अस्पतालों को भी ऐसा करना होगा। अगर नहीं करता है तो कार्रवाई होगी।