परिवार नियोजन के लिए योग्य माने जाने वाले दंपतियों की संख्या 1 लाख से अधिक:सिविल सर्जन

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100 में से 21 दंपति अनमेट नीड वाले
परिवार नियोजन सेवा सप्ताह के दौरान दी जायेगी सेवाएं
लखीसराय : जिले में 1.80 लाख दंपति परिवार नियोजन के लिए योग्य दंपति माने गये हैं. लेकिन राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के अनुसार जिले में अनमेट नीड वाले 21 प्रतिशत दंपति जो परिवार नियोजन पर जानकारी चाहते हैं लेकिन उन्हें इस संबंध में बहुत अधिक जानकारी नहीं प्राप्त होती है. इसको लेकर 14 जनवरी से 20 जनवरी तक दंपति संपर्क सप्ताह के दौरान उन्हें परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी दी गयी है. अब ऐसे दंपतियों जो परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों जैसे अंतरा या छाया सहित गर्भनिरोधक के दूसरे विकल्प अपनाना चाहते हैं उनकी लाइनलिस्टिंग कर उन्हें परिवार नियोजन का लाभ दिया जायेगा. दो चरणों में शुरू हुए इस अभियान की समाप्ति 31 जनवरी को होगी.लाभार्थियों को मिलेगा लाभ:
सिविल सर्जन डॉ सुरेश शरण ने बताया दंपति संपर्क सप्ताह के बाद परिवार नियोजन सेवा सप्ताह का आयोजन कर इसका लाभ दंपतियों को दिया जायेगा. जिले में 1.80 लाख योग्य दंपति हैं जिन्हें ये परिवार नियोजन की जरूरत है. आश व आंगनबाड़ी सेविकाओं की मदद से 21 तारीख तक लाभार्थियों की सूची तैयार की जा चुकी है. कनर्वेंजेंस मीटिंग के बाद आशाओं व आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से लाभ प्राप्त करने वाले लोगों की सूची तैयार की जा चुकी है.केयर इंडिया के जिला ईकाई संसाधन के टीम लीडर नावेदउर रहमान ने बताया परिवार नियोजन के लाभ पहुंचाने वाले लोगों की लाइनलिस्टिंग की जा चुकी है. परिवार नियोजन सेवा सप्ताह के दौरान अब उन्हें नसबंदी, अंतरा, छाया, माला एन व डी सहित सभी स्थायी व अस्थायी विकल्पों का लाभ दिया जायेगा.मिशन परिवार विकास अभियान का उद्देश्य:
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कुल प्रजनन दर(प्रति महिला बच्चों की कुल संख्या) में कमी, आधुनिक गर्भनिरोधों के उपयोग को बढ़ाने, गर्भनिरोधक साधनों की सामुदायिक स्तर पर पहुँच सुनिश्चित करने एवं परिवार नियोजन के प्रति जन-जागरुकता को बढ़ाने के लिए उच्च कुल प्रजनन दर की सूची में शामिल बिहार में मिशन परिवार विकास की शुरुआत की गयी है. सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार अभी बिहार की कुल प्रजनन दर 3.2 है. मिशन विकास परिवार के तहत वर्ष 2025 तक बिहार के प्रजनन दर को 2.1 तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिसमें नवीन गर्भनिरोधक साधन अंतरा एवं छाया, सारथी वैन से परिवार नियोजन पर जागरूकता, नवदंपति के लिए नयी पहल किट एवं सामुदायिक जागरूकता के लिए सास-बहू सम्मेलन जैसी नवीन गतिविधियों को शामिल किया गया है.