6 माह से ऊपर के बच्चों को दिया गया अनुपूरक आहार

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 अनुपूरक आहार के बारे में दी गयी जानकारी

मधुबनी :आंगनबाड़ी सेविका ने 6 माह से अधिक उम्र वाले सभी बच्चों के घर-घर जाकर अन्नप्रासन आयोजन का निमंत्रण दिया. साथ ही बच्चों के माता-पिता से आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को लाने की अपील भी की. उनकी यह मेहनत रंग लायी. बुधवार को फुलपरास प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 42 पर सुबह से ही बच्चों की आवाजें आने लगी. सभी माताएं अपने 6 माह से ऊपर के बच्चों को अन्नप्राशन के लिए केंद्र पर ले आई थी. उन माताओं में सरिता भी शामिल थी, जो अपने बच्चे को गोद में लिए बच्चे के अन्नप्राशन का इंतजार करती दिखी. बच्चे के अन्नप्रासन कराने तक सरिता आंगनबाड़ी सेविका वीना सिन्हा द्वारा दूसरी माताओं को दी जाने वाली सलाह भी ध्यान से सुन रही थी. सरिता देवी के बच्चे का भी अन्नप्रासन हुआ एवं आंगनबाड़ी सेविका ने उसे भी अनुपूरक आहार की जरूरत के विषय में जानकारी दी.
कुछ ऐसा ही मंजर जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों पर देखने को मिला. जहाँ बच्चों को खीर खिलाकर उनका अन्नप्रासन किया गया. साथ ही शामिल माताओं को अनुपूरक आहार के बारे में विस्तार से बताया भी गया. प्रयेक माह की 19 तारीख को आयोजित होने वाले इस अन्नप्रासन समारोह से पोषित समाज की कहानी लिखी जा रही है. जो सुपोषित एवं स्वस्थ समाज की बुनियाद तैयार करने में सहायक होने वाली है.

बच्चों को निमोनिया से बचाव की जानकारी :
आंगनबाड़ी सेविका वीना सिन्हा ने केंद्र में आयी महिलाओं को अनुपूरक आहार की जरूरत के साथ बच्चों को निमोनिया से बचने की सलाह भी दी. उन्होंने बताया बच्चों को निमोनिया का अधिक ख़तरा होता है. इसलिए बच्चों को निमोनिया से बचाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है. निमोनिया से बचाव के लिए बच्चों को निःशुल्क पीसीवी का टीका लगाया जाता है. इसलिए उन्होंने अन्नप्रासन के लिए आयी माताओं को आरोग्य दिवस पर निमोनिया से बचाव के लिए दी जाने वाले टीके के बारे में जानकारी भी दी.

छोटे बच्चों का रखें ध्यान :
इस दौरान 6 माह से कम उम्र के बच्चों की माताओं को उनके विशेष तौर पर ख्याल रखने की सलाह दी गयी. साथ ही 6 माह से कम उम्र के बच्चों को केवल माँ का दूध देने पर बल दिया गया. 6 माह के बाद स्तनपान के साथ बच्चे को अनुपूरक आहार देने के विषय में जानकारी दी गयी. साथ ही अनुपूरक आहार के प्रति बच्चों में रुझान बढ़ाने के लिए अनुपूरक आहार को स्वादिष्ट करने के संबंध में भी विस्तार से बताया गया.
अनुपूरक आहार की जरूरत एवं फायदे की दी गई जानकारी :
इस दौरान माताओं को बुलाकर बच्चों के लिए 6 माह के बाद के उपरी आहार की जरूरत के विषय में भी जानकारी दी गयी. सेविका ने बताया 6 माह से 9 माह के शिशु को दिन भर में 200 ग्राम सुपाच्य मसला हुआ खाना, 9 से 12 माह में 300 ग्राम मसला हुआ ठोस खाना, 12 से 24 माह में 500 ग्राम तक खाना खिलाऐं. इसके अलावा अभिभावकों को बच्चों के दैनिक आहार में हरी पत्तीदार सब्जी और पीले नारंगी फल को शामिल करें.