राष्ट्रीय बालिका दिवस पर गुड़िया साह के नेतृत्व में निकाली गयी मार्च

कोशी एक्सप्रेस: बी.चन्द्र की रिपोर्ट

           मधुबनी: जिले के हरलाखी में बालिका दिवस के अवसर पर जागरूकता अभियान संस्था के उप संचालिका गुड़िया साह के नेतृत्व में स्कूली छात्राओं के साथ पैदल मार्च निकाला गया। मार्च बीआरसी भवन से लेकर अंबेडकर चौक तक बालिकाओं ने विभिन्न नारों के साथ निकाली। इस अवसर पर गुड़िया ने कहा कि आज की बालिका जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही है चाहे वो क्षेत्र खेल हो, या राजनीति, घर हो या उद्योग। एशियन खेलों के गोल्ड मैडल जीतना हो या राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होकर देश सेवा करने का काम हो। लेकिन इसके उपरान्त आज भी वह अनेक कुरीतियों की शिकार हैं। ये कुरीतियां उसके आगे बढ़ने में बाधाएं उत्पन्न करती हैं। पढ़े-लिखे लोग और जागरूक समाज भी इस समस्या से अछूता नहीं है।                      आज हजारों लड़कियों को जन्म लेने से पहले ही कोख में मार दिया जाता है या जन्म लेते ही लावारिस छोड़ दिया जाता है। आज भी समाज में कई घर ऐसे हैं, जहां बेटियों को बेटों की तरह अच्छा खाना और अच्छी शिक्षा नहीं दी जा रही है। हम अनेकों अवसरों पर कन्या का पूजन करते हैं लेकिन जब खुद के घर बालिका जन्म लेती है तो मातम का माहौल बना लेते हैं। यह हालात भारत के हर हिस्से में हैं।

                       कन्याओं को अभिशाप मानने वाले यह भूल जाते हैं कि वह उस देश के वासी हैं जहां देवी दुर्गा को कन्या रूप में पूजने की प्रथा है। जो लोग कन्याओं को बोझ मानते हैं उन्हें ही सही मार्ग बताने और कन्या-शक्ति को जनता के सामने लाने के लिए हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर पर शिक्षक अब्दुस समद ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक जटिल मसला है असल में इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी स्त्रियों की जागरूकता ही है, क्योंकि इस संदर्भ में निर्णय तो स्त्री को ही लेना होता है मौके पर प्रिया कुमारी शिक्षक मो.षेराउद्दीन, अशोक कुमार प्रभाकर समेत अन्य शिक्षकों के साथ सैकड़ों बालिकाओं ने भाग लिया।